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कड़ी होगी जिला जेल की सुरक्षा, लगेगा एक और गेट
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आजमगढ़। कुख्यात अपराधियों की गतिविधियों के चलते हमेशा निशाने पर रहने वाले मंडलीय जेल की सुरक्षा को चौक चौबंद करने के लिए शासन की ओर से दो प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। कारागार में लोहे का एक अतिरिक्त गेट बनवाया जाएगा। वहीं, मुख्य द्वार के सामने तलाशी के लिए कक्ष का भी निर्माण कराया जाएगा। दोनों ही कार्यों को स्वीकृति देते हुए शासन की ओर से धन जारी कर दी है।
आजमगढ़ के इटौरा स्थित मंडलीय कारागार किसी न किसी मामलों के लेकर हमेशा चर्चा में रहता है। दो साल पहले जेल में 60 मोबाइल बरामद हुए थे। इस पर जेल में बवाल भी हुआ था। तब कई अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई। हाल ही में लखनऊ में हुए मऊ जिले के पूर्व ज्येष्ठ ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह की हत्या के तार आजमगढ़ से जुड़ने और इसे मुख्य आरोपियों के आजमगढ़ जेल में निरुद्ध होने से ये फिर से चर्चा में हैं। हत्याकांड को लेकर यहां के वरिष्ठ कारागार अधीक्षक रहे आरके मिश्रा को लखनऊ अटैच किया जा चुका है। वहीं, कई बंदी रक्षकों का स्थानांतरण भी किया गया। जेल में निरुद्ध कुख्यात ध्रुव कुमार सिंह कुंटू, अखंड प्रताप और ऊधम सिंह के साथ ही इनके चार सहयोगियों को भी अन्य जेलों में स्थानांतरित किया जा चुका है। पिछले दिनों जिले में सुरक्षा उपकरणों के लिए धनराशि मंजूर की गई थी। अब सर्किल में नया गेट लगाने के लिए 6.48 लाख रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। पहली किस्त में 3.24 लाख की धनराशि भी जारी की गई है। उधर मुख्य द्वार पर तलाशी कक्ष के लिए 11.63 लाख का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है। इसमें 5.81 लाख की धनराशि जारी की गई है। कार्य जल्द शुरू करने की उम्मद जताई जा रही है। जेल अधीक्षक विनोद सोनकर ने बताया कि पूर्वर्ती अधिकारी की ओर से ये प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। अभी शासनादेश नहीं मिला है। प्रस्ताव मंजूर होने और धनराशि मिलने पर ये कार्य कराए जाएंगे।
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आजमगढ़ के इटौरा स्थित मंडलीय कारागार किसी न किसी मामलों के लेकर हमेशा चर्चा में रहता है। दो साल पहले जेल में 60 मोबाइल बरामद हुए थे। इस पर जेल में बवाल भी हुआ था। तब कई अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई। हाल ही में लखनऊ में हुए मऊ जिले के पूर्व ज्येष्ठ ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह की हत्या के तार आजमगढ़ से जुड़ने और इसे मुख्य आरोपियों के आजमगढ़ जेल में निरुद्ध होने से ये फिर से चर्चा में हैं। हत्याकांड को लेकर यहां के वरिष्ठ कारागार अधीक्षक रहे आरके मिश्रा को लखनऊ अटैच किया जा चुका है। वहीं, कई बंदी रक्षकों का स्थानांतरण भी किया गया। जेल में निरुद्ध कुख्यात ध्रुव कुमार सिंह कुंटू, अखंड प्रताप और ऊधम सिंह के साथ ही इनके चार सहयोगियों को भी अन्य जेलों में स्थानांतरित किया जा चुका है। पिछले दिनों जिले में सुरक्षा उपकरणों के लिए धनराशि मंजूर की गई थी। अब सर्किल में नया गेट लगाने के लिए 6.48 लाख रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। पहली किस्त में 3.24 लाख की धनराशि भी जारी की गई है। उधर मुख्य द्वार पर तलाशी कक्ष के लिए 11.63 लाख का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है। इसमें 5.81 लाख की धनराशि जारी की गई है। कार्य जल्द शुरू करने की उम्मद जताई जा रही है। जेल अधीक्षक विनोद सोनकर ने बताया कि पूर्वर्ती अधिकारी की ओर से ये प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। अभी शासनादेश नहीं मिला है। प्रस्ताव मंजूर होने और धनराशि मिलने पर ये कार्य कराए जाएंगे।
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