कड़ी सुरक्षा के बीच आज सुबह से से आजमगढ़ लोकसभा सीट के उपचुनाव के लिए मतदान जारी है। दोपहर एक बजे तक 29.48 फीसदी लोग अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके थे। कुल 18.38 लाख वोटर संसदीय क्षेत्र में हैं। 1149 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। आजमगढ़ उपचुनाव में कुल 13 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। लेकिन मुख्य मुकाबला तीन प्रत्याशियों के बीच है। जिसके कारण जनपद में त्रिकोणीय संघर्ष के आसार नजर आ रहे हैं।
इन तीन प्रत्याशियों में सपा के धर्मेंद्र यादव, भाजपा के दिनेश लाल यादव निरहुआ और बसपा के शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली है। जिनके बीच ही मुख्य मुकाबला माना जा रहा है। हर कोई अपनी जीत को प्रबल मान रहा है और जीत का दावा भी कर रहा है। लेकिन मतदाता खामोश हैं। मतदाताओं की खामोशी प्रत्याशियों की बेचैनी को बढ़ा रही है।
2 of 7
आजमगढ़ में मतदान के बाद मतदाता
- फोटो : अमर उजाला
लोकसभा उपचुनाव के दौरान कुल 15 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था। जिसमें दो प्रत्याशियों के नामांकन जांच में अवैध पाए गए थे। नामांकन वापसी में किसी प्रत्याशी ने नामांकन वापस नहीं लिया। जिसके कारण मैदान में 13 प्रत्याशी हैं। जिनके लिए आज मतदान कराया जा रहा है।
3 of 7
आजमगढ़ में मतदान के लिए लगी कतार
- फोटो : अमर उजाला
उपचुनाव में भाजपा से दिनेश लाल यादव निरहुआ, सपा से धर्मेंद्र यादव, बसपा से शाह आलम, अल हिंद पार्टी से अमरावती, जनता क्रांति पार्टी (राष्ट्रवादी) से जयनाथ उर्फ जयनाथ चौहान, प्रगतिशील समाज पार्टी से धीरज, मौलिक अधिकार पार्टी से रवींद्रनाथ शर्मा, सरवर पार्टी से सरवर अली, अंबरीष कुमार विजयता निर्दलीय, पंकज कुमार यादव निर्दलीय, रमाकांत यादव निर्दलीय, राजीव कुमार सिंह निर्दलीय एवं वीरेंद्र कुमार निर्दलीय के रूप में मैदान में है।
4 of 7
आजमगढ़ में मतदान जारी
- फोटो : एएनआई
आजमगढ़ को समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता है। सपा के इस गढ़ में सपा प्रत्याशी इस बार त्रिकोणीय संघर्ष में घिरे नजर आ रहे हैं। क्योंकि वोटों के ध्रुवीकरण के कारण भाजपा प्रत्याशी दिनेश लाल यादव निरहुआ और बसपा प्रत्याशी शाह आलम गुड्डू जमाली का दावा भी काफी मजबूत नजर आ रहा है।
5 of 7
आजमगढ़ में मतदान को लेकर लगी कतार
- फोटो : अमर उजाला
आजमगढ़ लोकसभा सीट के लिए हो रहे उपचुनाव में समाजवादी पार्टी की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के इस्तीफे बाद रिक्त हुई सीट पर पार्टी ने बदायूं से सांसद रहे धर्मेंद्र यादव को मैदान में उतारा है। इस सीट को लेकर सपा के दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। जिसके कारण उन्होंने गलियों की खाक छानी।