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याचना नहीं अब चुनेंगे आंदोलन का रास्ता
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Sat, 30 Jan 2016 11:31 PM IST
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पुरानी पेंशन बहाली और वेतन विसंगति सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से शनिवार को कलेक्ट्रेट स्थित रिक्शा स्टैंड पर धरना दिया गया। धरने के बाद मांगों का ज्ञापन तहसीलदार सदर के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा गया। वक्ताओं ने कहा कि अब याचना से काम नहीं चलने वाला, आंदोलन का रास्ता अपनाना होगा।
धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि 16 सूत्री मांगें काफी दिनों से लंबित हैं। इसमें न्यूनतम वेतनमान 17,140 और 18,150 क्रमश: 4600 और 4800 ग्रेड वेतन, पुरानी पेंशन बहाली, मृतक आश्रित को शिक्षक पद पर नियुक्ति, शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति आदि हैं।
इस पर सरकार द्वारा अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया। इसलिए अब याचना से काम नहीं चलेगा। पुरानी पेंशन बहाली और वेतन विसंगति को लेकर सरकार को जगाना होगा। पूर्व अध्यक्ष अविनाश राय ने कहा कि लोहिया के आदर्शों पर चलने वाली सरकार शिक्षकों को भी न्याय और निराकरण नहीं दे पा रही है।
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शिक्षकों को एकजुट होकर आंदोलन का रास्ता अपनाना होगा। शिक्षक नेता वेदपाल सिंह ने कहा कि वेतन विसंगति को लेकर बहुत वार्ता हो चुकी है। पूर्व में प्राप्त वेतन की कटौती कर दी गई। अब शिक्षकों को आंदोलन लखनऊ की धरती पर करना होगा। शिक्षक नेता संभल यादव ने कहा कि शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों में लगाकर गुणवत्ता की जांच की जा रही है। रामबचन यादव, राजेश सिंह, अनिल सिंह, अमित राय, सागर सरोज आदि मौजूद रहे।
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धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि 16 सूत्री मांगें काफी दिनों से लंबित हैं। इसमें न्यूनतम वेतनमान 17,140 और 18,150 क्रमश: 4600 और 4800 ग्रेड वेतन, पुरानी पेंशन बहाली, मृतक आश्रित को शिक्षक पद पर नियुक्ति, शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति आदि हैं।
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इस पर सरकार द्वारा अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया। इसलिए अब याचना से काम नहीं चलेगा। पुरानी पेंशन बहाली और वेतन विसंगति को लेकर सरकार को जगाना होगा। पूर्व अध्यक्ष अविनाश राय ने कहा कि लोहिया के आदर्शों पर चलने वाली सरकार शिक्षकों को भी न्याय और निराकरण नहीं दे पा रही है।
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शिक्षकों को एकजुट होकर आंदोलन का रास्ता अपनाना होगा। शिक्षक नेता वेदपाल सिंह ने कहा कि वेतन विसंगति को लेकर बहुत वार्ता हो चुकी है। पूर्व में प्राप्त वेतन की कटौती कर दी गई। अब शिक्षकों को आंदोलन लखनऊ की धरती पर करना होगा। शिक्षक नेता संभल यादव ने कहा कि शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों में लगाकर गुणवत्ता की जांच की जा रही है। रामबचन यादव, राजेश सिंह, अनिल सिंह, अमित राय, सागर सरोज आदि मौजूद रहे।