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Azamgarh News: एक करोड़ 62 लाख की खरीदी मशीन, फिर भी निकाला 28 लाख का टेंडर
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मुबारकपुर नगरपालिका के कूड़ा डंपिंग ग्राउंड में लगी मशीन।
मुबारकपुर नगरपालिका क्षेत्र में लगने वाले कूड़े के पहाड़ के निस्तारण के लिए नगरपालिका की ओर से एक करोड़ 62 लाख रुपये की नई मशीन मंगाई गई है। यह मशीन संचालित भी हो रही है लेकिन मशीन को चलाने वाले एक्सपर्ट ही नहीं हैं।
नगरपालिका ने एक्सपर्ट की बजाय कूड़ा निस्तारण के लिए 28 लाख रुपये की निविदा आमंत्रित की है। लगभग 70 हजार की आबादी वाले मुबारकपुर नगरपालिका क्षेत्र से प्रतिदिन 50 टन कूड़ा निकलता है।
नगरपालिका के पास इसके निस्तारण की व्यवस्था न होने के कारण डंपिंग ग्राउंड में कूड़े का पहाड़ लग गया। हालत यह हो गई कि नगरपालिका की गाड़ियां तक डंपिंग ग्राउंड तक नहीं पहुंच पा रही थी। इसके कारण नगरपालिका कर्मी कूड़े को डंपिंग ग्राउंड के बाहर ही गिराकर चलते बन रहे थे।
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नगर पालिका द्वारा कूड़े के निस्तारण के लिए पूर्व में एक प्राइवेट कंपनी से अनुबंध किया गया था। अनुबंध खत्म होने के बाद कूड़े का निस्तारण ठप हो गया। जुलाई 2025 में कंपनी अपना सामान समेट कर चली गई। इसके बाद डंपिंग ग्राउंड पर कूड़े का पहाड़ खड़ा होता गया।
वर्तमान में यहां तक पहुंचने वाला रास्ता भी कूड़े से पट गया है। इसके बाद नगरपालिका ने जुलाई 2025 में ही कूड़ा निस्तारण के लिए मशीन खरीदने को एक करोड़ 62 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की लेकिन, मशीन लगाने का काम जनवरी में शुरू हुआ।
मशीन लगने के बाद भी ऑपरेटर न होने से कूड़े का निस्तारण ठप रहा। विगत कुछ दिनों से नगरपालिका ने कूड़े का निस्तारण शुरू किया है।
00
पहले टेंडर को निरस्त कर निकाला दूसरा टेंडर
कंपनी के जाने के बाद नगरपालिका ने डंपिंग ग्राउंड में पहाड़ बने 5100 टन कूड़े के निस्तारण के लिए 2025 में टेंडर निकाला जो बिड न पड़ने के कारण निरस्त कर दिया गया। फिर तीन जून 2026 को पहले 28 लाख 57 हजार रुपये का टेंडर निकाला। किसी ने भी टेंडर नहीं डाला तो 21 अगस्त को टेंडर निरस्त कर दिया। इसके बाद नगरपालिका ने एक करोड़ 62 लाख रुपये की कूड़ा निस्तारण मशीन मंगाई। इसके बाद फिर से 23 सितंबर को 28 लाख 57 हजार रुपये का नया टेंडर जारी कर दिया।
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दो महीने में ही बढ़ी टेंडर की लागत
नगरपालिका द्वारा कूड़ा निस्तारण के लिए पूर्व में निकाले गए टेंडर पर रामप्रसाद यादव को 11 लाख 74 हजार रुपये का वर्क ऑर्डर भी जारी किया गया। इसके बाद किसी को नहीं मालूम कि वर्क ऑर्डर जारी करने के बाद आखिर क्या हुआ कि दो महीने बाद ही उसी कार्य के लिए 28 लाख 57 हजार रुपये का टेंडर जारी किया गया। यह टेंडर भी दो बार निरस्त हुआ, अब तीसरी बार इसे फिर से आमंत्रित किया गया है।
00वर्जन
हमारे प्रशासक बनने से पहले कितनी की निविदा निकाली गई थी। इसके बारे में मुझे जानकारी नहीं है। नगरपालिका में कूड़ा निस्तारण मशीन लगी है लेकिन इसे चलाने के एक्सपर्ट नहीं हैं। इसके लिए टेंडर निकाला गया है। लेकिन, अगर यह टेंडर कूड़ा निस्तारण के लिए निकाला गया है तो मैं इसे दिखवा लेता हूं।
