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आजमगढ़ः अगले साल मार्च तक बनकर तैयार हो जाएगा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे
Sun, 12 Jul 2020 10:57 PM IST
वाराणसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 12 Jul 2020 10:57 PM IST
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पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे।
- फोटो : अमर उजाला।
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आजमगढ़। जनपद से होकर गुजर रहे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की भौतिक प्रगति जानने सचिव लोक निर्माण विभाग व जनपद के नोडल रंजन कुमार रविवार को किशुनदासपुर पहुंचे। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के पैकेज-6 के कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। ठेकेदार से कार्य की प्रगति के बारे में पूछा तो उसने बताया कि मार्च 2021 तक बनकर ये पूरा हो जाएगा।
नोडल अधिकारी ने ठेकेदार से पूछा कि सड़क की गुणवत्ता की जांच कौन करता है तो ठेकेदार ने बताया कि राइट्स इसकी जांच करती है। ठेकेदार ने बताया कि लॉकडाउन के कारण कार्य धीमी गति से चल रहा है और मिट्टी की समस्या आ रही है। इस पर नोडल अधिकारी ने कहा कि सड़क की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आनी चाहिए।
ठेकेदार ने बताया कि लैब में बिटमन और ग्रेडेथन की जांच की जाती है। निर्देश दिया कि सड़क के कार्य को जल्द से जल्द पूर्ण करें। बता दें कि 120 मीटर चौड़े एक्सप्रेस-वे के हर आधे किलोमीटर की दूरी पर यूपीडा द्वारा ग्राउंड वाटर रिचार्ज सिस्टम लगाया जा रहा है। जहां पूरे एक्सप्रेस-वे पर बारिश के पानी को ड्रेन के जरिये रिचार्ज सिस्टम में गिराया जाएगा।
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पानी पाइप की बोरिंग के सहारे जमीन के अंदर जाकर भूमिगत जलस्तर को बढ़ाएगा। इस मौके पर जिलाधिकारी राजेश कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी हरी शंकर, पीएनसी कंपनी के ईपीएम उपस्थित रहे।
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नोडल अधिकारी ने ठेकेदार से पूछा कि सड़क की गुणवत्ता की जांच कौन करता है तो ठेकेदार ने बताया कि राइट्स इसकी जांच करती है। ठेकेदार ने बताया कि लॉकडाउन के कारण कार्य धीमी गति से चल रहा है और मिट्टी की समस्या आ रही है। इस पर नोडल अधिकारी ने कहा कि सड़क की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आनी चाहिए।
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ठेकेदार ने बताया कि लैब में बिटमन और ग्रेडेथन की जांच की जाती है। निर्देश दिया कि सड़क के कार्य को जल्द से जल्द पूर्ण करें। बता दें कि 120 मीटर चौड़े एक्सप्रेस-वे के हर आधे किलोमीटर की दूरी पर यूपीडा द्वारा ग्राउंड वाटर रिचार्ज सिस्टम लगाया जा रहा है। जहां पूरे एक्सप्रेस-वे पर बारिश के पानी को ड्रेन के जरिये रिचार्ज सिस्टम में गिराया जाएगा।
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पानी पाइप की बोरिंग के सहारे जमीन के अंदर जाकर भूमिगत जलस्तर को बढ़ाएगा। इस मौके पर जिलाधिकारी राजेश कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी हरी शंकर, पीएनसी कंपनी के ईपीएम उपस्थित रहे।
बनारस के मल्टी मॉडल टर्मिनल से जुड़ेगा गंगा एक्सप्रेस वे
