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Azamgarh News: 81 दिनों में सिर्फ 16 प्रतिशत हुई गेहूं की खरीद
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आजमगढ़। आजमगढ़ मंडल में शुरुआती दौर से ही गेहूं खरीद सुस्त है। समर्थन मूल्य से अधिक बाजार भाव ने खरीद को प्रभावित हो रही है। अब तो क्रय केंद्रों पर खरीद लगभग ठप हो चुकी है। अधिकांश क्रय केंद्रों पर ताला लटक रहा है जबकि 15 जून तक खरीद होनी है। मंडल में अब तक लक्ष्य के सापेक्ष 16.12 प्रतिशत ही गेहूं की खरीद हुई है।
मंडल के तीनों जनपदों को इस बार समर्थन मूल्य 2275 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 2.68 लाख एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य है। सोमवार को खरीद शुरू होने के 81 दिन पूरे हो चुके लेकिन अब तक 43204.89 एमटी ही गेहूं खरीदा जा सका है। शुरूआती दौर से ही खरीद काफी धीमी रही। उधर समर्थन मूल्य के बराबर या इससे अधिक बाजार भाव होने से किसानों का रूख व्यापारियों की तरफ रहा। पंजीकरण कराने और क्रय केंद्रों पर गेहूं ले जाने आदि समस्याओं से छुटकारा पाने केे लिए वह व्यापारियों को अपना गेहूं बेचते गए।
केंद्र प्रभारी भी क्रय केंद्रों को बंद कर अक्सर गायब रहते हैं। जनपदवार देखा जाय तो गेहूं खरीद में मऊ की स्थिति ठीक रही है। यहां 46700 एमटी के सापेक्ष 13846 एमटी यानि 29.65 प्रतिशत गेहूं खरीदा जा चुका है। आजमगढ़ में 16.30 प्रतिशत यानि 94700 एमटी के सापेक्ष 15438.80 एमटी और बलिया में 126600 एमटी के सापेक्ष 13920 एमटी गेहूं खरीदा गया है। 15 जून तक खरीद होनी है ऐसे में 26 दिन और शेष बचे हैं। उधर किसानों के पास अब गेहूं भी नहीं बचा है। ऐसे मेें खरीद का प्रतिशत बढ़ना अब मुश्किल है।
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क्रय केंद्र प्रभारियों को गांवों में जाकर किसानों से गेहूं खरीदने का निर्देश दिया गया है। वह गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क कर रहे हैं। बहुत कम ही किसान मिल रहे हैं जिनके पास गेहूं बचा है। लेकिन जो गेहूं मिल रहे हैं उसे खरीदा जा रहा है। अभी 15 जून तक खरीद चलेगी। - राममूर्ति पांडेय, संभागीय खाद्य नियंत्रक।
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मंडल के तीनों जनपदों को इस बार समर्थन मूल्य 2275 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 2.68 लाख एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य है। सोमवार को खरीद शुरू होने के 81 दिन पूरे हो चुके लेकिन अब तक 43204.89 एमटी ही गेहूं खरीदा जा सका है। शुरूआती दौर से ही खरीद काफी धीमी रही। उधर समर्थन मूल्य के बराबर या इससे अधिक बाजार भाव होने से किसानों का रूख व्यापारियों की तरफ रहा। पंजीकरण कराने और क्रय केंद्रों पर गेहूं ले जाने आदि समस्याओं से छुटकारा पाने केे लिए वह व्यापारियों को अपना गेहूं बेचते गए।
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केंद्र प्रभारी भी क्रय केंद्रों को बंद कर अक्सर गायब रहते हैं। जनपदवार देखा जाय तो गेहूं खरीद में मऊ की स्थिति ठीक रही है। यहां 46700 एमटी के सापेक्ष 13846 एमटी यानि 29.65 प्रतिशत गेहूं खरीदा जा चुका है। आजमगढ़ में 16.30 प्रतिशत यानि 94700 एमटी के सापेक्ष 15438.80 एमटी और बलिया में 126600 एमटी के सापेक्ष 13920 एमटी गेहूं खरीदा गया है। 15 जून तक खरीद होनी है ऐसे में 26 दिन और शेष बचे हैं। उधर किसानों के पास अब गेहूं भी नहीं बचा है। ऐसे मेें खरीद का प्रतिशत बढ़ना अब मुश्किल है।
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क्रय केंद्र प्रभारियों को गांवों में जाकर किसानों से गेहूं खरीदने का निर्देश दिया गया है। वह गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क कर रहे हैं। बहुत कम ही किसान मिल रहे हैं जिनके पास गेहूं बचा है। लेकिन जो गेहूं मिल रहे हैं उसे खरीदा जा रहा है। अभी 15 जून तक खरीद चलेगी। - राममूर्ति पांडेय, संभागीय खाद्य नियंत्रक।