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Azamgarh News: जिला अस्पताल में बढ़े सांस, एलर्जी के मरीज, हर दिन आ रहे 500 से ज्यादा मरीज
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जिला चिकित्सालय की ओपीडी में बैठे मरीज। संवाद
जौनपुर। मौसम में बदलाव से जिला अस्पताल में सांस और एलर्जी के मरीजों की संख्या बढ़ी है। सोमवार को ओपीडी में 1209 मरीजों का पंजीकरण हुआ। फिजिशियन डॉ. अशोक कुमार यादव ने बताया कि हर 100 मरीज में 40 से 45 मरीज सांस और एलर्जी के आ रहे हैं।
डॉक्टर ने बताया कि मौसम में बदलाव लोगों को बीमार कर रहा है। मौसमी बीमारी के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। सुबह-शाम की ठंड और दिन की तेज धूप से अस्थमा और अन्य श्वसन संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। सोमवार सुबह से ही जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। पर्चा कटाने के काउंटर से लेकर ओपीडी कक्ष तक मरीज डॉक्टरों से परामर्श की प्रतिक्षा करते रहे। डॉ. अशोक कुमार यादव ने बताया कि सुबह और शाम के वक्त हल्की ठंड और दिन में तेज धूप के कारण चढ़ते-उतरते मौसम में संक्रामक बीमारियां भी बढ़ रही हैं। यह मौसम दमा के मरीजों के लिए घातक साबित होता है। सांस और निमोनिया के मरीज भी अस्पताल में आ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि एहतियात बरतने पर लोग बीमारी से बच सकते हैं। हर 100 मरीज में 40 से 45 लोगों में बुखार, खांसी, सांस की बीमारी के चपेट में आ रहे हैं। इसमें बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी शामिल हैं। ग्रामीण इलाकों में लोग बड़ी संख्या में बीमार पड़ रहे हैं। मौसम के बदलाव का असर हर किसी के स्वास्थ्य पर दिख रहा है। मौसम में मरीजों को घुटन समेत खांसी और जकड़न की शिकायत हो रही है।
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ऐसे करें बचाव
फिजिशियन डॉ. अशोक कुमार यादव ने बताया कि ऐसे लोग जिन्हें सांस की समस्या है वह सुबह देर से घूमने निकलें, मौसम में पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें, दोपहर में गर्मी होने पर एक दम से कपड़े न उतारें, बाहर से आकर ठंडा पानी न पिएं, ठंडी चीजों को खाने से परहेज करें। सांस के मरीजों के लिए पर्याप्त दवाएं अस्पताल में मौजूद हैं। एलर्जी के कारण सांस और जकड़न के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है।
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डॉक्टर ने बताया कि मौसम में बदलाव लोगों को बीमार कर रहा है। मौसमी बीमारी के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। सुबह-शाम की ठंड और दिन की तेज धूप से अस्थमा और अन्य श्वसन संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। सोमवार सुबह से ही जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। पर्चा कटाने के काउंटर से लेकर ओपीडी कक्ष तक मरीज डॉक्टरों से परामर्श की प्रतिक्षा करते रहे। डॉ. अशोक कुमार यादव ने बताया कि सुबह और शाम के वक्त हल्की ठंड और दिन में तेज धूप के कारण चढ़ते-उतरते मौसम में संक्रामक बीमारियां भी बढ़ रही हैं। यह मौसम दमा के मरीजों के लिए घातक साबित होता है। सांस और निमोनिया के मरीज भी अस्पताल में आ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि एहतियात बरतने पर लोग बीमारी से बच सकते हैं। हर 100 मरीज में 40 से 45 लोगों में बुखार, खांसी, सांस की बीमारी के चपेट में आ रहे हैं। इसमें बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी शामिल हैं। ग्रामीण इलाकों में लोग बड़ी संख्या में बीमार पड़ रहे हैं। मौसम के बदलाव का असर हर किसी के स्वास्थ्य पर दिख रहा है। मौसम में मरीजों को घुटन समेत खांसी और जकड़न की शिकायत हो रही है।
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ऐसे करें बचाव
फिजिशियन डॉ. अशोक कुमार यादव ने बताया कि ऐसे लोग जिन्हें सांस की समस्या है वह सुबह देर से घूमने निकलें, मौसम में पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें, दोपहर में गर्मी होने पर एक दम से कपड़े न उतारें, बाहर से आकर ठंडा पानी न पिएं, ठंडी चीजों को खाने से परहेज करें। सांस के मरीजों के लिए पर्याप्त दवाएं अस्पताल में मौजूद हैं। एलर्जी के कारण सांस और जकड़न के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है।
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