फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Locust team arrived in azamgarh, was driven away by loud voice

आया टिड्डी दल, आजमगढ़ में नहीं मिली ठौर, तेज आवाज से भगाया

Thu, 25 Jun 2020 10:27 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 25 Jun 2020 10:27 PM IST
विज्ञापन
Locust team arrived in azamgarh, was driven away by loud voice
सरायमीर क्षेत्र के आकाश में उड़ता टिडियों का दल। - फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। पाकिस्तान से चली टिड्डियों का दल बृहस्पतिवार को जनपद पहुंच गया। काफी संख्या में टिड्डियों को उड़ते झुंड को देखने के लिए लोगों की जगह-जगह भीड़ जुट गई। हालांकि इस दल के जनपद में कहीं भी नीचे उतरने की सूचना नहीं मिली लेकिन यह दल आसमान में ही उड़ते हुए देखा गया। जनपद में टिड्डियों के आगमन की सूचना मिलते ही कृषि विभाग अलर्ट हो गया। विभाग की ओर से उनके लोकेशन की खोज की जाने लगी।
विज्ञापन

मेजवां प्रतिनिधि के अनुसार टिड्डियों का झुंड सरहदी देश पाकिस्तान से मध्यप्रदेश और राजस्थान होते हुए जिले के कई गांव दीदारगंज, मार्टीनगंज और उसके आस पास गांव में देखने को मिला। हालांकि थोड़ी देर में टिड्डियां दीदारगंज इलाके से होकर जौनपुर जिले में प्रवेश कर गई। तब जाकर किसानों ने राहत की सांस ली। गुरुवार को सुबह आसमान में टिड्डियों का समूह देखते ही किसान सकते में आ गए। लोग टिड्डियों को भगाने का उपाय सोचने लगे। इस दौरान किसानों ने तेज ध्वनि के साथ थाली, और साइलेंसर बजा कर उसे भागने में सफलता पाई। कृषि विज्ञान केंद्र कोटवा के कृषि वैज्ञानिक डा. आरपी सिंह ने बताया कि टिड्डियों के रुकने की अभी स्थिति नहीं बनी है। यदि वे दिखती हैं तो तेज ध्वनि विस्तारक सामानों को बजाकर डराकर उन्हें भगाएं। इसे लेकर कृषि विभाग काफी एलर्ट है।
विज्ञापन

अंबारी प्रतिनिधि के अनुसार दीदारगंज क्षेत्र में टिड्डियों का दल आसमान में दिन के लगभग साढ़े 11 बजे दिखाई दिया। यह टिड्डियों का दल जौनपुर जिले की तरफ से आया है। जो जिले के पश्चिमी छोर सुघरपुर बार्डर, फुलेश, दीदारगंज, पुष्पनगर, हैदराबाद, सिकरौर सहबरी होते हुए पूरब की तरफ प्रस्थान कर गया। आसमान में उड़ते हुए टिड्डी दल को देखने के लोग सडक़ों पर उतर गए। वही टिड्डियों का दल पल्थी, गददोपुर, भेड़िया में भी देखा गया और लोग तरह-तरह की चर्चाएं करने लगे। वहीं इनके दिखते ही किसानों की चिंता बढ़ गई है। मार्टीनगंज प्रतिनिधि के अनुसार गुरुवार की दोपहर में काफी संख्या में जौनपुर की सीमा से टिड्डियों का दल आजमगढ़ की सीमा में प्रवेश किया। लाखों की संख्या में यह टिड्डियां बहुत ऊंचाई पर पूरब की तरफ बढ़ती जा रही थी। इन्हें देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी हुई थी। रानी की सराय प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में भी कई गांवों में लोगों ने टिड्डियों के इस दल को देखा। इनके आगमन ने किसानों की चिंता केे बढ़ा दिया है। सरायमीर प्रतिनिधि के अनुसार जिले के विभिन्न क्षेत्रों गुजरता हुआ टिड्डियों का दल सरायमीर पहुंचा। क्षेत्र के सरायमीर, संजरपुर, मंजीरपट्टी, नंदाव, छत्तेपुर सहित कई जगहों पर टिड्डी दल नीचे उतरना चाहा लेकिन कुछ लोग पहले से जागरूक थे थालीपीट कर भगाने में जुट गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

