गंगा समिति आजमगढ़ की पहल पर शुरूआत समिति के माध्यम से बृहस्पतिवार को समीर प्रकृति ज्ञान संग्रहालय में भूमिजा उत्सव के बहाने एक विमर्श का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रकृति की आराधना की गयी तथा धरती तथा अपने जलस्रोतों को समृद्ध रखने के लिए सभी लोगों ने मिलकर संकल्प लिया। शेषनाथ राय, सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि इस विमर्श का उद्देश्य नागरिक समाज के मन में इस विचार को संकल्पित करना था कि प्रकृति ही ईश्वर है, प्रकृति के कण-कण में ईश्वर का वास है। यदि हमें सच्चे अर्थों में ईश्वर की आराधना करनी है तो हमें अपनी धरती को हरा-भरा रखना होगा। वर्षा के पानी को धरती के पेट में पहुंचना होगा, नदियों को स्वच्छ व अविरल बहने के लिए प्रयास करना होगा। गंगा सेवक सम्मान से सम्मानित कृष्णानंद राय ने कहा कि मैंने तो अपना जीवन ही प्रकृति संरक्षण के लिए समर्पित कर दिया है। मैं नदियों के संरक्षण के लिए जन जागरण अभियान चलाता हूं। मुझे विश्वास है कि जब जन-जन मिलकर नदी संरक्षण के लिए एकजुट होंगे तो अवश्य ही इसका सकारात्मक फल प्राप्त होगा। वरिष्ठ पत्रकार राकेश राय ने कहा कि धरती हमारी मां है। धरती पर प्रत्येक प्राणी जगत या वनस्पतियां सभी एक दूसरे की पालनहार हैं। आज भूमिजा उत्सव के बहाने हम स्वयं से शपथ लें कि हम उस धरती को कभी भी वीरान नहीं होंने देंगे। संस्कृतिकर्मी राजीव रंजन ने कहा कि पानी पंचभूतों में से एक है जीवन है जिंदगानी है। जल है तो कल है जल ही जीवन का आधार है। मुख्य अतिथि भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय ने कहा कि प्रकृति के इस दिये हुए आशीर्वाद का सम्मान करते हुए हम सभी को नदी संरक्षण पर विशेष ध्यान देना होगा। अध्यक्षता करते हुए भाजपा नेता मनीष मिश्रा ने कहा कि आज इस विमर्श के बहाने यह सोचने का समय है कि किस प्रकार हम अपनी नदियों को स्वच्छ रखें। हम सभी को जिले के स्कूलों, कालेजों तथा सार्वजनिक स्थानों पर नदी संरक्षण से संबंधित गतिविधियां आयोजित कर मानव समाज को इस मुहिम से जोड़ना होगा।कृष्णानंद राय, राकेश राय एवं विकल्परंजन के संयोजन में विजयदशमी से कार्तिक पूर्णिमा तक सरयू संवाद यात्रा निकलेगी। जिला एवं ग्रामीण स्तर पर यात्रा के स्थानीय संयोजन के लिए 11 सदस्यीय टीम का गठन किया गया। जिसमें सहनूपुर से रामाश्रय सिंह, सहबहिला से आनंद सिंह, टेकनपुर से केदार यादव, रामपुर से डा. चन्दभान सिंह, महुला से संजीव कुमार, दोहरीघाट ब्लाक से अवनीश राय, अजमतगढ़ ब्लाक से ब्रहमानंद राय, छपिया से सूचीत यादव, कांखभार से अखिलेश यादव, बलिया से राकेश राय, समीर प्रकृति ज्ञान संग्रहालय से विकल्प रंजन, एवं सरकार द्वारा गंगा सेवक सम्मान से सम्मातिन कृष्णानंद राय रहेंगेे। निर्णय लिया गया कि विजयदशमी के दिन से देव दिपावली तक सरयू संवाद यात्रा निकाली जायेगी।