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Azamgarh News: बर्रा में निर्दोषों को राहत, अपराधियों पर हो कार्रवाई
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बरदह। थाना क्षेत्र के बर्रा गांव के पकड़ी पूर्वा में मारपीट की एक घटना के बाद पिछले पांच दिनों से सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव की महिलाओं सुषमा, सोना और इंद्रावती ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए।
उनका कहना है कि कोई भी राजनेता उनकी सुध लेने नहीं आया, जबकि वोट मांगने के समय सभी सक्रिय रहते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि निर्दोष लोगों को राहत दी जाए और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
सुषमा ने बताया कि पुलिस ने उनके घर का टीवी, शीशा, बेड, ट्रैक्टर की बत्ती, और दरवाजा-खिड़की तोड़ दिए, साथ ही चावल और गेहूं बिखेर दिए।
सोना ने कहा कि उन्हें और उनके परिवार को मारपीट का सामना करना पड़ा। इंद्रावती ने प्रशासन से सवाल किया कि निर्दोष लोगों, खासकर महिलाओं और बच्चों, को क्यों परेशान किया जा रहा है।
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ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की दबिश के डर से कई लोग घर छोड़कर भाग गए हैं, जिससे बच्चे और बुजुर्ग भूखे हैं। गांव में केवल कुछ महिलाएं और छोटे बच्चे ही बचे हैं, जो डर के साये में जी रहे हैं। 9 जून को बर्रा गांव में दो राजभर परिवारों के बीच पुरानी रंजिश के चलते मारपीट हुई थी। ग्रामीणों का कहना है कि झगड़ा डीजे को लेकर शुरू हुआ, जो बाद में हिंसक हो गया। इस दौरान कुछ लोगों ने टीवी, ट्रैक्टर की बत्ती, बाइक, टेंपो और घरों के दरवाजे-खिड़कियां तोड़ दीं।
पुलिस ने इस घटना में 17 लोगों को गिरफ्तार किया था और डंडे व ईंटें बरामद की थीं। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने झगड़े की जड़ तक नहीं पहुंची और पूरे पूर्वा को निशाना बनाया।
थानाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह अब भी अस्पताल में भर्ती हैं। प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह ने बताया कि जांच जारी है और जल्द ही अपराधियों को पकड़ा जाएगा।
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उनका कहना है कि कोई भी राजनेता उनकी सुध लेने नहीं आया, जबकि वोट मांगने के समय सभी सक्रिय रहते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि निर्दोष लोगों को राहत दी जाए और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
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सुषमा ने बताया कि पुलिस ने उनके घर का टीवी, शीशा, बेड, ट्रैक्टर की बत्ती, और दरवाजा-खिड़की तोड़ दिए, साथ ही चावल और गेहूं बिखेर दिए।
सोना ने कहा कि उन्हें और उनके परिवार को मारपीट का सामना करना पड़ा। इंद्रावती ने प्रशासन से सवाल किया कि निर्दोष लोगों, खासकर महिलाओं और बच्चों, को क्यों परेशान किया जा रहा है।
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ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की दबिश के डर से कई लोग घर छोड़कर भाग गए हैं, जिससे बच्चे और बुजुर्ग भूखे हैं। गांव में केवल कुछ महिलाएं और छोटे बच्चे ही बचे हैं, जो डर के साये में जी रहे हैं। 9 जून को बर्रा गांव में दो राजभर परिवारों के बीच पुरानी रंजिश के चलते मारपीट हुई थी। ग्रामीणों का कहना है कि झगड़ा डीजे को लेकर शुरू हुआ, जो बाद में हिंसक हो गया। इस दौरान कुछ लोगों ने टीवी, ट्रैक्टर की बत्ती, बाइक, टेंपो और घरों के दरवाजे-खिड़कियां तोड़ दीं।
पुलिस ने इस घटना में 17 लोगों को गिरफ्तार किया था और डंडे व ईंटें बरामद की थीं। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने झगड़े की जड़ तक नहीं पहुंची और पूरे पूर्वा को निशाना बनाया।
थानाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह अब भी अस्पताल में भर्ती हैं। प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह ने बताया कि जांच जारी है और जल्द ही अपराधियों को पकड़ा जाएगा।