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Azamgarh News: नीट में आया सवाल, आईवीएफ पद्धति अपनाने में संभावित कमियां क्या हैं...
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चक्रपानपुर। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में दाखिले के लिए होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2025 के लिए जिले में 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा में 8083 परीक्षार्थी शामिल हुए।
परीक्षा देकर केंद्र से निकले परीक्षार्थियों ने बताया कि इस बार प्रश्न पत्र पिछले वर्ष की तुलना में समझने में आसान था। सरल भाषा में प्रश्न पूछे गए थे। आईवीएफ पद्धति अपनाने में संभावित कमियां क्या हैं...जैसे तमाम प्रश्न पूछे गए थे। कुछ ने केमिस्ट्री और बायोलॉजी के प्रश्न को कठिन तो कुछ ने आसान बताया।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी उच्चतर शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली की ओर से जिले के 19 केंद्रों पर दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक हुई। परीक्षा शुरू होने से पहले गेट पर ही छात्र-छात्राओं को चेक कर ही अंदर जाने दिया गया। किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक सामान को अंदर नहीं जाने दिया गया। परीक्षा के लिए परीक्षार्थी सुबह से ही केंद्र पर पहुंचने लगे थे। उक्त परीक्षा में 8272 छात्र-छात्रा पंजीकृत थे। परीक्षा में 8083 छात्र-छात्रा उपस्थित थे। जबकि 189 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा छोड़ दी।
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कुल 97.71 प्रतिशत परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार द्वितीय ने परीक्षा केंद्रों पर जाकर निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने परीक्षा को सकुशल, शांतिपूर्ण एवं निष्पक्षता के साथ संपन्न कराने के निर्देश केंद्र व्यवस्थापक एवं संबंधित अधिकारियों को दिए।
जगह-जगह की गई थी बैरिकेडिंग: नीट की परीक्षा को लेकर यातायात विभाग भी सतर्क दिखा। शिब्ली नेशनल इंटर कॉलेज की तरफ जाने वाले मार्ग को परीक्षा होने तक बाधित रखा गया। रूट डायर्वट थे वाहन दूसरी तरफ से होकर निकल रहे थे।
पुलिस की ओर से बैरिकेडिंग लगाई गई थी। ताकि चार पहिया वाहन कॉलेज की तरफ न आए और जाम से लोगों को मुक्ति मिल सके।
सभी सेंटर में अच्छे से हुई परीक्षा : डीएम रवींद्र कुमार द्वितीय ने बताया कि जिले में 19 परीक्षा केंद्र थे। सभी केंद्र में परीक्षा अच्छे से हुआ। किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हुई।
सभी बच्चे समय को लेकर जागरूक थे। किसी भी सेंटर में किसी के देरी से आने की जानकारी नहीं मिली। गर्मी को देखते हुए स्टूडेंट के लिए सेंटर में मेडिकल किट की भी सुविधा रखी गई थी।
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परीक्षा देकर केंद्र से निकले परीक्षार्थियों ने बताया कि इस बार प्रश्न पत्र पिछले वर्ष की तुलना में समझने में आसान था। सरल भाषा में प्रश्न पूछे गए थे। आईवीएफ पद्धति अपनाने में संभावित कमियां क्या हैं...जैसे तमाम प्रश्न पूछे गए थे। कुछ ने केमिस्ट्री और बायोलॉजी के प्रश्न को कठिन तो कुछ ने आसान बताया।
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राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी उच्चतर शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली की ओर से जिले के 19 केंद्रों पर दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक हुई। परीक्षा शुरू होने से पहले गेट पर ही छात्र-छात्राओं को चेक कर ही अंदर जाने दिया गया। किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक सामान को अंदर नहीं जाने दिया गया। परीक्षा के लिए परीक्षार्थी सुबह से ही केंद्र पर पहुंचने लगे थे। उक्त परीक्षा में 8272 छात्र-छात्रा पंजीकृत थे। परीक्षा में 8083 छात्र-छात्रा उपस्थित थे। जबकि 189 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा छोड़ दी।
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कुल 97.71 प्रतिशत परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार द्वितीय ने परीक्षा केंद्रों पर जाकर निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने परीक्षा को सकुशल, शांतिपूर्ण एवं निष्पक्षता के साथ संपन्न कराने के निर्देश केंद्र व्यवस्थापक एवं संबंधित अधिकारियों को दिए।
जगह-जगह की गई थी बैरिकेडिंग: नीट की परीक्षा को लेकर यातायात विभाग भी सतर्क दिखा। शिब्ली नेशनल इंटर कॉलेज की तरफ जाने वाले मार्ग को परीक्षा होने तक बाधित रखा गया। रूट डायर्वट थे वाहन दूसरी तरफ से होकर निकल रहे थे।
पुलिस की ओर से बैरिकेडिंग लगाई गई थी। ताकि चार पहिया वाहन कॉलेज की तरफ न आए और जाम से लोगों को मुक्ति मिल सके।
सभी सेंटर में अच्छे से हुई परीक्षा : डीएम रवींद्र कुमार द्वितीय ने बताया कि जिले में 19 परीक्षा केंद्र थे। सभी केंद्र में परीक्षा अच्छे से हुआ। किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हुई।
सभी बच्चे समय को लेकर जागरूक थे। किसी भी सेंटर में किसी के देरी से आने की जानकारी नहीं मिली। गर्मी को देखते हुए स्टूडेंट के लिए सेंटर में मेडिकल किट की भी सुविधा रखी गई थी।