Lok Sabha By Election: भाजपा से निरहुआ ने किया नामांकन, बोले- इसबार आजमगढ़ में फेल होगा एम-वाई फैक्टर
लोकसभा उपचुनाव के लिए नामांकन के अंतिम दिन आज आजमगढ़ में भाजपा के प्रत्याशी दिनेश लाल यादव निरहुआ ने नामांकन पर्चा दाखिल किया।
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आजमगढ़ में लोकसभा उपचुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशी भोजपुरी फिल्म स्टार दिनेश लाल यादव निरहुआ ने सोमवार को नामांकन दाखिल किया। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह समेत कई भाजपा नेता मौजूद रहे। नामांकन के बाद दिनेश लाल यादव निरहुआ ने मीडिया से भोजपुरी में बीतचीत की। कहा कि इस बार अच्छा मौका मिला है। आजमगढ़ में एम-वाई फैक्टर फेल होगा।
उन्होंने कहा कि यह उपचुनाव है। इस बार केंद्र और राज्य दोनों में भाजपा की सरकार है इसलिए हमको मौका देना चाहिए। अगर हम अच्छा नहीं करते हैं तो दो साल बाद जनता को हमें बदल देना चाहिए। सपा से जितना मजबूत प्रत्याशी आएगा उतनी लड़ाई अच्छी होगी। आजमगढ़ की सभी विधानसभा सीटें सपा के खाते में जाने के सवाल पर निरहुआ ने कहा कि यह भी देखने वाली बात है कि दूसरे नंबर पर सभी जगह हमारी पार्टी ही रही।
इस बार जनता ने बदला अपना मन
पिछले लोकसभा चुनाव में जब उनका महागठबंधन था तब भी जनता ने मुझे बहुत प्यार और आशीर्वाद दिया। इस बार तो महागठबंधन भी नहीं है। जितना प्यार- आशीर्वाद पिछली बार मिला था, उतना ही इस बार भी मिल जाएगा तो चुनाव जीत जाएंगे। इस बार काम पर वोट होगा, जात पर नहीं होगा। कई बार जाति पर वोट पड़ चुका है लेकिन इस बार जनता ने अपना मन बदल लिया है और कमल खिलाने के लिए तैयार है।
जहां तक सामाजिक समीकरण की बात है तो बसपा से गुड्डू जमाली मैदान में हैं जो काफी मजबूत हैं। पिछले चुनाव में जो सपा संग एक बड़ा वोट बैंक जुड़ा था वह इस बार बसपा के साथ जाएगा। एम-वाई फैक्टर भी इस बार फेल होगा। बहुत ज्यादा संख्या में यादव मुसलमान भी बीजेपी के कार्यों के चलते उसे जुड़ गए हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बोले- सपा नहीं, बसपा से है मुकाबला
लोकसभा उपचुनाव में नामांकन के आखिरी दिन सोमवार को सपा और भाजपा के प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल किया। भाजपा प्रत्याशी दिनेश लाल यादव निरहुआ के नामांकन में पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने सपा पर निशाना साधते हुए वंशवादी पार्टी करार दिया।
कहा कि आजमगढ़ से लोकप्रिय प्रत्याशी दिनेश लाल यादव निरहुआ को पिछले चुनाव में भी जनता जनार्दन से जबरदस्त आशीर्वाद मिला था। वह इस बार काम आएगा। आजमगढ़ के लोगों ने मन बना लिया है कि इस बार कमल खिलाना है। निरहुआ को लोकसभा भेजना है। इसके पीछे पीएम मोदी और सीएम योगी की लोकप्रियता और गरीबों के लिए संचालित की जा रही लोक कल्याणकारी योजनाएं हैं।
पिछले विधानसभा में भी हम लोगों ने अच्छा लड़ा भले ही इसका परिणाम नहीं आया। सपा उम्मीदवार को लेकर जारी सस्पेंस और फिर धर्मेंद्र यादव के नामांकन करने पर उन्होंने कहा कि यह वंशवादी पार्टी है। इस बार हमारा मुकाबला सपा से नहीं बल्कि बसपा से है। क्योंकि जिले का सामाजिक समीकरण यही कह रहा है।