Azamgarh: पहली से आठवीं तक के स्कूल दो दिन तक बंद, DM का बीएसए को निर्देश, सभी स्कूलों के लिए होगा प्रभावी
जिले में बढ़ती ठंड और कोहरे को देखते हुए जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज ने पहली से लेकर आठवीं कक्षा तक के स्कूलों को 22 दिसंबर से 23 दिसंबर (दो दिन) तक बंद रखने का निर्देश बीएसए को दिया है।
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आजमगढ़ में बुधवार को भी घना कोहरा छाया रहा तो वहीं गुरुवार को धूप निकलने से थोड़ा राहत मिली। जिले में बढ़ती ठंड और कोहरे को देखते हुए जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज ने पहली से लेकर आठवीं कक्षा तक के स्कूलों को 22 दिसंबर से 23 दिसंबर (दो दिन) तक बंद रखने का निर्देश बीएसए को दिया है। बीएसए अतुल कुमार सिंह ने डीएम के निर्देश के तहत बुधवार को सभी स्कूलों में दो दिन छुट्टी रखने के लिखित निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि यह निर्देश सरकारी और निजी सभी स्कूलों के लिए प्रभावी होगा।
Azamgarh, Uttar Pradesh | On the instruction of the District Magistrate, all schools are to be closed in Azamgarh on 22nd December and 23rd December in view of the cold wave pic.twitter.com/6czcuiKsYE
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) December 22, 2022विज्ञापन
मंगलवार रात से ओस मानो पानी की तरह बरस रही हो। आधी रात के बाद कोहरा इतना भीषण छा गया कि सुबह कोहरे के साथ बढ़ी सर्दी शरीर में हड्डियों तक समा गई। हर कोई ठिठुरता हुआ नजर आया। अधिक कोहरा होने के कारण दोपहिया वाहन रेंगते हुये अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। वहीं चार वाहन सवार अपने वाहनों की लाइट जलाते हुये निकले और लाइट में पीली पन्नी लगाने से कोहरे से निजात पाने का कार्य कर रहे हैं। कोहरे के साथ सर्द हवाएं चलने से हर कोई ठिठुरता नजर आया। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ी। उन्हें सर्द मौसम में ठिठुरते हुए स्कूल जाने को विवश होना पड़ा। बच्चों के साथ ही उन्हें पहुंचाने के लिए स्कूल पहुंचे अभिभावक भी ठंडी से ठिठुरते नजर आए। भोर से ही शहर की सड़कों पर टहलने वालों का मेला लगता है। लेकिन दो दिन पड़े रहे कोहरे के कारण इनकी संख्या भी कम नजर आई। बहुत से लोगों ने रजाई में रहने में ही भलाई समझी और टहलने का विचार त्याग दिया। वहीं मौसम विभाग की ओर से दो दिन कोहरे का यलो एलर्ट जारी किया गया है। जिसके कारण बृहस्पतिवार को भी घन कोहरा छाए रहने की उम्मीद है।
आजमगढ़। मंडलीय जिला चिकित्सालय के फिजिशियन डा. आरके कुशवाहा ने कहा कि आम मौसम की तरह ठंड के दिनों में अपने स्वास्थ्य को लेकर किसी तरह की लापरवाही न करें, खासतौर पर बच्चे और बुजुर्ग। दोनों में बीमारियों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, जिससे वे सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित हो सकते हैं। ऐसे मौसम में सुबह का टहलना जरूरी है, लेकिन बुजुर्गों को इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए कि वे सुबह आठ बजे के बाद ही घूमने निकलें, जब ठंड का असर थोड़ा कम होता है। ऐसा ही शाम के वक्त दिन ढलने के पहले ही घूम लें। हृदय रोगियों को ठंड के मौसम में बहुत ही सावधानी रखना चाहिए। यदि आप को पहले हार्ट अटैक आ चुका है तो जितनी जरूरत दवा की है, उतनी ही सावधानी रखने की। ठंड में सुबह और रात के वक्त तापमान सबसे कम होता है। ऐसे में आप को अपने पहनावे और खानपान पर ध्यान देना होगा। संभव हो तो आप सुबह आठ बजे के बाद ही घूमने जाएं हो सके तो धूप निकलने के बाद निकलें।
नगर क्षेत्र में कहीं भी नहीं जले अलाव
आजमगढ़। जनपद में सर्दी ने अपना सितम ढाना शुरू कर दिया है। अभी तक नगर पालिका क्षेत्र में नपा की लापरवाही बरकरार है। नगर क्षेत्र में अलाव जलाने के लिए जगह तो चिह्नित कर लिया गया है। लेकिन अभी तक नगरपालिका द्वारा बुधवार की सुबह तक जिला अस्पताल को छोड़कर कहीं भी अलाव की व्यवस्था नजर नहीं आई। जिसके कारण सर्दी से बचने के लिए लोगों को निजी संसाधनों का सहारा लेना पड़ा।