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दलितों की हालत में खास तब्दीली नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Sat, 13 Feb 2016 11:50 PM IST
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'मुर्दहिया और मणिकर्णिका' के लेखक प्रोफेसर की पहली पुण्यतिथि पर शनिवार को अंबेडकर पार्क में 'स्मृति राष्ट्रीय संगोष्ठी' का आयोजन किया गया। जिसमें वक्ताओं ने प्रोफेसर तुलसी राम के जीवन और कृतित्व पर प्रकाश डाला।
प्रोफेसर तुलसी राम की बेटी लूबा ने कहा कि वह अपने पिता से आजमगढ़ और बनारस के बारे में काफी सुनती आई हैं। अपने गांव धरम जाने के बाद वह सारी चीजें ताजा हो गईं।
गांव की सड़कें और रास्ते तो बदले हैं लेकिन दलितों की हालत में कोई तब्दीली नहीं हुई है। जेएनयू के रशियन स्टडीज के प्रोफेसर अजय पटनायक ने कहा कि प्रो. तुलसी राम दलित समाज को आजकल के अंधकार से निकालकर सामाजिक, राजनीतिक, गैर बराबरी और भेदभाव के खिलाफ संघर्षरत देखना चाहते थे।
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जेएनयू में जिन ताकतों के खिलाफ तुलसी राम जी लड़ते आए थे, आज केंद्र में सत्ता परिवर्तन के बाद नई शक्तियां फिर से हमलावर हैं। झूूठे आरोप में छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को गिरफ्तार किया गया है। हरियाणा के पूर्व डीजीपी और साहित्य से दोस्ती अभियान चलाने वाले विकास नरायन राम ने कहा कि मुझे तुलसी राम से तीन बार मिलने का अवसर प्राप्त हुआ।
वह एक महान चिंतक थे। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में अफ्रीकन स्टडीज अंतर्राष्ट्रीय के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर एनएन मालाकार ने कहा कि तुलसी राम ने चार-पांच महीने तक परखने के बाद जब समझ लिया कि मैं उनके साथ चल सकता हूं तो मुझे बुलाते थे और अपने साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों में ले जाते थे।
संजय श्रीवास्तव, सुखनंदन राम, अनिल कुमार राय, आदि ने भी संबोधित किया। इस मौके पर चंद्रशेखर पांडेय, हरिगेन राम, रामदवर राम, डा. रामनरायन राम, ज्वाला प्रसाद, मंसूर आलम, शफीक अहमद, जितेंद्र हरि पांडेय उपस्थित थे।
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प्रोफेसर तुलसी राम की बेटी लूबा ने कहा कि वह अपने पिता से आजमगढ़ और बनारस के बारे में काफी सुनती आई हैं। अपने गांव धरम जाने के बाद वह सारी चीजें ताजा हो गईं।
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गांव की सड़कें और रास्ते तो बदले हैं लेकिन दलितों की हालत में कोई तब्दीली नहीं हुई है। जेएनयू के रशियन स्टडीज के प्रोफेसर अजय पटनायक ने कहा कि प्रो. तुलसी राम दलित समाज को आजकल के अंधकार से निकालकर सामाजिक, राजनीतिक, गैर बराबरी और भेदभाव के खिलाफ संघर्षरत देखना चाहते थे।
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जेएनयू में जिन ताकतों के खिलाफ तुलसी राम जी लड़ते आए थे, आज केंद्र में सत्ता परिवर्तन के बाद नई शक्तियां फिर से हमलावर हैं। झूूठे आरोप में छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को गिरफ्तार किया गया है। हरियाणा के पूर्व डीजीपी और साहित्य से दोस्ती अभियान चलाने वाले विकास नरायन राम ने कहा कि मुझे तुलसी राम से तीन बार मिलने का अवसर प्राप्त हुआ।
वह एक महान चिंतक थे। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में अफ्रीकन स्टडीज अंतर्राष्ट्रीय के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर एनएन मालाकार ने कहा कि तुलसी राम ने चार-पांच महीने तक परखने के बाद जब समझ लिया कि मैं उनके साथ चल सकता हूं तो मुझे बुलाते थे और अपने साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों में ले जाते थे।
संजय श्रीवास्तव, सुखनंदन राम, अनिल कुमार राय, आदि ने भी संबोधित किया। इस मौके पर चंद्रशेखर पांडेय, हरिगेन राम, रामदवर राम, डा. रामनरायन राम, ज्वाला प्रसाद, मंसूर आलम, शफीक अहमद, जितेंद्र हरि पांडेय उपस्थित थे।