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गांवों में नहीं, फाइलों में विकास
जगन्नाथ पांडेय, आजमगढ़
Updated Sun, 27 Mar 2016 11:26 PM IST
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लोहिया गांव
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अजमतगढ़ ब्लॉक के बनकटिया गांव के साथ बलुआ गांव का भी चयन लोहिया गांव के रूप में किया गया था। इन गांवों को 36 योजनाओं से संतृप्त होना था, जिसमें आवास, शौचालय, सड़क, नाली, बिजली व्यवस्था आदि कार्य होने थे लेकिन इस गांव में सारी योजनाएं अपूर्ण है। जबकि कागज में गांव को संतृप्त कर दिया गया है। इन गांवों का चयन लोहिया गांव के रूप में तो कर दिया गया लेकिन विकास कार्य से गांव अब भी अछूता है।
प्रदेश सरकार ने गांवों के विकास के लिए महत्वाकांक्षी योजना लोहिया गांव को शुरू किया, इसके तहत इस योजना में चयनित गांव का संपूर्ण विकास करने की योजना थी। इसक्रम में वर्ष 2014-2015 में अजमतगढ़ ब्लॉक के बनकटिया गांव का चयन लोहिया गांव में किया गया। इस गांव की कुल आबादी साढ़े चार हजार के करीब है। इसमें 1895 वोटर हैं। लोहिया गांव में चयन होने के बाद इस गांव के निवासी तीन लोगों को इंदिरा आवास, 19 लोगों को लोहिया आवास और 140 लोगों के घरों पर शौचालय बनना था। इसके अलावा गांव में सीसी रोड, नाली के साथ ही प्रकाश के लिए 15 सोलर लाइटें लगनी थी।
इसमें 50 घर की दलित बस्ती में सभी को शौचालय की सुविधा मिलनी थी। लेकिन दस लोगों को शौचालय मिल पाया है। चाहे वो सीसी रोड हो या फिर नाली, खड़ंजा। दलित बस्ती के जयराम, राजमुनि, रामसूरत, मोहन, सुरेश, रामबचन, हरिनाथ, सुरेंद्र, रामनाथ, रामअवध आदि का कहना है कि हम लोगों ने कई बार शौचालय निर्माण कराने की मांग कर चुके हैं लेकिन उनकी सुनवाई नहीं होती। लोहिया आवास के तहत लाभार्थी को तीन लाख 20 हजार रुपये मिलते हैं। दलित बस्ती निवासी संगीता पत्नी श्यामलाल ने बताया कि उसे लोहिया आवास के तहत अभी तक 2,45000 रुपये ही मिले हैं।
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गांव निवासी श्यामनरायन पुत्र जगधारी ने बताया कि उनका आवास अभी अधूरा है। इसी क्रम में सुराती के घर से मोती के घर के बीच सीसी रोड का कार्य अधूरा है। साहब सिंह और बसंत के घर के बीच में बजबजाती नाली से काफी नुकसान हो रहा है। रामनयन के घर से धर्मशाला तक नाली का निर्माण अधूरा है। गांव में प्रकाश के लिए लगाई गई 15 सोलर लाइटों में से सिर्फ 10 ही जल रही हैं। ग्राम प्रधान रविंद्र पटेल ने कहा कि हमने इसकी शिकायत 10 दिन पूर्व ही सेक्रेटरी से की लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। गांव की सफाई के लिए तीन सफाई कर्मी नियुक्त हैं जो कभी-कभार आते हैं। गांव स्थित स्कूल जाने वाले रास्ते पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। इस संबंध में पूछे जाने पर ग्राम विकास अधिकारी अभय राय ने कहा कि गांव में जो काम होना था वह हो चुका है।
यह हमारे स्तर का मामला नहीं हैं। इसे मुख्यालय के अधिकारी देखते हैं। वैसे इस गांव में विकास के सभी कार्य पूरे हो चुके हैं। शौचालय के बारे में डीपीआरओ और सोलर लाइट के संबंध में नेडा विभाग बताएगा। पीडब्ल्यूडी और बिजली विभाग को विकास कार्यों को क्रियान्वित करने को कहा जाएगा। हमारा काम केवल लोहिया गांव का चयन कर विभाग को बताना होता है। - रामदरश, खंड विकास अधिकारी
