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किसान, मजदूर, छात्र, कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ निकाला मार्च

Mon, 15 Mar 2021 11:58 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 15 Mar 2021 11:58 PM IST
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March against farmers, laborers, students, anti-employee policies
आजमगढ़। संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आह्वान पर 15 मार्च को निजीकरण, कारपोरेटीकरण और किसान-मजदूर-छात्र-कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रतिरोध मार्च निकाला गया। जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संयुक्त किसान मोर्चा ने ज्ञापन भेजा।
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प्रतिरोध मार्च में निजीकरण मुर्दाबाद, सार्वजनिक क्षेत्रों का निजीकरण बंद करो, नए कृषि कानूनों को रद्द करो, श्रम कानूनों में हुए मजदूर विरोधी सुधार वापस लो, डीजल-पेट्रोल-रसोई गैस की मूल्य वृद्धि सहित दैनिक जरूरतों की वस्तुओं पर बेलगाम महंगाई पर रोक लगाओ, मुनाफाखोर व्यवस्था मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। देशी-विदेशी कंपनियों के हित में देश की सम्प्रुभता व नागरिकों के हितों को दांव पर लगाने की केंद्र सरकार के नीतियों की आलोचना की गई। किसान, मजदूर, छात्र, कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच तथा संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि देशव्यापी आंदोलन चलाया जाएगा। दुखहरन राम, ओमप्रकाश सिंह, डॉ. रवींद्र नाथ राय, विनोद सिंह, वेदप्रकाश उपाध्याय, दान बहादुर मौर्य, संदीप, आकाश, अवधेश अनिरुद्ध , सचिन, आशीष, अनिकेत, प्रशांत आदि लोग उपस्थित रहे।
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