आत्मनिर्भर भारत अभियान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी को एक्सपोर्ट हब बनाने की इच्छा के बाद अब कनेक्टविटी को मजबूत करने की कवायद शुरू हो गई है। मेरठ से प्रयागराज के बीच बनने वाले गंगा एक्सप्रेस वे को अब रामनगर स्थित मल्टी मॉडल टर्मिनल से जोड़ा जाएगा। ताकि कोलकाता से लेकर दिल्ली तक बनारस की परिवहन व्यवस्था बेहद मजबूत हो सके।
प्रयागराज से वाराणसी के बीच लिंक रोड के जरिए इस कनेक्ट किए जाने पर विचार किया जा रहा है। प्रयागराज से वाराणसी के एक्सप्रेस-वे की फिजिबिलिटी रिपोर्ट के लिए सर्वे कराया जाएगा। शासन के निर्देश के बाद स्थानीय स्तर पर अध्ययन शुरू होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ससंदीय क्षेत्र के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में रामनगर में बने मल्टी मॉडल टर्मिनल को सड़क मार्ग से जोड़ने की सलाह दी थी।
इसके बाद सीएम योगी ने गंगा एक्सप्रेस वे को रामनगर तक करने के निर्देश दिए। अब स्थानीय स्तर पर इसकी संभावना पर काम शुरू किया गया है। जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने बताया कि शासन से निर्देश के बाद आगे की कार्ययोजना बनेगी। फिलहाल एक्सप्रेस-वे दिल्ली को प्रयागराज से जोड़ने के लिए बनाया जा रहा था। वाराणसी तक आने पर इसका पूर्वांचल को बहुत लाभ मिलेगा। शासन से जैसा निर्देश मिलेगा, उसी आधार पर काम किया जाएगा।
सात घंटे में पूरा होगा दिल्ली का सफर
फिलहाल वाराणसी से प्रयागराज को जोड़ने के लिए नेशनल हाईवे है और इसे सिक्स लेन भी किया जा रहा है। इसमें बाजार और आबादी वाली जगहों पर फ्लाईओवर भी बना लिया गया है। मगर, इस मार्ग से वाराणसी से इलहाबाद के बीच तीन घंटे तक का समय लगता है। गंगा एक्सप्रेस वे के निर्माण के बाद इलहाबाद से वाराणसी के बीच की दूरी एक से डेढ़ घंटे हो जाएगी। दिल्ली का सफर पूरा करने में भी सात घंटे का ही समय लगेगा। गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण से दिल्ली-प्रयागराज की सड़क मार्ग से यात्रा महज 6 घंटे में पूरी होने का अनुमान है।
प्रयागराज से वाराणसी के बीच लिंक रोड के जरिए इस कनेक्ट किए जाने पर विचार किया जा रहा है। प्रयागराज से वाराणसी के एक्सप्रेस-वे की फिजिबिलिटी रिपोर्ट के लिए सर्वे कराया जाएगा। शासन के निर्देश के बाद स्थानीय स्तर पर अध्ययन शुरू होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ससंदीय क्षेत्र के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में रामनगर में बने मल्टी मॉडल टर्मिनल को सड़क मार्ग से जोड़ने की सलाह दी थी।
इसके बाद सीएम योगी ने गंगा एक्सप्रेस वे को रामनगर तक करने के निर्देश दिए। अब स्थानीय स्तर पर इसकी संभावना पर काम शुरू किया गया है। जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने बताया कि शासन से निर्देश के बाद आगे की कार्ययोजना बनेगी। फिलहाल एक्सप्रेस-वे दिल्ली को प्रयागराज से जोड़ने के लिए बनाया जा रहा था। वाराणसी तक आने पर इसका पूर्वांचल को बहुत लाभ मिलेगा। शासन से जैसा निर्देश मिलेगा, उसी आधार पर काम किया जाएगा।
सात घंटे में पूरा होगा दिल्ली का सफर
फिलहाल वाराणसी से प्रयागराज को जोड़ने के लिए नेशनल हाईवे है और इसे सिक्स लेन भी किया जा रहा है। इसमें बाजार और आबादी वाली जगहों पर फ्लाईओवर भी बना लिया गया है। मगर, इस मार्ग से वाराणसी से इलहाबाद के बीच तीन घंटे तक का समय लगता है। गंगा एक्सप्रेस वे के निर्माण के बाद इलहाबाद से वाराणसी के बीच की दूरी एक से डेढ़ घंटे हो जाएगी। दिल्ली का सफर पूरा करने में भी सात घंटे का ही समय लगेगा। गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण से दिल्ली-प्रयागराज की सड़क मार्ग से यात्रा महज 6 घंटे में पूरी होने का अनुमान है।