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Azamgarh News: विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना का दायरा बढ़ा, 14 नए ट्रेड जुड़े
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बेरोजगार युवाओं को हुनरमंद बनाकर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए योजना का दायरा बढ़ा दिया गया है। अब विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 के तहत 14 नए ट्रेड को शामिल किया गया है।
इसमें युवाओं को 10 दिवसीय निःशुल्क कौशल उन्नयन प्रशिक्षण की सुविधा मिलेगी। टूलकिट और ऋण सुविधा का भी लाभ मिलेगा।
उद्योग विभाग के अनुसार, योजना के तहत पूर्व में शामिल 11 ट्रेड में कुम्हार, बढ़ई, लोहार, नाई, राजमिस्त्री, सुनार, दर्जी, टोकरी, बुनकर, हलवाई, मोची समेत अन्य पारंपरिक कार्य शामिल हैं।
जिला उद्योग केंद्र के सहायक उपायुक्त प्रभात रंजन ने बताया कि बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन और सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पात्र कारीगरों को 10 दिवसीय निःशुल्क कौशल उन्नयन प्रशिक्षण दिया जाता है।
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प्रशिक्षण के बाद कार्यक्षमता, दक्षता और उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए उन्नत टूलकिट भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है। प्रशिक्षण की पात्रता के लिए ग्राम विकास अधिकारी, नगर पंचायत, नगर पालिका अधिशासी अधिकारी, नगर निगम के संबंधित जोनल अधिकारी या सहायक नगर आयुक्त समेत सरकारी विभाग, सरकारी मान्यता प्राप्त संस्थान का ट्रेड संबंधी प्रमाण पत्र मान्य होगा।
प्रशिक्षण प्राप्त लाभार्थियों को इकाई की स्थापना, तकनीकी उन्नयन, गुणवत्ता सुधार और प्रोसेसिंग जैसी गतिविधियों के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। ऋण में 15 प्रतिशत मार्जिन मनी सब्सिडी का प्रावधान है।
ऋण बिना गारंटी और बिना ब्याज के मिलेगा। सामान्य श्रेणी के पुरुष लाभार्थियों को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत, जबकि अन्य श्रेणी के पुरुष, महिला, थर्ड जेंडर, दिव्यांगजन और भूतपूर्व सैनिकों को पांच प्रतिशत स्वयं का अंशदान बैंक में जमा करना होगा।
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ये नए ट्रेड जुड़े
अब नए ट्रेड में मूर्तिकार, मालाकार, दूधवाला, भरभूजा, मधुमक्खी पालन के अलावा मोबाइल मरम्मत, ऑटोमोबाइल मरम्मत, इलेक्ट्रॉनिक सामान मरम्मत, बिजली सामान मरम्मत, प्लंबर, कंप्यूटर मरम्मत, सोलर इंस्टॉलेशन, डिजिटल फोटोग्राफी और सौंदर्य एवं वेलनेस जैसे आधुनिक ट्रेड को भी शामिल किया गया है।
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इसमें युवाओं को 10 दिवसीय निःशुल्क कौशल उन्नयन प्रशिक्षण की सुविधा मिलेगी। टूलकिट और ऋण सुविधा का भी लाभ मिलेगा।
उद्योग विभाग के अनुसार, योजना के तहत पूर्व में शामिल 11 ट्रेड में कुम्हार, बढ़ई, लोहार, नाई, राजमिस्त्री, सुनार, दर्जी, टोकरी, बुनकर, हलवाई, मोची समेत अन्य पारंपरिक कार्य शामिल हैं।
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जिला उद्योग केंद्र के सहायक उपायुक्त प्रभात रंजन ने बताया कि बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन और सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पात्र कारीगरों को 10 दिवसीय निःशुल्क कौशल उन्नयन प्रशिक्षण दिया जाता है।
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प्रशिक्षण के बाद कार्यक्षमता, दक्षता और उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए उन्नत टूलकिट भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है। प्रशिक्षण की पात्रता के लिए ग्राम विकास अधिकारी, नगर पंचायत, नगर पालिका अधिशासी अधिकारी, नगर निगम के संबंधित जोनल अधिकारी या सहायक नगर आयुक्त समेत सरकारी विभाग, सरकारी मान्यता प्राप्त संस्थान का ट्रेड संबंधी प्रमाण पत्र मान्य होगा।
प्रशिक्षण प्राप्त लाभार्थियों को इकाई की स्थापना, तकनीकी उन्नयन, गुणवत्ता सुधार और प्रोसेसिंग जैसी गतिविधियों के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। ऋण में 15 प्रतिशत मार्जिन मनी सब्सिडी का प्रावधान है।
ऋण बिना गारंटी और बिना ब्याज के मिलेगा। सामान्य श्रेणी के पुरुष लाभार्थियों को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत, जबकि अन्य श्रेणी के पुरुष, महिला, थर्ड जेंडर, दिव्यांगजन और भूतपूर्व सैनिकों को पांच प्रतिशत स्वयं का अंशदान बैंक में जमा करना होगा।
ये नए ट्रेड जुड़े
अब नए ट्रेड में मूर्तिकार, मालाकार, दूधवाला, भरभूजा, मधुमक्खी पालन के अलावा मोबाइल मरम्मत, ऑटोमोबाइल मरम्मत, इलेक्ट्रॉनिक सामान मरम्मत, बिजली सामान मरम्मत, प्लंबर, कंप्यूटर मरम्मत, सोलर इंस्टॉलेशन, डिजिटल फोटोग्राफी और सौंदर्य एवं वेलनेस जैसे आधुनिक ट्रेड को भी शामिल किया गया है।