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सभी पात्र लाभार्थियों को शत-प्रतिशत गोल्डेन कार्ड से करें संतृप्त: मंडलायुक्त
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आजमगढ़। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना-आयुष्मान भारत योजना सरकार द्वारा वित्त-पोषित विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है, इस योजना से मंडल के सभी पात्र लाभार्थियों को गोल्डेन कार्ड उपलब्ध कराकर शत प्रतिशत संतृप्त किया जाय। अपर निदेशक, स्वास्थ्य एवं तीनों जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ ही अन्य विभागों का सहयोग लिया जाय। उक्त निर्देश मंडलायुक्त मनीष चौहान सोमवार की देर शाम मंडलायुक्त सभागार में मंडलीय समीक्षा बैठक के दौरान दिया।
उन्होंने कहा कि इस योजना में देश के किसी भी सरकारी व सूचीबद्ध प्राइवेट अस्पतालों में स्वास्थ्य उपचार के लिए प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक की धनराशि प्रतिवर्ष उपलब्ध कराई जाती है। इस योजना के तहत गोल्डेन कार्ड धारक लाभार्थी को अस्पताल में भर्ती होने से तीन दिन पहले और 15 दिन बाद तक का उपचार, जांच एवं दवाइयां आदि मुफ्त उपलब्ध होती हैं तथा लाभार्थी इसका लाभ पूरे देश में किसी भी सरकारी अस्पताल अथवा किसी भी सूचीबद्ध निजी अस्पताल से ले सकता है। इसके साथ ही इस योजना में लगभग 1670 प्रक्रियाएं और पैकेज शामिल हैं। इस योजना में गंभीर बीमारियों का इलाज के साथ ही डायलिसिस, डबल वाल्व रिप्लेसमेंट, बाइपास सर्जरी, एनजीओ प्लास्टी आदि की सुविधा भी मुफ्त प्रदान की जाती हैं। इस योजना में इतनी सारी सुविधायें उपलब्ध होने के बावजूद जनपद आजमगढ़ में कुल 462286, मऊ में 314869 एवं बलिया में 451912 गोल्डेन कार्ड बनाये जा सके हैं, जिसके सापेक्ष इस वर्ष आजमगढ़ में 9466, मऊ में 7383 एवं बलिया में 5424 लाभार्थी उपचार कराए हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि आमजन को योजना के सम्बन्ध में पूरी जानकारी नहीं है। मंडल में गोल्डेन कार्ड बनाने के लिए माह अक्टूबर से अभियान शुरू किया गया है। इस सम्बन्ध में अपर निदेशक, स्वास्थ्य ने इस अवधि में बने गोल्डेन कार्ड का विवरण देते हुए बताया कि माह अक्टूबर में आजमगढ़ में 6664, मऊ में 88916, बलिया में 7734 कार्ड बने। वहीं नवम्बर में आजमगढ़ में 66324, मऊ में 27372, बलिया में 35623 बने, जबकि दिसंबर में आजमगढ़ में 111686, मऊ में 89254 एवं बलिया में 35330 कार्ड बनाये गये हैं, जिसमें आशाओं, आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं पंचायत सहायकों का सराहनीय योगदान रहा है। उन्होंने बताया कि लाभार्थियों की सूची में नाम मालूम करने के लिए टोल फ्री नंबर 14555 पर भी संपर्क किया जा सकता है। समीक्षा में मंडलायुक्त ने पाया कि आजमगढ़ के 25, मऊ के 12 एवं बलिया के 14 प्राइवेट चिकित्सालय आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध हैं। उन्होंने इसे अत्यन्त कम बताते हुए अपर निदेशक, स्वास्थ्य को निर्देशित किया कि जनपदों में तत्काल सीएमओ के माध्यम से जिलाधिकारी की अध्यक्षता में निजी अस्पतालों के संचालकों के साथ बैठक कराकर अधिक से अधिक प्राइवेट अस्पतालों को इस योजना से सूचीबद्ध करें। इससे लाभार्थियों को इलाज के लिए अन्यत्र जाने की आवश्यता नहीं पड़ेगी तथा उन्हें योजना से स्थानीय स्तर पर ही लाभान्वित किया जा सकेगा।
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उन्होंने कहा कि इस योजना में देश के किसी भी सरकारी व सूचीबद्ध प्राइवेट अस्पतालों में स्वास्थ्य उपचार के लिए प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक की धनराशि प्रतिवर्ष उपलब्ध कराई जाती है। इस योजना के तहत गोल्डेन कार्ड धारक लाभार्थी को अस्पताल में भर्ती होने से तीन दिन पहले और 15 दिन बाद तक का उपचार, जांच एवं दवाइयां आदि मुफ्त उपलब्ध होती हैं तथा लाभार्थी इसका लाभ पूरे देश में किसी भी सरकारी अस्पताल अथवा किसी भी सूचीबद्ध निजी अस्पताल से ले सकता है। इसके साथ ही इस योजना में लगभग 1670 प्रक्रियाएं और पैकेज शामिल हैं। इस योजना में गंभीर बीमारियों का इलाज के साथ ही डायलिसिस, डबल वाल्व रिप्लेसमेंट, बाइपास सर्जरी, एनजीओ प्लास्टी आदि की सुविधा भी मुफ्त प्रदान की जाती हैं। इस योजना में इतनी सारी सुविधायें उपलब्ध होने के बावजूद जनपद आजमगढ़ में कुल 462286, मऊ में 314869 एवं बलिया में 451912 गोल्डेन कार्ड बनाये जा सके हैं, जिसके सापेक्ष इस वर्ष आजमगढ़ में 9466, मऊ में 7383 एवं बलिया में 5424 लाभार्थी उपचार कराए हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि आमजन को योजना के सम्बन्ध में पूरी जानकारी नहीं है। मंडल में गोल्डेन कार्ड बनाने के लिए माह अक्टूबर से अभियान शुरू किया गया है। इस सम्बन्ध में अपर निदेशक, स्वास्थ्य ने इस अवधि में बने गोल्डेन कार्ड का विवरण देते हुए बताया कि माह अक्टूबर में आजमगढ़ में 6664, मऊ में 88916, बलिया में 7734 कार्ड बने। वहीं नवम्बर में आजमगढ़ में 66324, मऊ में 27372, बलिया में 35623 बने, जबकि दिसंबर में आजमगढ़ में 111686, मऊ में 89254 एवं बलिया में 35330 कार्ड बनाये गये हैं, जिसमें आशाओं, आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं पंचायत सहायकों का सराहनीय योगदान रहा है। उन्होंने बताया कि लाभार्थियों की सूची में नाम मालूम करने के लिए टोल फ्री नंबर 14555 पर भी संपर्क किया जा सकता है। समीक्षा में मंडलायुक्त ने पाया कि आजमगढ़ के 25, मऊ के 12 एवं बलिया के 14 प्राइवेट चिकित्सालय आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध हैं। उन्होंने इसे अत्यन्त कम बताते हुए अपर निदेशक, स्वास्थ्य को निर्देशित किया कि जनपदों में तत्काल सीएमओ के माध्यम से जिलाधिकारी की अध्यक्षता में निजी अस्पतालों के संचालकों के साथ बैठक कराकर अधिक से अधिक प्राइवेट अस्पतालों को इस योजना से सूचीबद्ध करें। इससे लाभार्थियों को इलाज के लिए अन्यत्र जाने की आवश्यता नहीं पड़ेगी तथा उन्हें योजना से स्थानीय स्तर पर ही लाभान्वित किया जा सकेगा।
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