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Azamgarh News: निजी अस्पतालों को एक बार में सिर्फ 100 लीटर डीजल मिलेगा
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शहर के सिविल लाइन स्थित पंप पर सामान्य रहे हालात। संवाद
आजमगढ़। डीजल और पेट्रोल की किल्लत को लेकर फैली अफवाहों के बीच गैलन-डिब्बा में डीजल-पेट्रोल देने पर रोक लगा दी थी। इससे निजी अस्पतालों के सामने संकट उत्पन्न हो गया था। आईएमए की मांग पर इमरजेंसी सेवाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने अस्पतालों को छूट दी है। शनिवार से अब अस्पतालों को एक बार में 100 लीटर डीजल मुहैया कराया जाएगा।
जिले में हालात अब तेजी से सामान्य होते नजर आ रहे हैं। शनिवार को शहरी क्षेत्रों के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर सामान्य दिनों जैसी स्थिति रही, जबकि ग्रामीण इलाकों में कुछ स्थानों पर हल्की भीड़ देखी गई। पूर्ति विभाग ने बताया कि शुक्रवार को जिले में 443 किलोलीटर पेट्रोल और 634 किलोलीटर डीजल की बिक्री दर्ज की गई, जो औसत स्तर के करीब है। प्रशासन के गैलन-डिब्बा में डीजल-पेट्रोल देने पर रोक से प्राइवेट अस्पतालों में डीजल से चलने वाले जेनरेटरों पर संकट खड़ा हो गया था। इस पर आईएमए ने जिला प्रशासन से छूट की मांग करते हुए बताया था कि हमेशा से अस्पतालों को गैलन में ही डीजल मिलता रहा है। जेनरेटर तो पेट्रोल पंपों पर नहीं आ सकता। आईएमए की मांग और इमरजेंसी सेवाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने शनिवार से निजी अस्पतालों को छूट दे दी। अब अस्पतालों को एक बार में 100 लीटर डीजल मुहैया कराया जाएगा।
जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदें- प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही ईंधन की खरीदारी करें। अधिकारियों के अनुसार, अफवाहों के चलते पहले दिन अनावश्यक भीड़ बढ़ गई थी, जिससे कुछ पंपों पर अस्थायी दबाव बना। हालांकि अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। जिला प्रशासन लगातार पंपों की निगरानी कर रहा है और आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जा रहा है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि आगे भी किसी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी।
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जिले में उपलब्धता
1992 केएल - डीजल
1604 केएल - पेट्रोल
254 - जिले में कुल पेट्रोल पंप की संख्या
ऐसे फैली थी अफवाह
आंबेडकर नगर और बस्ती जिले से सटे इलाकों में बुधवार को डीजल-पेट्रोल की कमी और लॉकडाउन लगने की अफवाह फैली थी। इसका असर बुधवार की रात से ही ही जिले में दिखने लगा था। अतरौलिया, अंबारी, पवई आदि क्षेत्रों में लोग ड्रम, गैलन आदि में डीजल-पेट्रोल को स्टोर करने लगे। बार्डर क्षेत्र के कुछ पंपों पर डीजल-पेट्रोल की किल्लत के चलते पंप बंद हो गए थे। बृहस्पतिवार को शहर से लेकर गांव तक पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गई। इसमें सबसे ज्यादा ग्रामीण क्षेत्र के अंबारी, अतरौलिया, पवई, लाटघाट, बरदह आदि क्षेत्र रहे। इसके चलते बृहस्पतिवार को 1000-1000 केएल (10 लाख लीटर)डीजल-पेट्रोल की बिक्री हो गई। जबकि यह सामान्य दिनों में 600 से 700 केएल तक होती है। इसी प्रकार शुक्रवार को पेट्रोल 443 केएल तो डीजल की बिक्री 634 केएल हुई।
जिले में पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल और डीजल उपलब्ध है। लगातार अलग-अलग कंपनियों के तेल के टैंकर आ रहे हैं। सामान्य तरीके से सबको डीजल-पेट्रोल मिल रहा है। अस्पतालों को जेनरेटर चलाने के लिए एक बार में 100 लीटर डीजल गैलन में लेने की छूट दी गई है।- विकास कुमार सिंह, प्रभारी डीएसओ।
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दो पंपों पर डीजल-पेट्रोल नहीं, लौटे लोग
अहरौला। क्षेत्र में अफवाहों के बीच शनिवार को अन्य पेट्रोल पंपों पर डीजल-पेट्रोल लेने की स्थिति सामान्य रही। लोग इक्का-दुक्का करके आराम से आते रहे और जाते रहे। वहीं युधिष्ठिर पट्टी स्थित विश्वनाथ फिलिंग स्टेशन, मतलूबपुर स्थित सुभाष फिलिंग स्टेशन पर पेट्रोल-डीजल नहीं मिला। इसके चलते लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
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पेट्रोल पंप के मैनेजर और ग्राहक के बीच हुई झड़प
बिंद्राबाजार। आजमगढ़-जौनपुर मार्ग पर दयालपुर मोड के पास स्थित पेट्रोल पंप पर शनिवार को तेल न मिलने पर उपभोक्ता व पंप कर्मियों के बीच तीखी बहज हुई। रानीपुर राजमो निवासी रविंद्र कुमार पेट्रोल पंप चौहान फिलिंग स्टेशन दयालपुर मोड पर अपनी गाड़ी में पेट्रोल भरवाने के लिए गए। जब वहां पर पहुंचे तो पेट्रोल पंप पर खड़े हुए कर्मी ने कहा कि तेल उपलब्ध नहीं है। इस पर उन्होंने कहा कि तेल उपलब्ध न होने पर कम से कम एक पोस्टर चिपका देना चाहिए। उपभोक्ता और पंप कर्मी के बीच हो रही बहस के बीच मैनेजर आ गए। इस दौरान उपभोक्ता और मैनेजर के बीच झड़प की स्थिति उत्पन्न हो गई। मौके पर पहुंचे लोगों ने दोनों को समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया।
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जिले में हालात अब तेजी से सामान्य होते नजर आ रहे हैं। शनिवार को शहरी क्षेत्रों के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर सामान्य दिनों जैसी स्थिति रही, जबकि ग्रामीण इलाकों में कुछ स्थानों पर हल्की भीड़ देखी गई। पूर्ति विभाग ने बताया कि शुक्रवार को जिले में 443 किलोलीटर पेट्रोल और 634 किलोलीटर डीजल की बिक्री दर्ज की गई, जो औसत स्तर के करीब है। प्रशासन के गैलन-डिब्बा में डीजल-पेट्रोल देने पर रोक से प्राइवेट अस्पतालों में डीजल से चलने वाले जेनरेटरों पर संकट खड़ा हो गया था। इस पर आईएमए ने जिला प्रशासन से छूट की मांग करते हुए बताया था कि हमेशा से अस्पतालों को गैलन में ही डीजल मिलता रहा है। जेनरेटर तो पेट्रोल पंपों पर नहीं आ सकता। आईएमए की मांग और इमरजेंसी सेवाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने शनिवार से निजी अस्पतालों को छूट दे दी। अब अस्पतालों को एक बार में 100 लीटर डीजल मुहैया कराया जाएगा।
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जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदें- प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही ईंधन की खरीदारी करें। अधिकारियों के अनुसार, अफवाहों के चलते पहले दिन अनावश्यक भीड़ बढ़ गई थी, जिससे कुछ पंपों पर अस्थायी दबाव बना। हालांकि अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। जिला प्रशासन लगातार पंपों की निगरानी कर रहा है और आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जा रहा है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि आगे भी किसी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी।
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जिले में उपलब्धता
1992 केएल - डीजल
1604 केएल - पेट्रोल
254 - जिले में कुल पेट्रोल पंप की संख्या
ऐसे फैली थी अफवाह
आंबेडकर नगर और बस्ती जिले से सटे इलाकों में बुधवार को डीजल-पेट्रोल की कमी और लॉकडाउन लगने की अफवाह फैली थी। इसका असर बुधवार की रात से ही ही जिले में दिखने लगा था। अतरौलिया, अंबारी, पवई आदि क्षेत्रों में लोग ड्रम, गैलन आदि में डीजल-पेट्रोल को स्टोर करने लगे। बार्डर क्षेत्र के कुछ पंपों पर डीजल-पेट्रोल की किल्लत के चलते पंप बंद हो गए थे। बृहस्पतिवार को शहर से लेकर गांव तक पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गई। इसमें सबसे ज्यादा ग्रामीण क्षेत्र के अंबारी, अतरौलिया, पवई, लाटघाट, बरदह आदि क्षेत्र रहे। इसके चलते बृहस्पतिवार को 1000-1000 केएल (10 लाख लीटर)डीजल-पेट्रोल की बिक्री हो गई। जबकि यह सामान्य दिनों में 600 से 700 केएल तक होती है। इसी प्रकार शुक्रवार को पेट्रोल 443 केएल तो डीजल की बिक्री 634 केएल हुई।
जिले में पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल और डीजल उपलब्ध है। लगातार अलग-अलग कंपनियों के तेल के टैंकर आ रहे हैं। सामान्य तरीके से सबको डीजल-पेट्रोल मिल रहा है। अस्पतालों को जेनरेटर चलाने के लिए एक बार में 100 लीटर डीजल गैलन में लेने की छूट दी गई है।- विकास कुमार सिंह, प्रभारी डीएसओ।
दो पंपों पर डीजल-पेट्रोल नहीं, लौटे लोग
अहरौला। क्षेत्र में अफवाहों के बीच शनिवार को अन्य पेट्रोल पंपों पर डीजल-पेट्रोल लेने की स्थिति सामान्य रही। लोग इक्का-दुक्का करके आराम से आते रहे और जाते रहे। वहीं युधिष्ठिर पट्टी स्थित विश्वनाथ फिलिंग स्टेशन, मतलूबपुर स्थित सुभाष फिलिंग स्टेशन पर पेट्रोल-डीजल नहीं मिला। इसके चलते लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
पेट्रोल पंप के मैनेजर और ग्राहक के बीच हुई झड़प
बिंद्राबाजार। आजमगढ़-जौनपुर मार्ग पर दयालपुर मोड के पास स्थित पेट्रोल पंप पर शनिवार को तेल न मिलने पर उपभोक्ता व पंप कर्मियों के बीच तीखी बहज हुई। रानीपुर राजमो निवासी रविंद्र कुमार पेट्रोल पंप चौहान फिलिंग स्टेशन दयालपुर मोड पर अपनी गाड़ी में पेट्रोल भरवाने के लिए गए। जब वहां पर पहुंचे तो पेट्रोल पंप पर खड़े हुए कर्मी ने कहा कि तेल उपलब्ध नहीं है। इस पर उन्होंने कहा कि तेल उपलब्ध न होने पर कम से कम एक पोस्टर चिपका देना चाहिए। उपभोक्ता और पंप कर्मी के बीच हो रही बहस के बीच मैनेजर आ गए। इस दौरान उपभोक्ता और मैनेजर के बीच झड़प की स्थिति उत्पन्न हो गई। मौके पर पहुंचे लोगों ने दोनों को समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया।