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Azamgarh News: सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत किया भ्रष्टाचार का विरोध

Sun, 05 Oct 2025 11:54 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 05 Oct 2025 11:54 PM IST
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Opposed corruption under the government's zero tolerance policy
46- आरोप-प्रत्यारोप के बीच प्रेसवार्ता करते हरैया विकास खंड के बीडीसी सदस्य।
उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुपालन में 4 अक्टूबर को हरैया ब्लॉक में ब्लॉक प्रमुख संदीप पटेल के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पर फ़्लोर टेस्ट कराया गया। जिला प्रशासन द्वारा सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार पारदर्शी प्रक्रिया में यह फ्लोर टेस्ट संपन्न हुआ। रविवार को आरोप प्रत्यारोप के बीच बीडीसी सदस्यों ने प्रेसवार्ता की।
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बीडीसी सदस्यों ने कहा कि ब्लॉक प्रमुख संदीप पटेल के खिलाफ लंबे समय से भ्रष्टाचार और विकास निधि के दुरुपयोग के आरोप लग रहे थे। आरोप है कि प्रमुख संदीप पटेल मात्र एक “मुहर” बनकर रह गए थे, जबकि ब्लॉक की वास्तविक कमान संतोष सिंह, उसके भाई मिस्टर सिंह, और एक यादव के हाथों में थी। इन लोगों पर विकास निधि के दुरुपयोग, गुंडागर्दी और ब्लॉक की योजनाओं में घोर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं।
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भ्रष्टाचार और मनमानी से आक्रोशित होकर हरैया ब्लॉक के बीडीसी सदस्य, ग्राम प्रधान और पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था। पहले इस पर उच्च न्यायालय ने फ्लोर टेस्ट का आदेश दिया था, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने स्थगित कर दिया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में पुनः सुनवाई के उपरांत जिला प्रशासन को फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश मिला। प्रशासन की देखरेख में हुए इस फ़्लोर टेस्ट में सभी बीडीसी सदस्यों ने एकमत से प्रमुख संदीप पटेल के खिलाफ मतदान किया। किसी भी सदस्य ने उनके पक्ष में वोट नहीं दिया। आशीष सिंह, वंदना देवी के पति पप्पू कुमार, कौशलेंद्र सिंह मिंटू, तथा प्रधान संघ ब्लॉक अध्यक्ष उमेश यादव ने प्रमुख प्रतिनिधि संतोष सिंह द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अविश्वास प्रस्ताव किसी राजनीतिक दल से जुड़ा हुआ नहीं है, बल्कि यह भ्रष्टाचार और माफियावाद के खिलाफ पंचायत प्रतिनिधियों का एकजुट संघर्ष है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इसे भाजपा, सपा या बसपा की लड़ाई के रूप में प्रस्तुत कर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि यह कदम माननीय मोदी जी और योगी जी की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति की भावना से प्रेरित है।
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