अखिलेश की पार्टी में शामिल हुए पूर्व सांसद रमाकांत यादव, कभी कहा था 'सपा में मेरी लाश भी नहीं जाएगी'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस पार्टी से निष्कासित होने के बाद पूर्वांचल के नेता और पूर्व सांसद रमाकांत यादव ने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है। उनके साथ ही कई बसपा के नेताओं ने भी रविवार को सपा पार्टी ज्वाइन कर ली।
आजमगढ़ से भाजपा के पूर्व सांसद रमाकांत यादव अप्रैल में कांग्रेस में शामिल हुए थे। इसके बाद पार्टी ने इन्हें भदोही लोकसभा सीट से टिकट दे दिया था, पर जीत न सके। रमाकांत ने 2014 का चुनाव भाजपा के टिकट पर आजमगढ़ से लड़ा था, लेकिन सपा प्रत्याशी मुलायम सिंह यादव से वे करीब 30 हजार मतों से हार गए थे। 2019 के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने इस बार रमाकांत के स्थान पर भोजपुरी फिल्म अभिनेता दिनेश लाल यादव निरहुआ को टिकट दिया था, इससे नाराज उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया।
चार बार विधायक और सांसद रहे हैं रमाकांत
रमाकांत यादव आजमगढ़ से 1985 में पहली बार निर्दलीय विधायक बने थे। इसके बाद 1989 में भाजपा की ओर से विधानसभा पहुंचे थे। 1991 में समाजवादी जनता पार्टी और 1993 में समाजवादी पार्टी के टिकट से विधायक बने। 1996 और 1999 में वे आजमगढ़ से सपा के टिकट पर लोकसभा पहुंचे। 2004 में बसपा का दामन थामकर इसी साल संसद पहुंचे, फिर 2009 में सपा के टिकट पर चुनाव जीतकर लोकसभा का सफर तय किया।
सपा में मेरी लाश भी नहीं जाएगी
रमाकांत यादव ने 2004 में सपा से बाहर होने के बाद उन्होंने कहा कि मैं क्या, मेरी लाश भी सपा में नहीं जाएगी।
डांसरों पर पैसे लुटाने का वीडियो हुआ था वायरल
मई 2018 में पूर्व सांसद रमाकांत यादव का एक वीडियो खूब चर्चा में रहा। जिसमें वह आजमगढ़ जिले के एक वैवाहिक समारोह में डांसरों पर पैसे लुटा रहे थे। इस विषय पर पूंछने पर उस दौरान उन्होंने बताया था कि वायरल हुआ वीडियो पुराना था।
उन्होंने बताया कहा कि वह अपने मित्र के घर वैवाहिक समारोह में शामिल होने के लिए गए थे, जहां मित्र ने डांसरों को बुलाया हुआ था। सभी के साथ मै भी डांस देख रहा था। इसी दौरान मित्र ने पांच हजार रुपये दिए, जिसे मैने डांसरों पर उड़ाए। इसमें कोई बुराई नहीं है क्योंकि कलाकार पैसे के लिए अपना प्रोग्राम देते हैं। कलाकारों के अच्छे प्रोग्राम पर इनाम देना कहीं से गलत नहीं।