बनकटिया गांव में कार्य अधूरा होने की जानकारी नहीं थी। हम संपन्न हुए कार्यों की जांच पुन: कराएंगे। विकास कार्य में गांव के संतृप्त करने की एक परिभाषा होती है। हो सकता है इसके तहत काम हुए हों और उस गांव को संतृप्त कर दिया गया हो लेकिन हम जांच कराकर अधूरे कार्यों की जानकारी करेंगे। साथ ही लापरवाह के विरुद्ध सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। - महेंद्र वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी
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प्रदेश सरकार ने गांवों के विकास के लिए महत्वाकांक्षी योजना लोहिया गांव को शुरू किया, इसके तहत इस योजना में चयनित गांव का संपूर्ण विकास करने की योजना थी। इसक्रम में वर्ष 2014-2015 में अजमतगढ़ ब्लॉक के बनकटिया गांव का चयन लोहिया गांव में किया गया। इस गांव की कुल आबादी साढ़े चार हजार के करीब है। इसमें 1895 वोटर हैं। लोहिया गांव में चयन होने के बाद इस गांव के निवासी तीन लोगों को इंदिरा आवास, 19 लोगों को लोहिया आवास और 140 लोगों के घरों पर शौचालय बनना था। इसके अलावा गांव में सीसी रोड, नाली के साथ ही प्रकाश के लिए 15 सोलर लाइटें लगनी थी।
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इसमें 50 घर की दलित बस्ती में सभी को शौचालय की सुविधा मिलनी थी। लेकिन दस लोगों को शौचालय मिल पाया है। चाहे वो सीसी रोड हो या फिर नाली, खड़ंजा। दलित बस्ती के जयराम, राजमुनि, रामसूरत, मोहन, सुरेश, रामबचन, हरिनाथ, सुरेंद्र, रामनाथ, रामअवध आदि का कहना है कि हम लोगों ने कई बार शौचालय निर्माण कराने की मांग कर चुके हैं लेकिन उनकी सुनवाई नहीं होती। लोहिया आवास के तहत लाभार्थी को तीन लाख 20 हजार रुपये मिलते हैं। दलित बस्ती निवासी संगीता पत्नी श्यामलाल ने बताया कि उसे लोहिया आवास के तहत अभी तक 2,45000 रुपये ही मिले हैं।
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गांव निवासी श्यामनरायन पुत्र जगधारी ने बताया कि उनका आवास अभी अधूरा है। इसी क्रम में सुराती के घर से मोती के घर के बीच सीसी रोड का कार्य अधूरा है। साहब सिंह और बसंत के घर के बीच में बजबजाती नाली से काफी नुकसान हो रहा है। रामनयन के घर से धर्मशाला तक नाली का निर्माण अधूरा है। गांव में प्रकाश के लिए लगाई गई 15 सोलर लाइटों में से सिर्फ 10 ही जल रही हैं। ग्राम प्रधान रविंद्र पटेल ने कहा कि हमने इसकी शिकायत 10 दिन पूर्व ही सेक्रेटरी से की लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। गांव की सफाई के लिए तीन सफाई कर्मी नियुक्त हैं जो कभी-कभार आते हैं। गांव स्थित स्कूल जाने वाले रास्ते पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। इस संबंध में पूछे जाने पर ग्राम विकास अधिकारी अभय राय ने कहा कि गांव में जो काम होना था वह हो चुका है।
यह हमारे स्तर का मामला नहीं हैं। इसे मुख्यालय के अधिकारी देखते हैं। वैसे इस गांव में विकास के सभी कार्य पूरे हो चुके हैं। शौचालय के बारे में डीपीआरओ और सोलर लाइट के संबंध में नेडा विभाग बताएगा। पीडब्ल्यूडी और बिजली विभाग को विकास कार्यों को क्रियान्वित करने को कहा जाएगा। हमारा काम केवल लोहिया गांव का चयन कर विभाग को बताना होता है। - रामदरश, खंड विकास अधिकारी
बनकटिया गांव में कार्य अधूरा होने की जानकारी नहीं थी। हम संपन्न हुए कार्यों की जांच पुन: कराएंगे। विकास कार्य में गांव के संतृप्त करने की एक परिभाषा होती है। हो सकता है इसके तहत काम हुए हों और उस गांव को संतृप्त कर दिया गया हो लेकिन हम जांच कराकर अधूरे कार्यों की जानकारी करेंगे। साथ ही लापरवाह के विरुद्ध सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। - महेंद्र वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी