Lok Sabha By Election: आजमगढ़ में आज 1149 मतदान केंद्रों पर वोटिंग जारी, 18.38 लाख मतदाता करेंगे 13 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला
आजमगढ़ लोकसभा सीट पर उपचुनाव के लिए आज मतदान जारी है। 1149 मतदान केंद्रों पर पांच विधानसभाओं के 1838930 मतदाता 13 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे।
विस्तार
उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए आज का दिन अहम है। आजमगढ़ लोकसभा सीट पर सुबह सात बजे से 1149 मतदान केंद्रों पर मतदान शुरू हो गया है जो शाम छह बजे तक चलेगा। सुबह से ही बूथों पर मतदाता पहुंचने लगे। उमसभरी गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच मतदान को लेकर मतदाताओं में उत्साह नजर आ रहा है। सुबह नौ बजे तक मतदान प्रतिशत 9.21 रहा। विधानसभावार देखा जाए तो गोपालपुर के मतदाता सबसे जागरूक दिखे, वहां 10.1 मतदान प्रतिशत रहा।
मतदान के बाद पोलिंग पार्टियां अपने बूथों से एफसीआई गोदाम बेलइसा पहुंचेंगी जहां ईवीएम को जमा किया जाएगा। उपचुनाव में आजमगढ़ संसदीय सीट के पांच विधानसभा आजमगढ़, गोपालपुर, सगड़ी, मुबारकपुर और सुरक्षित सीट मेंहनगर विधानसभा क्षेत्र के मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।
इस उपचुनाव में कुल 13 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। पुरुष मतदाताओं की कुल संख्या नौ लाख 70 हजार 935 और महिला मतदाताओं की कुल संख्या आठ लाख 67 हजार 968 है। सपा मुखिया अखिलेश यादव के आजमगढ़ सदर संसदीय सीट से इस्तीफा देने के बाद खाली हुई सीट पर उपचुनाव हो रहा है।
सर्फुद्दीनपुर बूथ का डीएम व एसपी ने किया निरीक्षण
मतदान शुरू होते ही डीएम विशाल भारद्वाज और एसपी अनुराग आर्य बूथों का चक्रमण करने निकल पड़े। सबसे पहले उनका काफिला सर्फुद्दीनपुर बूथ पर पहुंचा। इस दौरान डीएम और एसपी ने लोगों से निर्भिक होकर मतदान करने की अपील की। बताते चलें कि 2022 के विधानसभा चुनाव में सर्फुद्दीनपुर बूथ पर बूथ कैप्चरिंग की शिकायत पर सपा और भाजपा समर्थकों के बीच झड़प हो गई थी।
जिसे देखते हुए इस बूथ को लेकिन पुलिस प्रशासन काफी मुस्तैद नजर आ रहा है। एसपी ने चुनाव के दौरान सुरक्षा की व्यवस्थाओं पर प्रकाश डाला।
विधानसभावार महिला व पुरुष मतदाताओं की स्थिति
- विधानसभा पुरुष महिला कुल मतदाता
सगड़ी 179297 156691 335990
मुबारकपुर 185221 168110 353333
आजमगढ़ 207581 187621 395202
मेंहनगर 291535 192093 403650
बदले सियासी समीकरण में मुकाबला रोचक, सपा के सामने गढ़ बचाने की चुनौती
बदली सियासी परिस्थितियों में आजमगढ़ लोकसभा क्षेत्र का उपचुनाव रोचक हो गया है। आजमगढ़ में सैफई परिवार की प्रतिष्ठा दांव पर है। शीर्ष नेतृत्व को आजमगढ़ में प्रत्याशी तय करने में वक्त जरूर लगा, लेकिन इसके पीछे कई वजहें रहीं। हालांकि तमाम चर्चाओं के बाद यहां से पूर्व धर्मेंद्र यादव का नाम तय किया गया। ऐसे में सपा के सामने गढ़ बचाने की चुनौती है।
आजमगढ़ लोकसभा क्षेत्र में करीब 18.38 लाख मतदाता हैं। इनमें करीब साढ़े तीन लाख यादवों समेत ओबीसी के कुल मतदाताओं की संख्या साढे़ छह लाख से अधिक है। साढ़े चार लाख दलित, साढ़े तीन लाख मुस्लिम और तीन लाख सवर्ण मतदाता हैं। आजमगढ़ लोकसभा क्षेत्र में गोपालपुर, सगड़ी, मुबारकपुर, आजमगढ़ सदर और मेहनगर विधान सभा क्षेत्र हैं। इन सभी सीटों पर सपा के विधायक हैं।
सपा के सामने ये है बड़ी चुनौती
ऐसे में सपा के सामने मुस्लिम और यादव वोट बैंक को अपने पाले में बनाए रखने और दलितों को जोड़ने की चुनौती है। यही वजह है कि सपा ने पहले दलित उम्मीदवार के रूप में सुशील आनंद को उतारने की तैयारी की थी, लेकिन उनका नाम दो विधान सभा क्षेत्र में होने से पर्चा खारिज होने की आशंका थी। वहीं, स्थानीय सपाइयों में सिर फुटौव्वल न हो, इससे बचने के लिए सैफई परिवार से धर्मेंद्र यादव को मैदान में उतारना पड़ा।