कृषि विभाग ने जारी की एडवाइजरी
आजमगढ़। जिला कृषि अधिकारी डा. उमेश कुमार गुप्ता ने बताया कि गुरुवार को जनपद के विकास खंड मार्टीनगंज, अहरौला और मिर्जापुर में टिड्डी दल की आने की सूचना प्राप्त हुई। प्रभावित क्षेत्रों में तैनात कृषि विभाग के कर्मचारियों को निरंतर कृषकों से संपर्क बनाये रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि टिड्डी दल के बारे में जानकारी प्राप्त होती रहे। टिड्डी दल को खेतों के आस-पास दिखाई देते ही किसान भाई टोलियां बनाकर सायं काल के समय थाली, ढ़ोल, नगाड़े, घंटियां, डीजे एवं पटाखे आदि की तेज आवाज करके इनको भगा सकते हैं। प्रकाश प्रपंच का प्रयोग कर भी टिड्डियों को एकत्रित करके नष्ट किया जा सकता है। टिड्डी दल के आकाश में दिखाई देने पर घास-फूस जलाकर धुंआ करें। टिड्डी दल के आक्रमण के बाद कीटनाशक उपलब्ध न होने की दशा में ट्रैक्टर चालित पावर स्प्रेयर के द्वारा पानी की तेज बौछार से भी इन्हें भगाया जा सकता है।
इन दवाओं का करें छिड़काव
आजमगढ़। इन पर नियंत्रण के लिए एजाडीरेक्टीन (नीम ऑयल) 1.50 से 2.00 लीटर प्रति हेक्टेयर 600 से 700 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। टिड्डियों का प्रकोप होने पर क्लोरपायरीफॉस 20 प्रतिशत ईसी 1200 मिली, लेम्डा साइहेलोथ्रीन 5 प्रतिशत ईसी 400 मिली या बेन्थियों कार्ब 80 प्रतिशत 125 ग्राम, 500 लीटर पानी में प्रति हेक्टेयर की दर से घोल बनाकर छिडक़ाव करें या फेनवेलरेट 0.4 प्रतिशत अथवा मैलाथियान 5 प्रतिशत धूल 20 से 25 किग्रा प्रति हेक्टेयर की दर से सुबह पत्तियों पर ओस देखकर बुरकाव करें। टिड्डी दल के खेत में बैठने के बाद उनके अंडों को नष्ट करने के लिए खेत की गहरी जुताई कर दें।

इन नंबरों पर दें इनके आक्रमण की सूचना
आजमगढ़। इनके आक्रमण होने की सूचना ग्राम प्रधान, लेखपाल कृषि विभाग के प्राविधिक सहायकों एवं ग्राम पंचायत अधिकारी के माध्यम से कृषि विभाग अथवा जिला प्रशासन तक तत्काल पहुचाएं। इनके आक्रमण की दशा में जनपद स्तर पर बने कंट्रोल रुम मोबाइल नं0 9919588753, 9450809578, 9260951598 एवं 9415902075 पर जानकारी उपलब्ध कराएं या क्षेत्रीय केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र, लखनऊ के फोन नं0 0522-2732063 अथवा अपर निदेशक कृषि रक्षा लखनऊ को फोन नं0- 0522-2205868 पर भी सूचित कर सकते हैं।

दीदारगंज क्षेत्र के आकाश में उड़ता टिड्डियों का दल।

दीदारगंज क्षेत्र के आकाश में उड़ता टिड्डियों का दल।- फोटो : AZAMGARH

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed