अतरौलिया। क्षेत्र के भवानीपुर स्थित मां जानकी इंटर कॉलेज के प्रांगण में विद्यालय के स्थापना दिवस पर आयोजित कवि सम्मेलन एवं मुशायरे में देर रात तक कवियों की रचनाओं पर श्रोता झूमते रहे। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता निगम बहादुर सिंह और संचालन कवि भाल चंद्र त्रिपाठी ने किया।
कवि सम्मेलन की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना से हुई। कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से कवियों ने मां सरस्वती को श्रद्धा सुमन अर्पित किया। कवि भालचंद्र त्रिपाठी में समाज को नई दिशा देते हुए सुनाया कि लोग हैं जाल डाले हुए, जो फंसे वह निवाले हुए, हर किसी को भरम है, यही है सब संभाले हुए...। सुनाकर लोगों की खूब तालियां बटोरीं। वाराणसी से आए कवि राम किशोर तिवारी ने अपनी रचना सुनाई कि तुम स्वयं अनंत दीपक जलाए रखो, सो गई चेतना को जगाए रखो, रोशनी खुद तुम्हे देखने आएगी, यह निराशा की चादर हटाए रखो...। वाराणसी के भूषण त्यागी ने अपनी रचना सुनाई कि अंधेरा धना रोशनी चाहिए, दर्द जो पी सके रागनी चाहिए, जान दे दे जो हंसते हुए वतन के लिए, हौसलों से भरा आदमी चाहिए...। प्रमोद पंकज ने बेटियो पर अपनी रचना सुनाई कि मेरी बिटिया गई थी स्कूल, गली में भूखे भेड़िए मिलें, इज्जत की उजाड़ दी धूल...। कवित्रि विभा शुक्ल ने सुनाया कि कभी सावन की बदली हुई, कभी फागुन की मस्ती हुई, कभी प्यासे पपीहों की तरह पीह को तरसती हुई...। हास्य कवि बिहारी लाल अंबर में मौजूदा राजनीति पर नेताओं को जमकर लताड़ा। इस मौके पर जयनाथ सिंह, निगम बहादुर सिंह, सक्कू सिंह, विनोद राजभर, हवलदार यादव, रामचंद्र जयसवाल, दिनेश मद्धेशिया उपस्थित थे।