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अभी तीन शिक्षकों पर लटकर रही कार्रवाई की तलवार
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आजमगढ़। एक पैनकार्ड का इस्तेमाल अलग-अलग जनपदों में दो-दो शिक्षकों द्वारा अलग-अलग खाता नंबरों के साथ प्रयोग किए जाने का प्रकरण सामने आया था। एसआईटी व एसटीएफ की जांच में इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। जिसमें जिले के ऐसे 28 शिक्षक चिह्नित हुए थे। पांच शिक्षकों के फर्जी होने की पुष्टि के बाद प्रभारी बीएसए ने उन्हें बर्खास्त कर दी और बीईओ को रिकवरी का आदेश जारी कर दिया। वहीं बाकी तीन शिक्षकों ने अभी तक नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया। ऐसे में तीनों शिक्षक संदिग्ध के घेरे में आ रहे हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों की नियुक्ति में लगातार फर्जीवाड़ा सामने आ रहे है। बेसिक शिक्षा विभाग के फर्जीवाड़े की जांच सरकार एसआईटी व एसटीएफ से करा रही है। इसी जांच के दौरान एसआईटी व एसटीएफ ने वेतन भुगतान के फाइलों की जांच के दौरान एक नया फर्जीवाड़ा पकड़ा। जिसमें एक ही पैन कार्ड पर दो शिक्षकों द्वारा अगल-अलग जनपदों व खाता नंबरों पर वेतन आहरित करने पकड़ा गया। पूरे प्रदेश में ऐसे 192 शिक्षक चिन्हित हुए थे। जिसमें 28 शिक्षक जिले के भी शामिल थे। एसआईटी ने बकायदा सूची तैयार कर बेसिक शिक्षा निदेशालय को उपलब्ध कराया और फिर निदेशालय से सूची जिलो को उपलब्ध करा दी गई। जिले के 28 शिक्षक इस फर्जीवाड़े में चिह्नित हुए थे। जिन्हें बेसिक शिक्षा विभाग ने नोटिस जारी कर सत्यापन के लिए बुलाया था। 28 में से आठ शिक्षकों ने अपना सत्यापन नहीं कराया। इन्हें दो बार अलग-अलग तिथियों में नोटिस भेजी गई। अंतिम नोटिस 17 जुलाई को भेजी गई थी। जिसमें सात दिनों के अंदर मूल अभिलेखों के साथ कार्यालय पहुंच कर सत्यापन का निर्देश दिया गया था। इसके बाद भी इनके द्वारा सत्यापन नहीं कराया गया। जिस पर बीएसए ने इनमें से पांच शिक्षकों की नियुक्ति तिथि से सेवा समाप्त करने का आदेश निर्गत करने के साथ ही संबंधित खंड शिक्षाधिकारियों को रिकवरी का आदेश भी जारी कर दिया।
पांच शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है। अभी तीन शिक्षकों ने कोई जवाब नहीं दिया है। समय से जवाब नहीं दिए तो उनके खिलाफ भी विधिक कार्रवाई की जाएगी। - अमरनाथ राय, प्रभारी बीएसए, आजमगढ़।
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बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों की नियुक्ति में लगातार फर्जीवाड़ा सामने आ रहे है। बेसिक शिक्षा विभाग के फर्जीवाड़े की जांच सरकार एसआईटी व एसटीएफ से करा रही है। इसी जांच के दौरान एसआईटी व एसटीएफ ने वेतन भुगतान के फाइलों की जांच के दौरान एक नया फर्जीवाड़ा पकड़ा। जिसमें एक ही पैन कार्ड पर दो शिक्षकों द्वारा अगल-अलग जनपदों व खाता नंबरों पर वेतन आहरित करने पकड़ा गया। पूरे प्रदेश में ऐसे 192 शिक्षक चिन्हित हुए थे। जिसमें 28 शिक्षक जिले के भी शामिल थे। एसआईटी ने बकायदा सूची तैयार कर बेसिक शिक्षा निदेशालय को उपलब्ध कराया और फिर निदेशालय से सूची जिलो को उपलब्ध करा दी गई। जिले के 28 शिक्षक इस फर्जीवाड़े में चिह्नित हुए थे। जिन्हें बेसिक शिक्षा विभाग ने नोटिस जारी कर सत्यापन के लिए बुलाया था। 28 में से आठ शिक्षकों ने अपना सत्यापन नहीं कराया। इन्हें दो बार अलग-अलग तिथियों में नोटिस भेजी गई। अंतिम नोटिस 17 जुलाई को भेजी गई थी। जिसमें सात दिनों के अंदर मूल अभिलेखों के साथ कार्यालय पहुंच कर सत्यापन का निर्देश दिया गया था। इसके बाद भी इनके द्वारा सत्यापन नहीं कराया गया। जिस पर बीएसए ने इनमें से पांच शिक्षकों की नियुक्ति तिथि से सेवा समाप्त करने का आदेश निर्गत करने के साथ ही संबंधित खंड शिक्षाधिकारियों को रिकवरी का आदेश भी जारी कर दिया।
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पांच शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है। अभी तीन शिक्षकों ने कोई जवाब नहीं दिया है। समय से जवाब नहीं दिए तो उनके खिलाफ भी विधिक कार्रवाई की जाएगी। - अमरनाथ राय, प्रभारी बीएसए, आजमगढ़।
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