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चार लाख रुपये प्रति बिस्वा पर करेंगे जमीन की रजिस्ट्री
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ
Updated Sun, 21 Aug 2016 11:39 PM IST
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जमीन की रजिस्ट्री
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समाजवादी पार्टी की महत्वाकांक्षी योजना समाजवादी एक्सप्रेस-वे के लिए किसानों ने जमीन देने से इंकार कर दिया है। अहरौला में किसानों का आरोप है कि उन्हें जमीन का सर्किल रेट बताए बिना ही शपथ पत्र भरवा लिया गया। इसलिए हम अपनी जमीन की रजिस्ट्री नहीं करेंगे। वहीं, सठियांव में किसानों को सर्किल रेट को लेकर आपत्ति है।
अहरौला संवाददाता के अनुसार, विकास खंड के खानपुर चंदू गांव के किसानों ने एसडीएम के बुलाने पर जमीन रजिस्ट्री करने से रविवार को इंकार कर दिया। इस दौरान किसानों ने बैठक कर आगे की रणनीति बनाई। राजस्व कर्मी किसानों को सर्किल रेट से चार गुना जमीन का मुआवजा देने की बात कर रहे हैं। एक बिस्वा जमीन की कीमत एक लाख रुपये राजस्व कर्मियों ने लगाई है लेकिन चार लाख रुपये विस्वा जमीन की कीमत लेने पर अड़े हैं।
किसानों का कहना है कि गांव में ही एक लाख रुपये बिस्वा पर जमीन बिक रही है। तहसील अपना रेट 25 हजार रुपये बिस्वा बता रहा है। पिछले शनिवार को तहसील फूलपुर से एसडीएम दिवाकर सिंह, कानूनगो बनारसी लाल और चार लेखपाल गांव में पहुंचे। जिन किसानों की जमीन जा रही है उनसे शपथ पत्र भरवाए और उन्हें जमीन रजिस्ट्री के लिए सोमवार को तहसील पर बुलाए। मगर किसानों को जमीन का मुआवजा किस रेट में मिलेगा यह नहीं बताए। किसानों का आरोप है कि जमीन का सही रेट बताया जाए और उन्हें सही मुआवजा दिया जाए। तभी वह अपनी जमीन की रजिस्ट्री करेंगे। इस मौके पर ग्राम प्रधान प्रदीप, देवकीनंदन शुक्ला, बृजेश मिश्रा, संजय यादव, रविंद्र प्रसाद शुक्ल, इंद्रजीत यादव, नरेंद्र शुक्ल, चनौता, मंसीरा आदि उपस्थित थे।
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सठियांव संवाददाता के अनुसार, सर्किल रेट दुुगुना किए जाने की मांग को लेकर सठियांव विकास खंड के बस्ती गांव के किसानों ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का विरोध शुरू कर दिया है। रविवार को सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करवाने पहुंचे राजस्वकर्मियों को खरीखोटी सुनाते हुए किसानों ने समस्या बताई। उनका कहना है कि सठियांव के लोगों को ज्यादा मुआवजा मिल रहा है जबकि महज चार किमी दूर स्थित बस्ती क्षेत्र के लोगों को कम रेट पर मुआवजा दिया जा रहा है। कानूनगो विनय कुमार सिंह के अनुसार बस्ती गांव के लगभग 130 किसानों की कृषि योग्य भूमि समाजवादी एक्सप्रेस वे में निकल रही है।
शासन कृषकों को सर्किल रेट का चार गुना अर्थात एक करोड़ 32 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से दिया जाना है, जो किसानों को मंजूर नहीं है। उनका आरोप है कि सठियांव में सर्किल रेट दोगुना हैं और चार किमी की दूरी पर स्थित बस्ती का क्यों कम है। इससे एसडीएम सदर को अवगत कराया गया है। किशोर राम, लौटू राम, रामअवध, नीरज राय, अनुज राय, सौरभ, मनोज, जयराम आदि लोगों ने कहा कि हम रजिस्ट्री नहीं करेंगे प्रशासन जबर्दस्ती करवा ले। कृषकों की जिद के आगे प्रशासनिक अधिकारियों को वापस होना पड़ा।
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अहरौला संवाददाता के अनुसार, विकास खंड के खानपुर चंदू गांव के किसानों ने एसडीएम के बुलाने पर जमीन रजिस्ट्री करने से रविवार को इंकार कर दिया। इस दौरान किसानों ने बैठक कर आगे की रणनीति बनाई। राजस्व कर्मी किसानों को सर्किल रेट से चार गुना जमीन का मुआवजा देने की बात कर रहे हैं। एक बिस्वा जमीन की कीमत एक लाख रुपये राजस्व कर्मियों ने लगाई है लेकिन चार लाख रुपये विस्वा जमीन की कीमत लेने पर अड़े हैं।
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किसानों का कहना है कि गांव में ही एक लाख रुपये बिस्वा पर जमीन बिक रही है। तहसील अपना रेट 25 हजार रुपये बिस्वा बता रहा है। पिछले शनिवार को तहसील फूलपुर से एसडीएम दिवाकर सिंह, कानूनगो बनारसी लाल और चार लेखपाल गांव में पहुंचे। जिन किसानों की जमीन जा रही है उनसे शपथ पत्र भरवाए और उन्हें जमीन रजिस्ट्री के लिए सोमवार को तहसील पर बुलाए। मगर किसानों को जमीन का मुआवजा किस रेट में मिलेगा यह नहीं बताए। किसानों का आरोप है कि जमीन का सही रेट बताया जाए और उन्हें सही मुआवजा दिया जाए। तभी वह अपनी जमीन की रजिस्ट्री करेंगे। इस मौके पर ग्राम प्रधान प्रदीप, देवकीनंदन शुक्ला, बृजेश मिश्रा, संजय यादव, रविंद्र प्रसाद शुक्ल, इंद्रजीत यादव, नरेंद्र शुक्ल, चनौता, मंसीरा आदि उपस्थित थे।
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सठियांव संवाददाता के अनुसार, सर्किल रेट दुुगुना किए जाने की मांग को लेकर सठियांव विकास खंड के बस्ती गांव के किसानों ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का विरोध शुरू कर दिया है। रविवार को सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करवाने पहुंचे राजस्वकर्मियों को खरीखोटी सुनाते हुए किसानों ने समस्या बताई। उनका कहना है कि सठियांव के लोगों को ज्यादा मुआवजा मिल रहा है जबकि महज चार किमी दूर स्थित बस्ती क्षेत्र के लोगों को कम रेट पर मुआवजा दिया जा रहा है। कानूनगो विनय कुमार सिंह के अनुसार बस्ती गांव के लगभग 130 किसानों की कृषि योग्य भूमि समाजवादी एक्सप्रेस वे में निकल रही है।
शासन कृषकों को सर्किल रेट का चार गुना अर्थात एक करोड़ 32 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से दिया जाना है, जो किसानों को मंजूर नहीं है। उनका आरोप है कि सठियांव में सर्किल रेट दोगुना हैं और चार किमी की दूरी पर स्थित बस्ती का क्यों कम है। इससे एसडीएम सदर को अवगत कराया गया है। किशोर राम, लौटू राम, रामअवध, नीरज राय, अनुज राय, सौरभ, मनोज, जयराम आदि लोगों ने कहा कि हम रजिस्ट्री नहीं करेंगे प्रशासन जबर्दस्ती करवा ले। कृषकों की जिद के आगे प्रशासनिक अधिकारियों को वापस होना पड़ा।