फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Mercury reaches four degrees

चार डिग्री पहुंचा पारा, गलन से जनजीवन अस्त-व्यस्त

Sat, 28 Dec 2019 11:15 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 28 Dec 2019 11:15 PM IST
विज्ञापन
Mercury reaches four degrees
सिविल लाइंस में कड़के की ठंड और गलन के बीच जाती युवतियां। - फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। कड़ाके की ठंड से जनपद में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लोग शुक्रवार की ठंड को ही अब तक की सबसे ज्यादा ठंड मान रहे थे, लेकिन शनिवार को ऐसी गलन बढ़ी कि घरों में कैद होने के बाद भी हाथ-पांव गलने लगे। उधर दिन भर चली ठंडी हवा के थपेड़ों ने लोगों को घरों में कैद रहने पर विवश कर दिया।
विज्ञापन

शनिवार की सुबह लोगों ने घने कोहरे के बीच आंख खोली। कोहरे के साथ चल रही पछुआ हवाओं ने गलन को इस कदर बढ़ा दिया था कि रजाई के अंदर भी गलन का एहसास हो रहा था। राहगीर चाय की दुकानों पर पहुंचते तो भट्ठी पर हाथ सेंकने लगते। चाय पीकर ठंड से बचने का जुगत करते रहे। पशु-पक्षी भी ठंड से बेहाल हो गए हैं। शुक्रवार को मौसम का न्यूनतम तापमान जहां पांच डिग्री से कम था वहीं शनिवार को यह चार डिग्री से भी नीचे आ गया। ठंड से बचाव के लिए लोगों का सहारा अलाव बना हुआ है। ठंड के कारण आम लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। पूरी तरह जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। दैनिक मजदूरों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना पारा नीचे गिर रहा है। धूप काफी धीमी निकल रही है जिस कारण ठंड का असर नहीं घट रहा है। शनिवार को घने कोहरे के कारण सड़कों पर फर्राटा भरने वाले वाहनों की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा। वाहन चालक अपने वाहनों की हेड लाइट जलाकर चलने को विवश हुए। वहीं जहां अलाव नहीं जले थे लोग अपने संसाधन से आग जलाकर शरीर को गर्म करते हुए देखे गए। आफिसों में हीटर के सहारे अधिकारी और कर्मचारी काम करने को विवश हैं। क्योंकि गलन इतनी ज्यादा है कि उंगलियां काम नहीं कर रही हैं। शनिवार को कुछ देर के लिए धूप निकली लेकिन वह राहत पहुंचाने में नाकाफी साबित हुई। शाम होते ही कोहरे ने फिर अपनी चादर फैलानी शुरू कर दी।
विज्ञापन

ठंड लगने से किसान की मौत
सगड़ी। तहसील क्षेत्र के बोझिया गांव निवासी छोटेलाल यादव (62) की शुक्रवार की रात ठंड लगने से मौत हो गई। परिवार के लोग बगैर लाश का पीएम कराए ही अंतिम संस्कार कर दिया। छोटेलाल शुक्रवार की शाम को मालटारी बाजार गए थे। वहां से सब्जी लेकर घर लौटे। रात करीब 11 बजे अचानक उनके सीने में दर्द शुरू हुई। लोग क्षेत्र के एक डाक्टर के यहां भर्ती कराए। जहां परीक्षण कर डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। वह तीन बच्चों के पिता थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

40 लाख के कंबल बंटे, 26 लाख की और डिमांड
आजमगढ़। डीएम एनपी सिंह ने ठंड को देखते हुए गरीबों को कंबल की गर्मी पहुंचाने के लिए शासन से 5600 कंबलों की खरीद के लिए 25 लाख 76 हजार रुपये की डिमांड की है। उन्होंने शासन को बताया कि जो कंबल आए थे वह बंट गए हैं। लेकिन अभी भी बहुत से गरीबों को कंबल की सख्त जरूरत है। जिसे देखते प्रति तहसील 700 कंबल की और जरूरत है।

ठंड के दौरान गरीबों और असहायों को कंबल की गर्मी पहुंचाने के लिए शासन स्तर से 40 लाख रुपये अवमुक्त किए गए थे। इस धन से जिला प्रशासन द्वारा 8696 कंबलों की खरीद की गई। जिसे वितरण के लिए समस्त तहसीलों को उपलब्ध करा दिया गया है। जिला प्रशासन के अनुसार यह कंबल गरीबों में वितरित भी हो चुके हैं। लेकिन इसके बाद भी अभी तक बहुत से गरीब और पात्र व्यक्ति कंबल पाने से वंचित हैं। जिसे देखते हुए डीएम ने प्रति तहसील 700-700 कंबल के हिसाब से जनपद की आठ तहसीलों के लिए 5600 कंबलों की खरीद के लिए 25 लाख 76 हजार रुपये की डिमांड की है। इसके लिए उनके द्वारा प्रमुख सचिव उप्र शासन, राजस्व अनुभाग- 10, लखनऊ को पत्र लिखा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed