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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Six crore rupees lost in the undergrowth; water failed to reach the tail-ends of several canals.

Azamgarh News: झाड़ियों में खो गए छह करोड़, कई नहरों में टेल तक नहीं पहुंचा पानी

Wed, 16 Sep 2026 12:44 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 16 Sep 2026 12:44 AM IST
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Six crore rupees lost in the undergrowth; water failed to reach the tail-ends of several canals.
नहर में उगी झाड़ियां। संवाद
किसानों के खेतों तक पर्याप्त पानी पहुंचाने के लिए वर्ष 2025-26 में सिंचाई विभाग ने छह करोड़ रुपये खर्च कर दिए। इसके बाद भी 12 से अधिक नहरों में टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है। अब फिर नहरों की सफाई की योजना बन रही है।
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जिले में शारदा सहायक खंड 32 और शारदा सहायक खंड 23 की कई नहरें व माइनर हैं। इसके अलावा शारदा सहायक खंड 36 जौनपुर और सिंचाई खंड टांडा (अंबेडकर नगर) की भी शाखाएं जिले में आई हैं।
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इन चार खंडों की 374 नहरों की सफाई पर छह करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। किसान हरेंद्र सिंह, जीयाराम यादव, विनोद सिंह, रामआसरे ने बताया कि मुख्य रजवाहों को छोड़ दिया जाए तो अन्य नहरों की सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती है।
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इसके कारण पानी टेल तक नहीं पहुंच पाता है। ज्यादा परेशानी रबी सीजन में होती है। 12 से अधिक नहरों में पानी टेल तक नहीं पहुंचता है। मंदे, कटहन, अंबारी, सगड़ी आदि क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में टेल तक पानी नहीं पहुंच पाता। इससे खेती प्रभावित होती है।
बूढ़नपुर: शारदा सहायक खंड 32 मठ गोविंद से ककरही होते हुए देऊरपुर बाजार से होते हुए बनकट जगदीश गांव जाने वाली नहर में न तो पानी आता है और न ही इसकी सफाई होती है। यही हाल बिसईपुर नहर का भी है।
फरिहा: क्षेत्र के असीलपुर, परसहा, चकिया, हुसैनाबाद, मैनपारपुर होते हुए गंधुवई आदि गांवों से होकर जाने वाली माइनर झाड़ियों से पट गई है। किसान बृजेश पांडेय, अशोक, रामसूरत ने बताया कि इस माइनर से कभी किसानों की फसलों की सिंचाई नहीं हो पाई। किसान हमेशा पंपिंग सेट या ट्यूबवेल से फसलों की सिंचाई करते हैं।
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झाड़ियों के कारण नहीं निकल पाता पानी
रानी की सराय। शारदा सहायक नहर की सहायक शाखा जो हसनपुर, गंधुवई, बीबीपुर, पंदहा विठ्ठलपुर, चंडई होते हुए तमसा नदी की तरफ निकल जाती है। किसान रामप्रवेश यादव, संतोष, वीरेंद्र, रमाकांत ने बताया कि इसमें इतना घास-फूस और झाड़ियां उग गई हैं कि पानी निकालना ही बहुत मुश्किल है। किसी भी सीजन में फसलों को भरपूर पानी नहीं मिल पाता है। समय पर साफ-सफाई भी नहीं होती है।
टेल तक नहीं पहुंचता पानी
देवगांव। खंड-23 के टीकरगढ़ रजवाहा में टेल तक पानी नहीं पहुंचता। इसकी लंबाई लगभग 34 किमी है। जलशक्ति मंत्री का निर्देश और क्षेत्रीय विधायक का प्रयास भी काम नहीं आया। नहर से जुड़े हजारों किसान हर सीजन में नहर में पानी आने का इंतजार करते हैं। फैजुल्लाहपुर में तो पांच कुलाबा में से तीन कुलाबा को पक्की दीवार बनाकर बंद कर दिया गया है। केवल दो गेट से ही पानी छोड़ा जाता है। वह भी टेल तक नहीं पहुंच पाता।

---वर्जन
टेल तक पानी पहुंचे इसके लिए हर साल नहरों की सफाई कराई जाती है। नहरों में बारिश से घास-फूस और झाड़ियां हो गई हैं। नवंबर में नहरों की सफाई कराई जाएगी, ताकि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। -हर्षेंद्र गुप्ता, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग

नहर में उगी झाड़ियां। संवाद

नहर में उगी झाड़ियां। संवाद

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