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आरपीएफ को मिला टिकट दलाल विकास का ठिकाना, गिरफ्तारी बाकी
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आजमगढ़। छत्तीसगढ़ के गुंडरदेही रेलवे स्टेशन के पीआरएस सिस्टम से निकला तत्काल टिकट आजमगढ़ के मुबारकपुर में प्रिंट करने का मामले के आरोपी विकास के ठिकाने का पता चल गया है। टिकट दलाली में लिप्त आरोपी आदर्श को फोन पर डील करने वाले विकास के बारे में आरपीएफ ने पता लगा लिया है। आरपीएफ का दावा है कि जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उसकी गिरफ्तारी के बाद ही इस मामले से पर्दा उठ सकेगा कि इस कारोबार में कौन-कौन शामिल है और इसका मास्टरमाइंड कौन है।
आरपीएफ थाना प्रभारी रमेश चंद्र मीना ने बताया कि इंडियन रेलवे में यह पहली घटना हुई है जिसमें किसी अन्य राज्य के रेलवे स्टेशन के पीआरएस सिस्टम से निकला तत्काल टिकट किसी दूसरे राज्य में प्रिंट कर यात्रियों को महंगे दामों में मुहैया कराया जा रहा हो। आजमगढ़ में इस तरह का मामला संज्ञान में आते ही अधिकारी हरकत में आ गए हैं। मामले की जांच पड़ताल तेजी से की जा रही है। इसकी जांच बोर्ड स्तर पर भी की जा रही है कि आखिरकार छत्तीसगढ़ के गुंडरदेही रेलवे स्टेशन के पीआरएस सिस्टम से निकला टिकट आजमगढ़ के मुबारकपुर में कैसे पहुंचा। इसके पीछे कौन-कौन लोग हैं। इस तरह की गड़बड़ियां कैसे की जा रही हैं। उनके पास रोल कैसे पहुंचा जिस पर वह टिकट प्रिंट कर रहे हैं। हालांकि आरपीएफ जांच करते हुए मामले की तह तक पहुंच रही है। आरोपी विकास का गांव, घर, दुकान, बैंक अकाउंट नंबर सहित तमाम जानकारी आरोपीएफ को मिल चुकी है।
मामले की मानीटरिंग कर रहे रेलवे के आईजी व डीआईजी
अवैध टिकट का काला कारोबार करने का मामला संज्ञान में आया तो अधिकारियों के होश उड़ गए। रेलवे के आईजी, डीआईजी व कंट्रोल रूम से लगातार दिशा-निर्देश जारी होने लगे। रेलवे के अफसर मामले की मानीटरिंग खुद कर रहे हैं। साथ ही मुख्य आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं।
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आरपीएफ थाना प्रभारी रमेश चंद्र मीना ने बताया कि इंडियन रेलवे में यह पहली घटना हुई है जिसमें किसी अन्य राज्य के रेलवे स्टेशन के पीआरएस सिस्टम से निकला तत्काल टिकट किसी दूसरे राज्य में प्रिंट कर यात्रियों को महंगे दामों में मुहैया कराया जा रहा हो। आजमगढ़ में इस तरह का मामला संज्ञान में आते ही अधिकारी हरकत में आ गए हैं। मामले की जांच पड़ताल तेजी से की जा रही है। इसकी जांच बोर्ड स्तर पर भी की जा रही है कि आखिरकार छत्तीसगढ़ के गुंडरदेही रेलवे स्टेशन के पीआरएस सिस्टम से निकला टिकट आजमगढ़ के मुबारकपुर में कैसे पहुंचा। इसके पीछे कौन-कौन लोग हैं। इस तरह की गड़बड़ियां कैसे की जा रही हैं। उनके पास रोल कैसे पहुंचा जिस पर वह टिकट प्रिंट कर रहे हैं। हालांकि आरपीएफ जांच करते हुए मामले की तह तक पहुंच रही है। आरोपी विकास का गांव, घर, दुकान, बैंक अकाउंट नंबर सहित तमाम जानकारी आरोपीएफ को मिल चुकी है।
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मामले की मानीटरिंग कर रहे रेलवे के आईजी व डीआईजी
अवैध टिकट का काला कारोबार करने का मामला संज्ञान में आया तो अधिकारियों के होश उड़ गए। रेलवे के आईजी, डीआईजी व कंट्रोल रूम से लगातार दिशा-निर्देश जारी होने लगे। रेलवे के अफसर मामले की मानीटरिंग खुद कर रहे हैं। साथ ही मुख्य आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं।
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