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Azamgarh News: कुंटू की पत्नी वंदना सिंह ने कोर्ट में किया सरेंडर
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आजमगढ़। प्रदेश के टॉपटेन अपराधियों में शामिल कुख्यात ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू सिंह की पत्नी वंदना सिंह ने अंतत: शुक्रवार को दीवानी न्यायालय के कोर्ट संख्या 24 में आत्मसमर्पण कर दिया। न्यायालय ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में लेते हुए जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया।
कुख्यात कुंटू सिंह के अपराध का ग्राफ काफी बड़ा है। हत्या, लूट, छिनैती समेत अन्य सभी प्रकार के अपराधों में उसका नाम शामिल है। प्रदेश सरकार ने उसे प्रदेश के टॉपटेन सूची में शामिल कर रखा है।
कुंटू अपराध की दुनिया में तो काफी समय से शामिल रहा है, लेकिन 19 जुलाई 2013 को पूर्व विधायक सर्वेश सिंह सीपू की हत्या के बाद वह चर्चा में आ गया। घटना के कुछ ही दिन बाद शहर कोतवाली पुलिस ने कुंटू को गिरफ्तार कर लिया। 17 मई 2022 को कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई। तब से कुंटू जेल की सलाखों के पीछे है। अपराध की कमाई से उसने कई विद्यालय भी स्थापित किए। जिसका प्रबंधक उसने अपनी पत्नी वंदना सिंह को बनाया। वंदना पर फर्जीवाड़ा कर स्कूलों की मान्यता लेने समेत कई मुकदमे दर्ज हैं। इतना ही नहीं वंदना सिंह पर तत्कालीन एसपी सुधीर कुमार सिंह ने 25 हजार का इनाम भी घोषित किया था। पुलिस उनकी तलाश में लगातार जुटी रही लेकिन वंदना सिंह को गिरफ्तार नहीं कर सकी। शुक्रवार को वंदना सिंह दीवानी न्यायालय के कोर्ट संख्या 24 में न्यायाधीश हर्ष आनंद के समक्ष पेश होकर आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट ने भी वंदना सिंह को न्यायिक अभिरक्षा में लेते हुए जेल भेज दिया।
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कुख्यात कुंटू सिंह के अपराध का ग्राफ काफी बड़ा है। हत्या, लूट, छिनैती समेत अन्य सभी प्रकार के अपराधों में उसका नाम शामिल है। प्रदेश सरकार ने उसे प्रदेश के टॉपटेन सूची में शामिल कर रखा है।
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कुंटू अपराध की दुनिया में तो काफी समय से शामिल रहा है, लेकिन 19 जुलाई 2013 को पूर्व विधायक सर्वेश सिंह सीपू की हत्या के बाद वह चर्चा में आ गया। घटना के कुछ ही दिन बाद शहर कोतवाली पुलिस ने कुंटू को गिरफ्तार कर लिया। 17 मई 2022 को कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई। तब से कुंटू जेल की सलाखों के पीछे है। अपराध की कमाई से उसने कई विद्यालय भी स्थापित किए। जिसका प्रबंधक उसने अपनी पत्नी वंदना सिंह को बनाया। वंदना पर फर्जीवाड़ा कर स्कूलों की मान्यता लेने समेत कई मुकदमे दर्ज हैं। इतना ही नहीं वंदना सिंह पर तत्कालीन एसपी सुधीर कुमार सिंह ने 25 हजार का इनाम भी घोषित किया था। पुलिस उनकी तलाश में लगातार जुटी रही लेकिन वंदना सिंह को गिरफ्तार नहीं कर सकी। शुक्रवार को वंदना सिंह दीवानी न्यायालय के कोर्ट संख्या 24 में न्यायाधीश हर्ष आनंद के समक्ष पेश होकर आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट ने भी वंदना सिंह को न्यायिक अभिरक्षा में लेते हुए जेल भेज दिया।
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