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तेजी से घट रही घाघरा अभी भी खतरा बिंदु से ऊपर
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लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है। बावजूद नदी में पानी अभी तक खतरा बिंदु से ऊपर बना हुआ है। बाढ़ से जो गांव घिरे हैं उन गांवों से अभी तक पानी नहीं हटा है। इससे लोगों की दुश्वारियां अभी भी जस की तस बनी हुई हैं।
घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है। बावजूद नदी बदरहुंआ गेज पर खतरा बिंदु से 32 सेमी ऊपर बह रही है। वहीं डिघिया नाले पर खतरा बिंदु से 82 सेमी ऊपर बह रही है। हालांकि घाघरा नदी के घटते जलस्तर को देखते हुए तटवर्ती गांव में लोगों ने राहत की सांस ली है। बदरहुंआ पर खतरा बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम 72.98 मीटर है। डिघिया पर खतरा बिंदु 70.40 मीटर और अधिकतम 72.12 मीटर है। रविवार को शाम चार बजे बदरहुंआ पर जलस्तर 72.85 मीटर था जो 85 सेमी घटकर सोमवार को 72.00 मीटर हो गया। डिघिया पर रविवार को जलस्तर 71.97 मीटर से 79 सेमी घटकर 71.18 मीटर हो गया। जलस्तर घटने के बाद भी तटवर्ती इलाके पानी से घिरे हुए हैं। लोगों का घरों से बंधे का संपर्क टूट चुका है। क्षेत्र के दाम महुला, हाजीपुर चक्की, देवारा खास राजा की लगभग 30 बस्तियां, बांका, बूढ़नपट्टी, शाहडीह, भदौरा, मानिकपुर, अजगरा, अभ्भन पट्टी, नैनीजोर, मसूरियापुर, इस्माइलपुर, रोशनगंज, हैदराबाद ,सहदेवगंज, उल्टहवा, आदि गांव पानी से घिरे हुए हैं। हजारों लोग अपने घरों के छतों पर शरण लिए हुए हैं। चिलचिलाती धूप से गांव में संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। इसके साथ ही महराजगंज में सेमरी गांव में बाढ़ की त्रासदी नदी के किनारे बसे गांवों पर भारी पड़ी। दूसरी तरफ अजमतगढ़ ब्लाक के दाम महुला व बरामदपुर में भी जनता त्रासदी का दंश झेल रही है। बिजली आपूर्ति बंद होने के कारण लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। सर्पदंश की घटनाएं भी बढ़ रही हैं।
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घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है। बावजूद नदी बदरहुंआ गेज पर खतरा बिंदु से 32 सेमी ऊपर बह रही है। वहीं डिघिया नाले पर खतरा बिंदु से 82 सेमी ऊपर बह रही है। हालांकि घाघरा नदी के घटते जलस्तर को देखते हुए तटवर्ती गांव में लोगों ने राहत की सांस ली है। बदरहुंआ पर खतरा बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम 72.98 मीटर है। डिघिया पर खतरा बिंदु 70.40 मीटर और अधिकतम 72.12 मीटर है। रविवार को शाम चार बजे बदरहुंआ पर जलस्तर 72.85 मीटर था जो 85 सेमी घटकर सोमवार को 72.00 मीटर हो गया। डिघिया पर रविवार को जलस्तर 71.97 मीटर से 79 सेमी घटकर 71.18 मीटर हो गया। जलस्तर घटने के बाद भी तटवर्ती इलाके पानी से घिरे हुए हैं। लोगों का घरों से बंधे का संपर्क टूट चुका है। क्षेत्र के दाम महुला, हाजीपुर चक्की, देवारा खास राजा की लगभग 30 बस्तियां, बांका, बूढ़नपट्टी, शाहडीह, भदौरा, मानिकपुर, अजगरा, अभ्भन पट्टी, नैनीजोर, मसूरियापुर, इस्माइलपुर, रोशनगंज, हैदराबाद ,सहदेवगंज, उल्टहवा, आदि गांव पानी से घिरे हुए हैं। हजारों लोग अपने घरों के छतों पर शरण लिए हुए हैं। चिलचिलाती धूप से गांव में संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। इसके साथ ही महराजगंज में सेमरी गांव में बाढ़ की त्रासदी नदी के किनारे बसे गांवों पर भारी पड़ी। दूसरी तरफ अजमतगढ़ ब्लाक के दाम महुला व बरामदपुर में भी जनता त्रासदी का दंश झेल रही है। बिजली आपूर्ति बंद होने के कारण लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। सर्पदंश की घटनाएं भी बढ़ रही हैं।
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