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UP: दुल्हन की तलाश में बरात लेकर निकला बुढ़वा..., फिर रह गया कुंवारा; देवी-वेवाताओं की झांकी ने मोहा मन
Sat, 15 Mar 2025 03:12 PM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Sat, 15 Mar 2025 03:12 PM IST
सार
आजमगढ़ में भी होली का समापन हो गया। इस अवसर पर शहर के कई स्थानों पर शोभायात्राएं निकालीं गईं। होली गीताें पर लोग ठुमके लगा रहे थे। वहीं, प्रशासन भी सुरक्षा की दृष्टि से मुस्तैद रहा।
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आजमगढ़ में होली के अवसर पर हुड़दंग करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
होली के अवसर पर शहर से लेकर गांव तक शोभायात्रा निकाली गई और उसमें शामिल देवी-देवताओं की झांकी दर्शन कर लोग निहाल हो उठे। शहर में श्री बजरंग दल गोला अखाड़ा की ओर से संत प्रसाद अग्रवाल की अगुवाई में निकली शोभायात्रा में शंकर-पार्वती, हनुमान जी व मां काली, राधा-कृष्ण की मनोहारी झांकी सजाई गई थी।
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शोभायात्रा बिहारी जी मंदिर से निकलकर मुख्य चौक, मातवरगंज, लालडिग्गी, पुरानी सब्जीमंडी, चौक, पुरानी कोतवाली, तकिया, कोट, दलालघाट होते हुए बिहारी जी मंदिर पहुंचकर समाप्त हुई।
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श्री जगदीश जी हनुमान दल अखाड़ा की ओर से बुढ़वा की बरात निकाली गई। दुल्हन की तलाश में निकला बुढ़वा दुल्हन न मिलने के चलते एक बार फिर कुंवारा रह गया। वहीं बरात में विभिन्न प्रकार की झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रही।
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झांकी शुरुआत की आरती उतारकर और देवी-देवताओं को माला पहनाकर की गई। झांकी को बाहर से आए कलाकारों के साथ स्थानीय बच्चों ने सजाया। सबसे आगे भगवान श्री गणेश, श्रीकृष्ण-सुदामा, शंकर-पार्वती, भारत माता और उसके बाद सुदामा-बलदेव की झांकी आकर्षण का केंद्र रही।
वहीं दूल्हा मंहगू एक बार फिर बरातियों के साथ दुल्हन की खोज में निकाला, लेकिन उसे निराशा ही हाथ लगी और एक बार फिर कुंवारा रह गया। शोभायात्रा के दौरान युवा अबीर-गुलाल उड़ाते, नाचते-गाते चल रहे थे।
झांकी जामा मस्जिद से निकलकर, पुरानी कोतवाली, तकिया, कोट, दलालघाट, सीताराम होते हुए पुन: पुरानी कोतवाली, मुख्य चौक, मातबरगंज, लालडिग्गी होते हुए पुरानी सब्जीमंडी होते हुए पुरानी कोतवाली स्थित श्रीरामलीला मैदान पहुंच संपन्न हुई। शोभायात्रा संपन्न होने पर अखाड़े के प्रबंधक विभाष सिन्हा ने सभी कार्यकर्ताओं और सहयोगियों को बधाई दी।