आजमगढ़: जहरीली शराब से मौत के मामले में एसओ, चौकी इंचार्ज व बीट कांस्टेबल पर गिरी गाज
आजमगढ़ जिले में जहरीली शराब से 22 लोगों की मौत हुई थी, जबकि पड़ोसी जिले अंबेडकरनगर में छह लोगों की जान गई थी।
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आजमगढ़ जिले के पवई थान क्षेत्र के मित्तूपुर व आसपास के अन्य ग्रामों में जहरीली शराब से मौत का मामला आखिरकार पुलिस महकमे ने स्वीकार ही कर लिया। अब तक जिले में जहरीली शराब प्रकरण को सिरे से नकार रहे एसपी सुधीर कुमार सिंह ने गुरुवार को एसओ पवई, चौकी प्रभारी मित्तूपुर व बीट कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। अभी इनके स्थान पर किसी और की तैनाती नहीं की गई है।
बीते रविवार से मित्तूपुर में जहरीली शराब से मौत का मामला चल रहा है। मंगलवार को स्वयं एसपी सुधीर कुमार सिंह भी पांच घंटे क्षेत्र में रहे। जहरीली शराब से 22 लोगी की मौत हुई थी लेकिन एसपी मीडियाकर्मियों के मोबाइल व कैमरा आदि पुलिसकर्मियों से छिनवाने में ही जुट रहे। शाम में मुख्यालय पर आने पर जिले में जहरीली शराब से एक की मौत न होने की बात कहते हुए पूरे प्रकरण को ही छिपाने की कवायद शुरू कर दिया।
एसपी से एक कदम आगे चलते हुए बुधवार को जिलाधिकारी ने लेखपाल के माध्यम से पीड़ित परिवार को मुआवजा देने के नाम पर अंगूठा व हस्ताक्षर कागज पर करा लिया। जिस पर लेखपाल मौत का कारण शराब के बजाए अंकित कर रहा था। अमर उजाला पुलिस व जिला प्रशासन के इन दोनों प्रकरणों को प्रमुखता से प्रकातिश किया तो गुरुवार को एसपी ने एसओ पवई अयोध्या तिवारी, मित्तूपुर चौकी प्रभारी अरूण कुमार सिंह व बींट कांस्टेबल राजकिशोर को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया।
एसपी ने इस कार्रवाई में भी पड़ोसी जनपद अंबेडकरनगर को जोड़ा और कहा कि 11 मई को अंबेडकरनगर के जैदपुर थाना क्षेत्र में जहरीली शराब से पांच की मौत हुई थी। जैदपुर थाने में मुकदमा पंजीकृत हुआ था। जिसकी विवेचना में यह बात प्रकाश में आई थी कि मित्तूपुर में ठेके के पास से ही अवैध शराब कारोबारी द्वारा शराब बेची जा रही थी, जिसे पीने से ही अंबेडकरनगर में पांच मौत हुई है। इसके बाद भी एसओ पवई, चौकी प्रभारी मित्तूपुर व बीट कांस्टेबल ने कोई कार्रवाई नहीं किया और निष्क्रिय बने रहे। जिसके चलते इन्हें निलंबित किया गया।