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Azamgarh News: रामायण कॉन्क्लेव ने दिया सामाजिक सद्भाव का संदेश

Sat, 24 Jun 2023 12:32 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 24 Jun 2023 12:32 AM IST
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Ramayana Conclave gave the message of social harmony
हरिऔध कला केंद्र में आयोजित रामायण कॉन्क्लेव के दूसरे दिन शुक्रवार को उद्घाटन सत्र में प्रख्यात राष्ट्र संत राजर्षि गांगेय हंस ने राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में रामकथा विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने माता कैकयी को पूरी राम कथा का आधार बताया। माता कैकयी के दो वरदान राम कथा की कड़ी हैं। उन्होंने कहा कि मानस एक भक्ति प्रधान ग्रंथ है। जिसमें भगवान शिव से लेकर हनुमान तक भक्ति की याचना करते हैं। लेकिन वह भक्ति दो लोगों को बिना याचना के भगवान राम देते हैं वह दोनों शबरी और केवट हैं। यही उदाहरण इस बात के लिये पर्याप्त है कि तुलसी दलित विरोधी नहीं थे। उन्होंने कहा कि भगवान भक्ति में लीन व्यक्तियों को मिलते हैं। सबरी के जूठे बेर खाये, निषाद राज को गले लगाया। भगवान राम का समाज के सभी जन के प्रति संभाव था। आज इसी की जरूरत है। रामायण सर्किट के चेयरमैन राम अवतार शर्मा ने राम के वन और आगमन स्थलों पर विस्तार से प्रकाश डाला। राम वन गमन स्थलों की चर्चा करते हुए उन्होंने अपने अनुभवों को साझा किया। कहा कि राम के वन गमन और आगमन स्थल आज भी है जीवंत। जंगल में एक मंदिर में अदृश्य शक्ति द्वारा कराए गए भोजन की कहानी सुनाई। इसके पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. दुर्गा प्रसाद अस्थाना, विजय प्रकाश सिंह, जयंत गुप्ता, सुभाष चंद्र सिंह, संतोष श्रीवास्तव द्वारा दीप प्रज्ज्वलन करके किया गया। रामायण कॉन्क्लेव के दूसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से रामायण अलंकार जी ने शबरी के राम, वीरेंद्र भारती के द्वारा गीत, संस्कार भारती के 42 कलाकारों की टीम द्वारा नृत्य नाटिका द्वारा रामायण प्रस्तुत किया गया। अंत में राम रावण के संवाद सुन दर्शकों की आंखें भर आईं। डायट के विद्यर्थियों द्वारा जन्मे अवध में राम मंगल गाओ री गीत पर प्रस्तुति दी। इसके साथ ही पल पल है भारी विपदा है आई मोहे बचाने अब आओ रघुराई काव्य नाटक में लंका में सीता की दशा को प्रस्तुत किया। राम जी की प्यारी राजधानी लागे की प्रस्तुति हुई। इनका संयोजन डॉ भावना मिश्रा ने किया। प्रत्यक्षा तिवारी ने राम सिया राम सिया राम जय जय राम गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया। तपस्या क्रिएटिव स्कूल के बच्चों जय श्री राम द्वारा प्रस्तुति दी गई। हनुमान चालीसा पर अम्बुज के निर्देशन पर 22 कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति दी। इस मौके पर दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ पंकज सिंह, रंगकर्मी संतोष श्रीवास्तव, डॉ भक्तवत्सल, डॉ संतोष सिंह, उमेश सिंह राठौर, डॉ त्रिपुरारी आदि उपस्थित थे।
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