गजब हाल है: पंचायत भवनों में लटक रहे ताले, घरों से चल रही गांव की सरकार; जानें- क्या है बड़ी वजह
Azamgarh News: आजमगढ़ जिले में पंचायत भवनों में ताले लटक रहे हैं। इसका लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। यहां पंचायत सहायकों की नियुक्ति तो की गई है, लेकिन अधिकारियों की उदासीनता से पंचायत भवन में कामकाज संचालित नहीं हो पा रहे।
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जिले में 22 ब्लॉक की 1811 ग्राम पंचायतें हैं। लगभग सभी ग्राम पंचायतों में एक वर्ष से अधिक समय से पंचायत भवन बने हैं। सभी ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायकों की नियुक्ति की गई है। ग्राम पंचायत अधिकारी को भी पंचायत भवन में बैठने के लिए कहा गया है। कुर्सी, मेज, आलमारी, इन्वर्टर आदि उपकरण खरीदे गए लेकिन कम्प्यूटर सहित अन्य सामान प्रधानाों के घरों की शोभा बढ़ा रहे हैं।
वहीं, पंचायत सहायक अनुपस्थित रहकर प्रति महीने मानदेय ले रहे हैं। एक-एक ग्राम पंचायत अधिकारी के जिम्मे 15 से 20 गांवों का कार्य है। वे कहीं न जाकर ब्लॉक पर ही रहकर कामकाज निपटाते हैं। इतना ही नहीं परिवार रजिस्टर की नकल लोगों को तभी मिल पाती है जब वे दो से चार दिन तक ब्लॉक के चक्कर काटते हैं।
आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र के लिए जाना पड़ता है जनसेवा केंद्र
बंद मिला ताला, कर्मचारी का पता नहीं, ब्लॉक पर जाना पड़ता है
विकासखंड पवई के बस्ती चक गुलरा के पंचायत भवन में 11.25 बजे ताला बंद मिला। पंचायत भवन प्राथमिक विद्यालय परिसर में स्थित है, वहां दोपहर के समय सभी कमरों में ताला बंद मिला। बरामदे में कुछ लोग आराम करते या सोते हुए दिखे, जबकि अंदर सभी कार्यालयी दरवाजों पर ताले लटके थे। ग्रामीणों ने बताया कि भवन कभी-कभार खुलता है और कर्मचारियों की जानकारी नहीं है। ऐसे में ग्रामीणों को किसी भी कार्य के लिए ब्लॉक का चक्कर लगाना पड़ता है
क्या बोले अधिकारी
पंचायत भवन को प्रत्येक कार्य दिवस में खोलना है। सभी को 10 से 12 बजे तक हर हाल में बैठना है। यदि नहीं खोलेंगे तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सभी सचिवों की बैठक बुलाई गई है। बैठक कर संबंधित को इसके लिए निर्देश दिए जाएंगे। जिससे आम जनता को पंचायत भवनों में मिलने वाली सुविधाओं का लाभ मिल सके। -पवन कुमार, डीपीआरओ आजमगढ़