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गांव को छोड़े जनाब, शहर में ही छुट्टा मवेशियों का आतंक

Fri, 28 Jan 2022 11:57 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 28 Jan 2022 11:57 PM IST
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Leave the village, the terror of cattle left in the city itself
सिधारी शारदा चौराहे पर छुट्टा पशु।-प्लान खबर की फोटो - फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। छुट्टा मवेशियों पर लगाम का भले ही दावा किया जा रहा हो लेकिन गांव ही नहीं शहरी क्षेत्र में भी इनका आतंक छाया हुआ है। मुख्य मार्गो पर अक्सर ही ये आपस में भिड़ जाते है और जो भी राहगीर इनके बीच आता है चोटिल हो जाता है। पूरे शहर में ये धड़ल्ले से चक्रमण कर रहे है और जिम्मेदार विभाग के लोग एक-दो दिन अभियान चला कर शांत हो जाते है। दावा सभी छुट्टा मवेशियों को गौशाला भेजने का किया जा रहा है लेकिन वास्तव में सब हवा-हवाई ही साबित हो रहा है।
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शहर क्षेत्र में शायद ही कोई ऐसा इलाका हो जहां सड़कों पर छुट्टा मवेशी न दिखायी दे रहे हो। जिला अस्पताल का इलाका हो अथवा पहाड़पुर, तकिया क्षेत्र हर रास्तों पर इन छुट्टा मवेशियों को आसानी से देखा जा सकता है। शहर का पुरानी कोतवाली, मुख्य चौक से शंकर जी तिराहे की बात की जाए तो इस मार्ग पर चार से पांच की संख्या में सांड हमेशा ही घुमते देखे जा सकते है। बुरा हाल तो तब हो जाता है जब ये आपस में भिड़ जाते है और जम कर तांडव मचाते है। जो भी इनके बीच में आया, उसका चोटिल होना तो निश्चित है। ऐसा ही कुछ नजारा नगर पालिका तिराहा, कोतवाली के सामने बंधा, कलेक्ट्रेट क्षेत्र का भी है। जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी जहां छुट्टा मवेशियों को पकड़ कर गौशाला भेजने को लेकर अधिकारियों की नकेल कस रहे है, लेकिन जिम्मेदार जैसे मूकदर्शक बने हुए है। रोडवेज क्षेत्र की बात की जाए तो इस पूरे इलाके में ही छुट्टा मवेशियों का आतंक छाया हुआ है। शुक्रवार की रात इस क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक संख्या में छुट्टा मवेेशी सड़क पर आतंक फैलाए हुए थे। जब ये आपस में लड़ने लगे तो सड़क पर मौजूद लोग भाग कर खुद को बचाने को मजबूर हुए।
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हमारी टीम प्रतिदिन सड़क पर छुट्टा मवेशियों की धर पकड़ के लिए निकल रही है। शहर के साथ ही नपा का ही कैटल कैचिंग वाहन मेंहनगर, निजामाबाद आदि तहसीलों में भी भेजा जा रहा है। पूरा प्रयास है कि शहर की सड़कों पर छुट्टा घूमने वाले मवेशियों को पकड़ कर गौशाला भेजा जाए।
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रवि कुमार, प्रभारी ईओ, नगर पालिका परिषद आजमगढ़।
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