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छात्रों ने मार्च निकाल कर देशभक्ति का दिया संदेश
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Fri, 17 Mar 2017 11:52 PM IST
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नौजवान भारत सभा और दिशा छात्र संगठन ने नगर में निकाला पैदल मार्च।
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शहीद यादगार अभियान के दूसरे दिन शुक्रवार को नौजवान भारत सभा और दिशा छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने रैदोपुर तिराहा, दीवानी कचहरी, कलेक्ट्रेट, रिक्शा स्टैंड, सिविल लाइंस आदि क्षेत्रों में पैदल मार्च किया। साथ ही नुक्कड़ सभा के दौरान लोगों में पर्चे बांटे गए। साथ ही ‘जिंदगी ने एक दिन कहा कि तुम लड़ो, ‘हल्ला बोल, आ गए यहां जवां क़दम’ आदि गीत प्रस्तुत किए।
नौजवान भारत सभा के अमित ने कहा कि आज के समय में नौजवान भारत सभा को फिर से जिंदा करने के पीछे हमारा भी मकसद यही है कि जनता में व्यापक एकजुटता कायम की जाए। साथ ही सबको समान शिक्षा और सबको रोजगार के नारे पर नौजवानों का देशव्यापी आंदोलन संगठित किया जाए।
स्त्री मुक्ति लीग की नीशू ने कहा कि कोई भी मुक्ति की लड़ाई बिना स्त्रियों की भागीदारी के आगे नहीं बढ़ सकती। आजादी के बाद स्त्रियों की स्थिति में कोई बुनियादी सुधार नहीं आया। स्त्री उत्पीड़न, बलात्कार, घरेलू हिंसा आदि के मामलों में पहले की तुलना में बढ़ोतरी हुई है। भगत सिंह जैसे क्रांतिकारियों के संगठन स्त्रियों की आजादी का सम्मान करते थे, दुर्गा भाभी जैसे महान क्रांतिकारी महिलाएं उनके संगठन में जुड़ी थीं। आज के समय में भी ऐसा ही संगठन बनाना पड़ेगा। जिसमें स्त्रियों-पुरुषों की सामूहिक भागीदारी हो।
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दिशा छात्र संगठन के विवेक ने कहा कि छात्रों-युवाओं को अपनी पढ़ाई के अलावा देश के बदलाव की लड़ाई में भी शरीक होना होगा। इस मौके पर मित्रसेन, अजय, राहुल, बिंद्रेश, संजीव, प्राची, अंजली, प्रतिभा, राजू, प्रसेन आदि मौजूद रहे।
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नौजवान भारत सभा के अमित ने कहा कि आज के समय में नौजवान भारत सभा को फिर से जिंदा करने के पीछे हमारा भी मकसद यही है कि जनता में व्यापक एकजुटता कायम की जाए। साथ ही सबको समान शिक्षा और सबको रोजगार के नारे पर नौजवानों का देशव्यापी आंदोलन संगठित किया जाए।
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स्त्री मुक्ति लीग की नीशू ने कहा कि कोई भी मुक्ति की लड़ाई बिना स्त्रियों की भागीदारी के आगे नहीं बढ़ सकती। आजादी के बाद स्त्रियों की स्थिति में कोई बुनियादी सुधार नहीं आया। स्त्री उत्पीड़न, बलात्कार, घरेलू हिंसा आदि के मामलों में पहले की तुलना में बढ़ोतरी हुई है। भगत सिंह जैसे क्रांतिकारियों के संगठन स्त्रियों की आजादी का सम्मान करते थे, दुर्गा भाभी जैसे महान क्रांतिकारी महिलाएं उनके संगठन में जुड़ी थीं। आज के समय में भी ऐसा ही संगठन बनाना पड़ेगा। जिसमें स्त्रियों-पुरुषों की सामूहिक भागीदारी हो।
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दिशा छात्र संगठन के विवेक ने कहा कि छात्रों-युवाओं को अपनी पढ़ाई के अलावा देश के बदलाव की लड़ाई में भी शरीक होना होगा। इस मौके पर मित्रसेन, अजय, राहुल, बिंद्रेश, संजीव, प्राची, अंजली, प्रतिभा, राजू, प्रसेन आदि मौजूद रहे।