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Avantikapuri Dham : यहां जन्मेजय ने किया था नाग यज्ञ, सभी सांप जल कर हो गए थे भस्म, जानिए, क्या है ये रहस्य?

Sun, 09 Jul 2023 07:25 AM IST
वाराणसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आजमगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आजमगढ़ Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Sun, 09 Jul 2023 07:25 AM IST
सार

मंदिर के ठीक सामने 84 बीघा का जलसरोवर विद्यमान है। इसी सरोवर में डुबकी लगा कर लोग मंदिर में पूजन-अर्चन करते हैं। पूर्व में घनघोर जंगलों में कैद था।

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Nag Yagya Bhoomi and Sandipan Rishi's ashram looking for 'tourism'
Avantikapuri Dham - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अवंतिकापुरी धाम पर वर्ष में दो बार विशाल स्नान मेला लगता है। कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले स्नान मेले का विशेष महत्व है। जनपद ही नहीं वरन आसपास के जिलों से लोग भी स्नान के लिए आते हैं। यह स्थान पूर्व में घनघोर जंगल में कैद था। उस दौरान आबादी भी इतनी नहीं थी। विकास की ओर उन्नमुख स्थली अब वर्ष भर गुलजार रहती है। सरोवर जो राजा जन्मेजय के नाग सर्प यज्ञ का हवनकुंड था। यहीं पर पांडव वंशीय राजा जन्मेजय ने नाग यज्ञ किया था जिसमें सभी सर्प जल कर भष्म हो गए थे। केवल विष्णु की शैय्या में लिपटे सर्प ही बचे थे।

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मंदिर के ठीक सामने 84 बीघा का जलसरोवर विद्यमान है। इसी सरोवर में डुबकी लगा कर लोग मंदिर में पूजन-अर्चन करते हैं। पूर्व में घनघोर जंगलों में कैद था। स्थली के बाबत यह भी कहा जाता है कि यहां पर संदीपन ऋषि का आश्रम था, जहां श्रीकृष्ण सखा सुदामा संग विद्या अध्ययन किए थे। इन सब के बावजूद पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के प्रयास तो हुए लेकिन नाकाफी रहा।
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अवंतिकापुरी धाम के मंदिर के उत्तरी भाग में कुआं आज भी विद्यमान है। उसे लेकर भी लोग अलग-अलग कहानी बताते हैं। अवंतिकापुरी धाम आंवक गांव में स्थित है। सर्प यज्ञ के बाद से आज तक यहां सर्पदंश से किसी की मौत नहीं हुई। मंदिर के आसपास सर्प दिखे भी तो केचुए की तरह रेंगते हैं, जो किसी की हानि नहीं करते। वैसे दिखते भी बहुत कम ही है।

तत्कालीन जिलाधिकारी डीएम सुहास एलवाई ने जब अवंतिकापुरी धाम के बाबत सुना तो देखने के लिए पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों के समक्ष विकास की बात की और समस्या को पूछा। मौजूद विभाग के लोगों को आवश्यक निर्देश देने के साथ ही विकास के लिए पर्यटन विभाग को लिया। विकास की कवायद चल रही थी की उनका स्थानांतरण हो गया। तब से लेकर आज तक उसी कार्य को किया जा रहा है।

अवंतिकापुरी धाम का विकास भारत दर्शन योजना के अंतर्गत पर्यटन मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है। वर्ष 2018 में दो करोड़, 46 लाख रुपये का कार्य प्रस्तावित हुआ था। इसके अंतर्गत धन भी जारी हो चुका है। कार्यदायी संस्था द्वारा बड़ा खेल किया जा रहा है। पिछले छह साल से इसका निर्माण अभी तक पूरा नहीं किया जा सका है। वहीं अवंतिका सेवा सामाजिक समिति के पदाधिकारी भी चुप्पी साधे हुए हैं। इसे लेकर भी लोग तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। कुछ तो सवाल भी खड़ा कर रहे हैं।

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