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शहर की सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे, बारिश के बाद बढ़ी राहगीरों की परेशानी

Fri, 01 Jul 2022 11:27 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 01 Jul 2022 11:27 PM IST
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Potholes on the roads of the city, the problems of the passers-by increased after the rain
आजमगढ़। योगी सरकार 2.0 के 100 दिन पूरे होने वाले हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। सरकार ने अभियान चलाकर सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का निर्देश दिया था। बावजूद जिले स्तर पर बैठे आलाधिकारियों ने कागजों में ही सड़कों को गड्ढा मुक्त कर दिया। शहर अधिकांश सड़कें ऐसी हैं जो पूरी तरह टूट चुकी हैं। कलेक्ट्रेट भवन से चंद कदम की दूरी पर स्थित कुंवर सिंह उद्यान से जीजीआईसी तक जाने वाली मार्ग, हर्रा की चुंगी से टेढ़िया मस्जिद तक, दलालघाट-पुरानी कोतवाली व मातबरगंज से बदरका तक जाने वाला मार्ग पूरी तरह से जर्जर है। जिससे राहगीरों की समस्या बढ़ती ही जा रही है। शहर में सड़कों का हाल-बेहाल बना हुआ है। सड़कें जगह-जगह से गड्ढों में तब्दील हो गई है। इसके कारण स्थानीय लोगों के साथ ही राहगीरों को मुसीबत झेलना पड़ रही है। मानसून आते ही परेशानी और भी बढ़ गई है। बारिश के कारण सड़कों पर बने गड्ढों में पानी जमा हो रहा है। जिससे चलना दूभर हो गया है। कई जगह तो दुर्घटनाएं भी हो रही है। हालांकि कुछ सड़कों पर कुछ दिन पहले मरम्मत का कार्य भी कराया गया था लेकिन चंद दिनों में ही सड़कें जस की तस हो गईं। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। जिसके कारण वाहन भी पलट जा रहे हैं। बारिश के कारण समस्या और भी भयावह हो गई है। कारण कि बारिश का पानी जमा होने के कारण कई स्थानों पर तो पता ही नहीं चल रहा कि कहां सड़क है कहां गड्ढा। जिससे दुर्घटनाएं हो रही है।
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हुक्मरानों की सड़क भी गड्ढायुक्त, नहीं पड़ रही नजर
आजमगढ़। कलेक्ट्रट भवन से चंद कदम की दूरी पर कुंवर सिंह उद्यान गेट है। गेट के सामने से जीजीआईसी की ओर जाने वाली सड़क पर जगह-जगह जानलेवा गड्ढे हैं। गड्ढे करीब एक से डेढ़ फिट के हैं जिससे छोटे पहिए वाले वाहन पलट भी जा रहे हैं। मंगलवार व बुधवार को हुई झमाझम बारिश के कारण सड़कों पर हुए गड्ढे में पानी भर गया। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने कई बड़े-बड़े गड्ढे हैं लेकिन किसी की नजर नहीं पड़ती है। जबकि पुलिस अधीक्षक व जिलाधिकारी के वाहन इस मार्ग से प्रतिदिन गुजरते हैं लेकिन वह भी मौन साधे हुए हैं। नतीजा रहा कि बृहस्पतिवार को आटो में सवारी लेकर जा रहा आटो एसपी कार्यालय के सामने पलट गया। जिसके कारण आटो में बैठे यात्री घायल हो गए। एक महिला को गंभीर चोट आई थी वह अपने पैरों पर खड़ी नहीं हो पा रही थी। ऐसा मालूम हो रहा था कि उसे पैर ही टूट गए थे।
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हर्रा की चुंगी से टेढ़िया मस्जिद तक की सड़क क्षतिग्रस्त
आजमगढ़। हर्रा की चुंगी से टेढ़िया मस्जिद तक का मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है। जिसपर चलना लोगों के लिए मुश्किल भरा है। जबकि यह मार्ग प्रमुख मार्गों में शामिल है। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों लोगों का आना-जाना लगा रहता है। मजे की बात तो यह है कि इस मार्ग पर एक पूर्व मंत्री का आवास भी है जो पिछले 40 साल से विधानसभा सदर का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इतना ही नहीं वर्तमान समय के जिला पंचायत अध्यक्ष का भी आवास इसी मार्ग पर है। इसी सड़क को लेकर चुनाव में घमासान भी मचा हुआ था। इसे मुद्दा बनाया गया आजमगढ़ के नए सांसद दिनेश लाल यादव निरहुआ ने भी इसे लेकर सपा विधायक दुर्गा यादव पर निशाना साधा था। हालांकि सांसद ने इसे बनवाने का आश्वास दिया है।
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हर दो कदम पर सड़क में गड्ढा ही गड्ढा
आजमगढ़। मातबरगंज से बदरका तक की सड़क का हाल तो बेहाल है। मार्ग पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो गया है, जो वाहन चालकों के लिए मुसीबत बन गया है। करीब 500 मीटर की इस सड़क पर हजरों गड्ढे है। जिसपर चलना मतलब जान जोखिम में डालने के बराबर है। इसी मार्ग से रोजाना नपा के जिम्मेदार अफसरों का आना-जाना लगा रहता है। बावजूद इसके किसी ने भी इन गड्ढों को दुरुस्त कराने की सुध नहीं ली। अफसर गड्ढों से बचते-बचाते नपा पहुंच जाते हैं। इस मार्ग पर हर दो कदम पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। जिससे आएदिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे है। राहगीरों में इसे लेकर काफी रोष है।
400 मीटर की सड़क पर एक हजार से अधिक गड्ढे
आजमगढ़। यहां सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढे में सड़क! यह कह पाना मुश्किल है। यह हकीकत है दलालघाट से पुरानी कोतवाली की ओर जाने वाली मुख्य सड़क की। इस मार्ग से रोजाना अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों का आवागमन होता है, फिर भी मार्ग की मरम्मत को लेकर कोई कोशिश नहीं। यकरीब 400 मीटर की लंबी इस सड़क पर एक हजार से अधिक गड्ढे हैं। जिससे लोग आएदिन गिरकर चोटिल हो जाते हैं। बारिश के कारण समस्या और भी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने इस सड़क को बनाने की मांग की है।

इस मामले में लोक निर्माण खंड-2 के अधिशासी अभियंता राजेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि सदर विधानसभा में पड़ने वाली सड़कों की मरम्मत के लिए करीब 40 से 50 लाख रुपये तक का इस्टीमेट भेजा था। शासन से सड़क मरम्मत के लिए धनराशि ही नहीं मिली। ऐसे में सड़कों की मरम्मत कैसे हो पाएगी। इधर ट्रांसफर पोस्ट हो रहा है। ऐसे में अभी कोई उम्मीद नहीं है। इसके बाद ही धनराशि मिलने की उम्मीद की जा रही है।
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