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आईआरसीटीसी की वेबसाइट हैक करने वाले अवैध साफ्टवेयर की यूट्यूब से कर रहे मार्केटिंग
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आजमगढ़। रेलवे टिकट बुकिं ग के लिए बनी आईआरसीटीसी की वेबसाइट के सुरक्षा-चक्र को भेदने वाला साफ्टवेयर खुलेआम ऑनलाइन बिक रहा है। यूट्यूब पर न सिर्फ इसकी मार्केटिंग की जा रही है बल्कि इसका प्रयोग करने की विधि भी बताई जा रही है। इसका खुलासा आरपीएफ द्वारा पकड़े गए एक आरोपी ने किया। पूछताछ में बताया कि उसने यूट्यूब देखकर ही इस साफ्टवेयर को डाउनलोड किया था और उसका पेमेंट भी ऑनलाइन ही किया था। आरपीएफ थाना प्रभारी रमेशचंद मीना ने टीम के साथ बिंद्राबाजार में शिफा ट्रेवेल्स एजेंसी पर छापामार कर अवैध साफ्टवेयर से तत्काल ई-टिकट निकालने के आरोपी युवक को गिरफ्तार किया था। युवक के पास से तेज एक्सटेंशन नाम का एक सॉफ्टवेयर बरामद हुआ। पूछताछ में उसने बताया कि उसे यह सॉफ्टवेयर यूट्यूब के जरिए से मिला। बताया कि यूट्यूब पर साफ्टवेयर डाउनलोड करने के लिए लिंक दिया गया है। उसे कैसे डाउनलोड करना है, उसका प्रयोग कैसे करना है। इन सबकी जानकारी यूट्यूब पर है। इसे ऑनलाइन ही खरीदा जाता है पेमेंट भी ऑनलाइन ही होता है। हालांकि इसके पीछे कौन है, कहां रहता है, क्या करता है आदि की कोई जानकारी रेलवे के अधिकारियों को अभी नहीं है।
पकड़े गए आरोपी ने बताया है कि उसने यूट्यूब के माध्यम से साफ्टवेयर खरीदा। यूट्यूब पर सॉफ्टवेयर की पूरी जानकारी दी गई है। एक लिंक है जिसपर जाकर सॉफ्टवेयर डाउनलोड किया जा रहा है और उसका ऑनलाइन पेमेंट किया जा रहा है। मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। मुख्य आरोपी की तलाश की जा रही है।
- रमेशचंद मीना, आरपीएफ, थाना प्रभारी आजमगढ़।
साफ्टवेयर की क्या है भूमिका
तत्काल टिकट आरक्षण करानेवाले गिरोह के सदस्य कई लोगों की टिकट बुकिंग का डाटा पहले से ही साफ्टवेयर में अपलोड कर तैयार रहते हैं। ज्योंहि वेबसाइट खुलती है गिरोह इस साफ्टवेयर के जरिये आईआरसीटीसी की वेबसाइट को हैक कर साथ कई टिकट बुक करा लेते हैं। जिन्हें काफी ऊंची कीमत पर बेचा जाता है।
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पकड़े गए आरोपी ने बताया है कि उसने यूट्यूब के माध्यम से साफ्टवेयर खरीदा। यूट्यूब पर सॉफ्टवेयर की पूरी जानकारी दी गई है। एक लिंक है जिसपर जाकर सॉफ्टवेयर डाउनलोड किया जा रहा है और उसका ऑनलाइन पेमेंट किया जा रहा है। मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। मुख्य आरोपी की तलाश की जा रही है।
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- रमेशचंद मीना, आरपीएफ, थाना प्रभारी आजमगढ़।
साफ्टवेयर की क्या है भूमिका
तत्काल टिकट आरक्षण करानेवाले गिरोह के सदस्य कई लोगों की टिकट बुकिंग का डाटा पहले से ही साफ्टवेयर में अपलोड कर तैयार रहते हैं। ज्योंहि वेबसाइट खुलती है गिरोह इस साफ्टवेयर के जरिये आईआरसीटीसी की वेबसाइट को हैक कर साथ कई टिकट बुक करा लेते हैं। जिन्हें काफी ऊंची कीमत पर बेचा जाता है।
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