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माइनर टूटा, गेहूं की फसल डूबी
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Sat, 24 Dec 2016 12:26 AM IST
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खेतों में भरा पानी।
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शारदा सहायक खंड-32 की नयनपुर शाखा से जुड़ी माइनर गुरुवार की रात लगभग 12 बजे खुदवल गांव के पास ओवरफ्लो हो गई। इसके चलते किसानों की 15 बीघे गेहूं की फसल पानी में डूबकर नष्ट हो गई। किसानों ने सिंचाई विभाग को सूचना देने के बाद भी कोई कर्मचारी नहीं आया। बाद में ग्रामीणों ने खुद नाली बनाकर पानी को खाली खेतों की ओर मोड़ दिया। पीड़ित किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
बताते चलें कि शारदा सहायक खंड-32 खुदवल, जलालपुर, चक्रपानपुर, कनैला, तरछा होते हुए मंगई नदी में मिलती हे। किसानों का आरोप है कि कई वर्षों से नयनपुर शाखा में सिल्ट की सफाई नहीं कराई गई है जिसके चलते कई जगह माइनर क्षतिग्रस्त हो गया है। गुरुवार की रात 12 बजे माइनर में अधिक पानी आ गया। पानी ओवरफ्लो होने से आसपास की लगभग 15 बीघा गेहूं की फसल डूब गई।
शुक्रवार की सुबह जब किसान खेत पहुंचे तो देखा कि फसल डूबी हुई है। किसानों ने इसकी सूचना तत्काल सिंचाई विभाग को दी लेकिन देर शाम तक कोई मौके पर नहीं पहुंचा। इसको लेकर किसानों ने नाराजगी जताई। बाद में ग्रामीणों ने पानी के बहाव को खाली पड़े खेतों की ओर मोड़ दिया। गांव के गौरीशंकर सिंह, ओम प्रकाश सिंह, रामप्रसाद सिंह, उमाशंकर यादव, बलिराज यादव, नरेश यादव, शिवबदन यादव ने बताया कि हमें काफी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने प्रशासन से मुआवजे की मांग।
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बताते चलें कि शारदा सहायक खंड-32 खुदवल, जलालपुर, चक्रपानपुर, कनैला, तरछा होते हुए मंगई नदी में मिलती हे। किसानों का आरोप है कि कई वर्षों से नयनपुर शाखा में सिल्ट की सफाई नहीं कराई गई है जिसके चलते कई जगह माइनर क्षतिग्रस्त हो गया है। गुरुवार की रात 12 बजे माइनर में अधिक पानी आ गया। पानी ओवरफ्लो होने से आसपास की लगभग 15 बीघा गेहूं की फसल डूब गई।
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शुक्रवार की सुबह जब किसान खेत पहुंचे तो देखा कि फसल डूबी हुई है। किसानों ने इसकी सूचना तत्काल सिंचाई विभाग को दी लेकिन देर शाम तक कोई मौके पर नहीं पहुंचा। इसको लेकर किसानों ने नाराजगी जताई। बाद में ग्रामीणों ने पानी के बहाव को खाली पड़े खेतों की ओर मोड़ दिया। गांव के गौरीशंकर सिंह, ओम प्रकाश सिंह, रामप्रसाद सिंह, उमाशंकर यादव, बलिराज यादव, नरेश यादव, शिवबदन यादव ने बताया कि हमें काफी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने प्रशासन से मुआवजे की मांग।
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