संजीव ओझा, सीआरओ और प्रशासक मुबारकपुर नगरपालिका।
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नगरपालिका ने एक्सपर्ट की बजाय कूड़ा निस्तारण के लिए 28 लाख रुपये की निविदा आमंत्रित की है। लगभग 70 हजार की आबादी वाले मुबारकपुर नगरपालिका क्षेत्र से प्रतिदिन 50 टन कूड़ा निकलता है।
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नगरपालिका के पास इसके निस्तारण की व्यवस्था न होने के कारण डंपिंग ग्राउंड में कूड़े का पहाड़ लग गया। हालत यह हो गई कि नगरपालिका की गाड़ियां तक डंपिंग ग्राउंड तक नहीं पहुंच पा रही थी। इसके कारण नगरपालिका कर्मी कूड़े को डंपिंग ग्राउंड के बाहर ही गिराकर चलते बन रहे थे।
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नगर पालिका द्वारा कूड़े के निस्तारण के लिए पूर्व में एक प्राइवेट कंपनी से अनुबंध किया गया था। अनुबंध खत्म होने के बाद कूड़े का निस्तारण ठप हो गया। जुलाई 2025 में कंपनी अपना सामान समेट कर चली गई। इसके बाद डंपिंग ग्राउंड पर कूड़े का पहाड़ खड़ा होता गया।
वर्तमान में यहां तक पहुंचने वाला रास्ता भी कूड़े से पट गया है। इसके बाद नगरपालिका ने जुलाई 2025 में ही कूड़ा निस्तारण के लिए मशीन खरीदने को एक करोड़ 62 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की लेकिन, मशीन लगाने का काम जनवरी में शुरू हुआ।
मशीन लगने के बाद भी ऑपरेटर न होने से कूड़े का निस्तारण ठप रहा। विगत कुछ दिनों से नगरपालिका ने कूड़े का निस्तारण शुरू किया है।
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पहले टेंडर को निरस्त कर निकाला दूसरा टेंडर
कंपनी के जाने के बाद नगरपालिका ने डंपिंग ग्राउंड में पहाड़ बने 5100 टन कूड़े के निस्तारण के लिए 2025 में टेंडर निकाला जो बिड न पड़ने के कारण निरस्त कर दिया गया। फिर तीन जून 2026 को पहले 28 लाख 57 हजार रुपये का टेंडर निकाला। किसी ने भी टेंडर नहीं डाला तो 21 अगस्त को टेंडर निरस्त कर दिया। इसके बाद नगरपालिका ने एक करोड़ 62 लाख रुपये की कूड़ा निस्तारण मशीन मंगाई। इसके बाद फिर से 23 सितंबर को 28 लाख 57 हजार रुपये का नया टेंडर जारी कर दिया।
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दो महीने में ही बढ़ी टेंडर की लागत
नगरपालिका द्वारा कूड़ा निस्तारण के लिए पूर्व में निकाले गए टेंडर पर रामप्रसाद यादव को 11 लाख 74 हजार रुपये का वर्क ऑर्डर भी जारी किया गया। इसके बाद किसी को नहीं मालूम कि वर्क ऑर्डर जारी करने के बाद आखिर क्या हुआ कि दो महीने बाद ही उसी कार्य के लिए 28 लाख 57 हजार रुपये का टेंडर जारी किया गया। यह टेंडर भी दो बार निरस्त हुआ, अब तीसरी बार इसे फिर से आमंत्रित किया गया है।
00वर्जन
हमारे प्रशासक बनने से पहले कितनी की निविदा निकाली गई थी। इसके बारे में मुझे जानकारी नहीं है। नगरपालिका में कूड़ा निस्तारण मशीन लगी है लेकिन इसे चलाने के एक्सपर्ट नहीं हैं। इसके लिए टेंडर निकाला गया है। लेकिन, अगर यह टेंडर कूड़ा निस्तारण के लिए निकाला गया है तो मैं इसे दिखवा लेता हूं।
संजीव ओझा, सीआरओ और प्रशासक मुबारकपुर नगरपालिका।