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घर-घर पहुंचकर शिक्षा से वंचित बच्चों का पता लगाएंगे राजस्वकर्मी

Thu, 14 Apr 2022 11:30 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 14 Apr 2022 11:30 PM IST
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Revenue workers will reach door to door to find out the children deprived of education
आजमगढ़। जिले में अनिवार्य शिक्षा अधिनियम लागू है। जिलाधिकारी के निर्देश पर नवीन शिक्षा सत्र में स्कूल चलो अभियान के तहत शिक्षा से वंचित प्रत्येक बच्चे का स्कूल में नामांकन कराने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर राजस्वकर्मियों को भी लगाया गया है। वह घर-घर पहुंचकर ड्रॉप आउट बच्चों या फिर स्कूल न जाने वाले बच्चों का पता लगाएंगे। साथ ही उन्हें चिह्नित कर उनका नामांकन विद्यालयों में कराएंगे। एक अप्रैल से नया शिक्षा सत्र शुरू हो गया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने दो अप्रैल से स्कूल चलों अभियान का शुभारंभ किया है। घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है। जिलाधिकारी अमृत कुमार त्रिपाठी ने स्कूल चलो अभियान को सफल बनाने के लिए अब शिक्षक व प्रधानाध्यापक और शिक्षा विभाग के अतिरिक्त जनपद के सभी राजस्व कर्मियों को स्कूल चलो अभियान को सफल बनाने के लिए लगाया गया है। जिसमें प्रतिदिन राजस्व कर्मियों को अपने-अपने गांव व क्षेत्र में भ्रमण कर सर्वे किया जाना है। वह जागरूकता अभियान चलाकर छात्र-छात्रा व उनके अभिभावक को प्रेरित करने के साथ ही नामांकन कराने का कार्य भी करेंगे। उपजिलाधिकारी सगड़ी गौरव कुमार ने सगड़ी तहसील क्षेत्र के सभी राजस्व कर्मियों को स्कूल चलो अभियान में लगा दिया गया है। वह उम्र के हिसाब से बच्चों को सरकारी स्कूलों में नामांकन कराया जाएगा। प्रत्येक दिन कितने बच्चे चिह्नित किए गए, कितने बच्चों का नामांकन हुआ, इन सभी का रिपोर्ट प्रतिदिन जिलाधिकारी को प्रेषित करना होगा।
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शिक्षा की मुख्य धारा से जुड़ेंगे ड्राप आउट बच्चे
आजमगढ़। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि अध्यापक, सहायक अध्यापक, शिक्षा मित्र व प्रधानाध्यापक गांव में ड्राप आउट व कभी स्कूल न जाने वाले बच्चों को चिह्नित कर स्कूलों में दाखिला दिलाएंगे। वहीं ईट-भट्ठों पर मजदूरी कर रहे बच्चों को भी तलाश कर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। इतना ही नहीं ऐसे बच्चों का डाटा पोर्टल पर भी अपलोड किया जा रहा है। इस मुहिम से जिले में एक भी बच्चा शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ने से वंचित नहीं रह पाएगा।
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