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Azamgarh News: स्कूल जा रही छात्रा का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म, बेहोशी की हालत में फेंका
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चिलकहर/रतसर (बलिया)। गड़वार थाना क्षेत्र की रतसर चौकी के एक गांव की 11वीं की छात्रा का सोमवार को अपहरण कर उसके साथ चार लोगों ने दुष्कर्म किया। वारदात के बाद आरोपी अचेत छात्रा को सीएचसी के पास फेंककर भाग निकले। गंभीर हालत में उसे सीएचसी से जिला महिला अस्पताल लाया गया। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद आजमगढ़ मेडिकल काॅलेज रेफर किया गया है। पीड़िता के पिता ने मंगलवार को रिश्ते के चाचा सहित चार लोगों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है, लेकिन पुलिस देर शाम तक तहरीर न मिलने की बात कहती रही। वहीं, डीआईजी सुनील कुमार सिंह जिले में विभागीय समीक्षा के लिए पहुंचे।
पीड़ित पिता ने तहरीर में आरोप लगाया कि उनकी 15 वर्षीय बेटी सोमवार की सुबह साइकिल से स्कूल के लिए निकली थी। रास्ते में रिश्ते के चाचा ने तीन अन्य लोगों के साथ बेटी को कार में बैठाकर एक कमरे में ले गए। बेटी के विरोध पर पिटाई कर कपड़े फाड़ दिए और सामूहिक दुष्कर्म किया। अचेत अवस्था में पुत्री को सीएचसी रतसर गेट के पास फेंककर भाग निकले। आसपास के लोगों ने इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचाया। आरोप है कि पुलिस केस के कारण चिकित्सक इलाज से बचते रहे। वहां डाॅयल 112 को सूचना दी। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने इलाज करवाया। वहीं, जिला महिला अस्पताल के डाॅक्टर शुभ्रांकर ने बताया कि डाॅ. अपूर्वा ने छात्रा का इलाज किया था, रक्तस्राव के कारण हालत गंभीर थी। इस वजह से मेडिकल काॅलेज के लिए रेफर किया गया था।
साहब मीटिंग में गए हैं...छह घंटे तक थाने में बैठी रही पीड़िता
चिलकहर। शासन के निर्देश पर मिशन शक्ति-5 के तहत महिलाओं को सशक्तीकरण के लिए जागरूक किया जा रहा है। वहीं, सामूहिक दुष्कर्म की पीड़िता थाने में मुकदमा दर्ज कराने के लिए छह घंटे तक इंतजार करती रही। थाना प्रभारी के डीआईजी की मीटिंग में होेने के कारण अन्य पुलिसकर्मी लापरवाह बने रहे।
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पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि आजमगढ़ मेडिकल कॉलेज से छुट्टी मिलने के बाद दोपहर 12 बजे के बाद थाने पहुंचे। यहां पर महिला हेल्प डेस्क पर तहरीर दी तो कांस्टेबल ने कहा कि साहब, डीआईजी की बैठक में गए हैं। आप लोग इंतजार कीजिए। बेटी की हालत खराब होने के बावजूद छह घंटे तक इंतजार करते रहे, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। पिता ने पुलिस पर तहरीर बदलवाने का भी आरोप लगाया। थानाध्यक्ष राकेश बहादुर सिंह ने मंगलवार की शाम 6:20 बजे तक तहरीर न मिलने की बात बताई। उनका कहना है कि सामूहिक दुष्कर्म की जानकारी नहीं है। त्योहार को लेकर बैठक में जिला मुख्यालय गया था। थाने पहुंचकर मामले जानकारी करने के बाद पूरी बात बताई जाएगी। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई होगी।
इस संबंध में एसपी से जानकारी ले रहा हूं। अगर ऐसा हुआ है तो मामले में एफआईआर दर्ज कर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। - सुनील कुमार सिंह, डीआईजी, आजमगढ़
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पीड़ित पिता ने तहरीर में आरोप लगाया कि उनकी 15 वर्षीय बेटी सोमवार की सुबह साइकिल से स्कूल के लिए निकली थी। रास्ते में रिश्ते के चाचा ने तीन अन्य लोगों के साथ बेटी को कार में बैठाकर एक कमरे में ले गए। बेटी के विरोध पर पिटाई कर कपड़े फाड़ दिए और सामूहिक दुष्कर्म किया। अचेत अवस्था में पुत्री को सीएचसी रतसर गेट के पास फेंककर भाग निकले। आसपास के लोगों ने इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचाया। आरोप है कि पुलिस केस के कारण चिकित्सक इलाज से बचते रहे। वहां डाॅयल 112 को सूचना दी। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने इलाज करवाया। वहीं, जिला महिला अस्पताल के डाॅक्टर शुभ्रांकर ने बताया कि डाॅ. अपूर्वा ने छात्रा का इलाज किया था, रक्तस्राव के कारण हालत गंभीर थी। इस वजह से मेडिकल काॅलेज के लिए रेफर किया गया था।
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साहब मीटिंग में गए हैं...छह घंटे तक थाने में बैठी रही पीड़िता
चिलकहर। शासन के निर्देश पर मिशन शक्ति-5 के तहत महिलाओं को सशक्तीकरण के लिए जागरूक किया जा रहा है। वहीं, सामूहिक दुष्कर्म की पीड़िता थाने में मुकदमा दर्ज कराने के लिए छह घंटे तक इंतजार करती रही। थाना प्रभारी के डीआईजी की मीटिंग में होेने के कारण अन्य पुलिसकर्मी लापरवाह बने रहे।
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पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि आजमगढ़ मेडिकल कॉलेज से छुट्टी मिलने के बाद दोपहर 12 बजे के बाद थाने पहुंचे। यहां पर महिला हेल्प डेस्क पर तहरीर दी तो कांस्टेबल ने कहा कि साहब, डीआईजी की बैठक में गए हैं। आप लोग इंतजार कीजिए। बेटी की हालत खराब होने के बावजूद छह घंटे तक इंतजार करते रहे, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। पिता ने पुलिस पर तहरीर बदलवाने का भी आरोप लगाया। थानाध्यक्ष राकेश बहादुर सिंह ने मंगलवार की शाम 6:20 बजे तक तहरीर न मिलने की बात बताई। उनका कहना है कि सामूहिक दुष्कर्म की जानकारी नहीं है। त्योहार को लेकर बैठक में जिला मुख्यालय गया था। थाने पहुंचकर मामले जानकारी करने के बाद पूरी बात बताई जाएगी। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई होगी।
इस संबंध में एसपी से जानकारी ले रहा हूं। अगर ऐसा हुआ है तो मामले में एफआईआर दर्ज कर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। - सुनील कुमार सिंह, डीआईजी, आजमगढ़