फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   New books are not being seen in the temple of knowledge

Azamgarh News: विद्या के मंदिर में नहीं हो रहे नई किताबों के दर्शन

Mon, 14 Apr 2025 11:53 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 14 Apr 2025 11:53 PM IST
विज्ञापन
New books are not being seen in the temple of knowledge
आजमगढ़। एक अप्रैल से परिषदीय स्कूलों में नए शिक्षा सत्र का शुभारंभ तो हो गया। सत्र के पहले दिन बच्चों को तिलक लगाकर और माला पहनाकर उनका स्वागत किया गया, लेकिन बच्चों को हाथों में किताब नहीं है।
विज्ञापन

अधिकारियों ने दावा किया था कि शिक्षा सत्र शुरू होते ही बच्चों के बस्ते में किताब होगी, लेकिन यह दावे खोखले निकले। नौनिहाल पहले दिन ही खाली बस्ता लेकर स्कूल पहुंचे। वर्तमान में भी कक्षा 1 से 3 के बच्चों की अभी तक किताब नहीं आई है। इन बच्चों के लिए चार लाख किताबें आनी हैं। ये कब आएंगी, किसी को नहीं पता।
विज्ञापन

पहले किताब आएंगी और फिर बीआरसी पर जाएंगी, बीआरसी से स्कूलों में भेजी जाएंगी। ऐसा माना जा रहा है कि कक्षा 1 से 3 के बच्चों को अभी किताबों का लंबा इंतजार करना होगा। वहीं कक्षा 4 से 8 तक के बच्चों की सभी 23,06,280 किताबें आ तो गई हैं लेकिन काफी स्कूलों में नहीं पहुंची हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिले में 2706 परिषदीय स्कूल है। इन स्कूलों में 3,32,660 बच्चे पंजीकृत हैं। परिषदीय स्कूलों के बच्चों को निशुल्क किताब उपलब्ध कराई जाती हैं। बच्चे और अभिभावक इंतजार कर रहे थे कि बच्चे बस्ते में किताब लेकर पहले दिन स्कूल पहुंचेंगे। बड़ी संख्या में बच्चों को किताबें नहीं मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed