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अब विद्यालय प्रबंध समिति देखेगी शिक्षा की गुणवत्ता

Sat, 31 Oct 2020 06:38 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 31 Oct 2020 06:38 PM IST
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Now the school management committee will see the quality of education
आजमगढ़। बेसिक शिक्षा विभाग से संचालित परिषदीय विद्यालयों के छात्र- छात्राओं की शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की जिम्मेदारी अब विद्यालय प्रबंधन समिति को दी गई है। परियोजना कार्यालय से निर्देश मिलने के बाद विभागीय कवायद शुरू हो गई है। परिषदीय स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की जिम्मेदारी अब विद्यालय प्रबंधन समिति को सौंपी गई है। अब विभागीय अधिकारियों पर स्कूलों में शिक्षा गुणवत्ता को लेकर ठीकरा नहीं फोड़ सकेंगे।
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सभी परिषदीय विद्यालयों की प्रबंध समिति विद्यालय के लिए तीन वर्ष के लिए विकास योजना बनाएंगी। प्रधानाध्यापक प्रबंध समिति के साथ कम से कम दो बैठक करेंगे। जिला समन्वयक व खंड शिक्षाधिकारी इसमें सहयोग में विद्यालय में शिक्षकों की संख्या, उपलब्ध संसाधनों के साथ ही आवश्यक संसाधनों का भी उल्लेख होगा। बच्चों व शिक्षकों की संख्या के साथ अन्य विषयों पर भी विचार किया जाएगा। विभाग द्वारा विद्यालय खुलने से पूर्व बच्चों के लिए अच्छी शिक्षण व्यवस्था देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। बीएसए अम्बरीष कुमार ने बताया कि परियोजना से निर्देश मिले हैं। अब आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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बजट का भी करना होगा उल्लेख
त्रिवर्षीय योजना के तहत विद्यालय की आवश्यकता का भी उल्लेख करना होगा। कितना बजट आया और कितना किस मद में खर्च हुआ। कितने और बजट की जरूरत है, उससे संबंधित जानकारी भी देनी होगी। समस्याओं के समाधान के लिए क्या सुझाव हैं यह भी बताना होगा। जिससे विद्यालय में हो रही व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा सके। महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय से जारी निर्देश में कहा कि जिम्मेदारों को वर्ष 2020 से 2023 तक का विवरण तैयार करना होगा। इसमें विद्यालय परिक्षेत्र में स्कूल छोड़ चुके बच्चों की संख्या, विद्यालय में बच्चों का विवरण, विशेष प्रशिक्षण के लिए चयनित बच्चों की संख्या, विद्यालय में कुल दिव्यांग बच्चों व अध्यापकों की संख्या बतानी होगी।
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