निजामाबाद। नगर पंचायत स्थित निजामाबाद डाकघर का भवन इस कदर जर्जर हो चुका है कि यहां कार्यरत कर्मचारी रोजाना डर के साए में काम करने को विवश हैं। छत का प्लास्टर जगह-जगह से टूटकर गिर रहा है। यहां कभी भी हादसा होने का डर बना हुआ है। इसके बावजूद शासन-प्रशासन ने अब तक भवन की मरम्मत या पुनर्निर्माण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
डाकघर की स्थापना वर्ष 1956 में हुई थी और तब से अब तक इसका कोई मरम्मत कार्य नहीं कराया गया। पोस्ट मास्टर नरसिंह यादव के मुताबिक, शासन को तीन बार पत्र भेजकर भवन की मरम्मत की मांग की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। वर्तमान में डाकघर में तीन बाबू, तीन पोस्टमैन, एक पैकर और पोस्ट मास्टर कार्यरत हैं, साथ ही यहां आधार कार्ड संशोधन का कार्य भी किया जाता है। कर्मचारियों का कहना है कि खस्ता हालत के कारण बैठने की उचित व्यवस्था तक नहीं है और कामकाज लगातार प्रभावित हो रहा है। उन्होंने उच्चाधिकारियों से 75 साल पुराने इस भवन का तत्काल सर्वे कराकर मरम्मत या पुनर्निर्माण कराने की मांग की है।