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Azamgarh News: पेंशन-आवास दिलाने के नाम पर अंगूठे लगवाकर जमीन का कराया बैनामा, ग्राम प्रधान, बेटे समेत चार पर प्राथमिकी
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बरदह थाना क्षेत्र में एक महिला की जमीन का पेंशन-आवास दिलाने के नाम पर अंगूठे लगवाकर बैनामा कराने और उसके बैंक खाते से रुपये निकालने का मामला सामने आया है। महिला की शिकायत पर न्यायालय के आदेश के बाद बरदह पुलिस ने ग्राम प्रधान मुन्ना लाल, उसके पुत्र सौरभ, रेनू और नरमू के खिलाफ शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज की है।
बरदह निवासी विधवा देवराजी ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान मुन्ना लाल और उनके बेटे सौरभ ने विधवा पेंशन और आवास दिलाने का भरोसा देकर 29 अप्रैल 2025 को उसे मार्टिनगंज तहसील ले गए।
वहां पेंशन और आवास दिलाने के नाम पर कई जगह उसके अंगूठे लगवाए गए। इसके बाद उसे घर भेज दिया गया। देवराजी ने बताया कि दो मई को सौरभ उसे बरदह बाजार स्थित जनसेवा केंद्र ले गया और बैंक खाता खुलवाया।
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उसे बताया गया कि इसी खाते में पेंशन की रकम आएगी। अगले दिन भी उसे जनसेवा केंद्र ले जाया गया। कुछ समय बाद सौरभ ने बताया कि खाते में एक हजार रुपये पेंशन आई है, जिसे जनसेवा केंद्र से निकाल लिया गया।
महिला का आरोप है कि बाद में उसे जानकारी हुई कि ग्राम प्रधान ने अपनी भाभी रेनू के नाम उसकी जमीन का बैनामा करा लिया है। देवराजी का कहना है कि उसने रेनू के नाम जमीन का कोई बैनामा नहीं किया था।
रजिस्ट्री कार्यालय में जांच कराने के बाद महिला को बैनामे की जानकारी हुई। इसके बाद 30 जुलाई 2025 को बैंक से खाते की जानकारी लेने पर उसे बैनामे की रकम के लेनदेन का पता चला।
आरोप है कि चेक के माध्यम से खाते में कुल 46 हजार रुपये जमा किए गए। इनमें से 25 हजार रुपये और 20 हजार रुपये निकाल लिए गए। शेष एक हजार रुपये महिला को पेंशन के नाम पर दिए जाने का आरोप है।
देवराजी ने बताया कि उसने मामले की शिकायत स्थानीय थाने में करने का प्रयास किया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ को प्रार्थनापत्र दिया। वहां से भी अपेक्षित कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए महिला ने न्यायालय की शरण ली।
न्यायालय के आदेश के क्रम में बरदह थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। थाना प्रभारी चंद्रदीप कुमार ने बताया कि ग्राम प्रधान मुन्ना लाल, उसके पुत्र सौरभ, रेनू और नरमू को नामजद किया है। मामले की जांच की जा रही है। विवेचना के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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बरदह निवासी विधवा देवराजी ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान मुन्ना लाल और उनके बेटे सौरभ ने विधवा पेंशन और आवास दिलाने का भरोसा देकर 29 अप्रैल 2025 को उसे मार्टिनगंज तहसील ले गए।
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वहां पेंशन और आवास दिलाने के नाम पर कई जगह उसके अंगूठे लगवाए गए। इसके बाद उसे घर भेज दिया गया। देवराजी ने बताया कि दो मई को सौरभ उसे बरदह बाजार स्थित जनसेवा केंद्र ले गया और बैंक खाता खुलवाया।
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उसे बताया गया कि इसी खाते में पेंशन की रकम आएगी। अगले दिन भी उसे जनसेवा केंद्र ले जाया गया। कुछ समय बाद सौरभ ने बताया कि खाते में एक हजार रुपये पेंशन आई है, जिसे जनसेवा केंद्र से निकाल लिया गया।
महिला का आरोप है कि बाद में उसे जानकारी हुई कि ग्राम प्रधान ने अपनी भाभी रेनू के नाम उसकी जमीन का बैनामा करा लिया है। देवराजी का कहना है कि उसने रेनू के नाम जमीन का कोई बैनामा नहीं किया था।
रजिस्ट्री कार्यालय में जांच कराने के बाद महिला को बैनामे की जानकारी हुई। इसके बाद 30 जुलाई 2025 को बैंक से खाते की जानकारी लेने पर उसे बैनामे की रकम के लेनदेन का पता चला।
आरोप है कि चेक के माध्यम से खाते में कुल 46 हजार रुपये जमा किए गए। इनमें से 25 हजार रुपये और 20 हजार रुपये निकाल लिए गए। शेष एक हजार रुपये महिला को पेंशन के नाम पर दिए जाने का आरोप है।
देवराजी ने बताया कि उसने मामले की शिकायत स्थानीय थाने में करने का प्रयास किया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ को प्रार्थनापत्र दिया। वहां से भी अपेक्षित कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए महिला ने न्यायालय की शरण ली।
न्यायालय के आदेश के क्रम में बरदह थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। थाना प्रभारी चंद्रदीप कुमार ने बताया कि ग्राम प्रधान मुन्ना लाल, उसके पुत्र सौरभ, रेनू और नरमू को नामजद किया है। मामले की जांच की जा रही है। विवेचना के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।