{"_id":"66ccce716c2cf1423309e9a4","slug":"no-irregularities-found-in-the-work-of-amrit-sarovar-azamgarh-news-c-258-1-svns1005-119785-2024-08-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Azamgarh News: अमृत सरोवर के काम में नहीं मिली अनियमितता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Azamgarh News: अमृत सरोवर के काम में नहीं मिली अनियमितता
विज्ञापन
पवई। क्षेत्र के राजापुर माफी गांव में शिकायत के बाद सोमवार को अमृत सरोवर और खेत समतलीकरण की की जांच करने टीम पहुंची। करीब दो घंटे तक चली जांच में टीम को कुछ अनियमितता नहीं मिली। इसके बाद जांच टीम ग्रामीणों का बयान लेकर चली गई।
राजापुर माफी के राजस्व गांव मनेर खुर्द निवासी पूर्व प्रधान सियाराम यादव ने जून में पत्र देकर डीएम से शिकायत की थी। इसमें वर्तमान प्रधान पर अमृत सरोवर का काम मनरेगा मजदूरों की जगह जेसीबी से कराने और गांव के दो किसानों के खेतों का समतलीकरण कराए बिना प्रधान और सचिव पर क्रमश: 87170 व 59364 रुपये भुगतान करा लेने का आरोप लगाया था। डीएम ने सीडीओ को टीम गठित कर जांच कराने का निर्देश दिया था। इसके बाद सोमवार को एडीओ आईएसबी हनुमान यादव के नेतृत्व में अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी विनय कुमार यादव और तकनीकी सहायक सुमित यादव जांच करने गांव पहुंचे। जांच में दोनों खेतों का समतलीकरण पाया गया।
उसके बाद जांच टीम अमृत सरोवर पर पहुंची। वहां ग्रामीण इकट्ठा हो गए और शिकायतकर्ता को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। शिकायतकर्ता के न आने पर टीम ग्रामीणों का बयान लेकर चली गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
राजापुर माफी के राजस्व गांव मनेर खुर्द निवासी पूर्व प्रधान सियाराम यादव ने जून में पत्र देकर डीएम से शिकायत की थी। इसमें वर्तमान प्रधान पर अमृत सरोवर का काम मनरेगा मजदूरों की जगह जेसीबी से कराने और गांव के दो किसानों के खेतों का समतलीकरण कराए बिना प्रधान और सचिव पर क्रमश: 87170 व 59364 रुपये भुगतान करा लेने का आरोप लगाया था। डीएम ने सीडीओ को टीम गठित कर जांच कराने का निर्देश दिया था। इसके बाद सोमवार को एडीओ आईएसबी हनुमान यादव के नेतृत्व में अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी विनय कुमार यादव और तकनीकी सहायक सुमित यादव जांच करने गांव पहुंचे। जांच में दोनों खेतों का समतलीकरण पाया गया।
विज्ञापन
उसके बाद जांच टीम अमृत सरोवर पर पहुंची। वहां ग्रामीण इकट्ठा हो गए और शिकायतकर्ता को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। शिकायतकर्ता के न आने पर टीम ग्रामीणों का बयान लेकर चली गई।
विज्ञापन