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शिक्षा नहीं आधुनिक शिक्षा में पीछे हैं मुसलमान : जफरयाब जिलानी

Sun, 22 Nov 2020 11:32 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 22 Nov 2020 11:32 PM IST
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Muslims are backward in modern education, not education: Zafaryab Jilani
शहर के पहाड़पुर स्थित निसंवा कालेज में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते जफरयाब जिलानी। - फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। 1857 का वह दौर था जब अंग्रेज मुसलमानों का कत्लेआम करा रहे थे, उस दौर में सर सैयद ने मुसलमानों के हक में काम करते हुए शिक्षा को बढ़ावा देने का काम किया था। आज के दौर में मुसलमान शिक्षा में किसी मायने में कम नहीं है। सर सैयद ने दीनी शिक्षा के अलावा आधुनिक शिक्षा को भी महत्व दिया। यह बातें रविवार को दी आजमगढ़ मुस्लिम एजुकेशनल सोसाइटी की ओर से पहाड़पुर स्थित निस्वां गर्ल्स इंटर कालेज में सर सैयद का तालिमी मिशन, आधुनिक शिक्षा पर संगोष्ठी को संबोधित करते हुए बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के कन्वीनर जफरयाब जिलानी ने कहीं।
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उन्होंने कहा कि सर सैयद ने शिक्षा को हथियार के रुप प्रयोग कर अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़कर अपनी मंजिलों को तय किया। उन्होंने कहा था कोई भी समाज बिना शिक्षा ग्रहण किए तरक्की नहीं कर सकता है। शिक्षित होने के साथ ही बिना राजनीति के किसी समस्या का हल नहीं हो सकता। कहा कि अगर लड़कियां शिक्षित होंगी तो अच्छे समाज का निर्माण होगा। अध्यक्षता कर रहे इंजीनियर तारिक आजम ने कहा कि युवाओं के साथ-साथ हमें अपनी बच्चियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए। सर सैय्यद के मिशन से सीख लेने की जरूरत है। इसके लिए हमें ग्रामीण अंचलों से लेकर शहर तक शिक्षा के केंद्र खोलने की जरूरत है। शिब्ली एकेडमी के मौलाना उमैर सिद्दीक नदवी, जमियतुल फलाह बिलरियागंज के मौलाना ताहिर मदनी, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता जेडके फैजान, शिब्ली कालेज के उर्दू विभागाध्यक्ष डा. शबाबुद्दीन, डा. जावेद अख्तर ने संबोधित किया। शुभारंभ मौलाना इंतेखाब आलम कासमी ने कुरआन की तिलावत से किया। संचालन अलीगढ़ के शादाब अहमद ने किया। आयोजन निस्वां गर्ल्स कालेज के मैनेजर तारिक ख्वाजा ने संयोजन तलत फिरोज ने किया। शेख अहमद मसूद, असमर खान, मोहम्मद आबिद, नफीस अहमद, परवेज आलम, मोहम्मद सलीम, शमशाद अहमद, ख्वाजा शोएब, शिब्ली कालेज के डा. अलाउद्दीन, मोहम्मद नय्यर सुल्तान अहमद, एहसान अहमद रहे।
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