UP: पूर्वांचल के कई जिलों में ठगी करने वाले अंतरराज्यीय टप्पेबाज गैंग का सरगना मुठभेड़ में घायल, पांच गिरफ्तार
Azamgarh News: आजमगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। पुलिस मुठभेड़ में पूर्वांचल के कई जिलों में ठगी करने वाले अंतरराज्यीय टप्पेबाज गैंग का सरगना घायल हुआ। इस दौरान पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
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आजमगढ़ जिले के सिधारी थाना पुलिस ने मंगलवार तड़के मुठभेड़ के दौरान आजमगढ़ सहित कई जनपदों में ठगी और चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले अंतरराज्यीय टप्पेबाज गैंग के सरगना समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान पुलिस पर फायरिंग कर भाग रहे गैंग के सरगना के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।
सीओ शुभम तोदी ने बताया कि प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ छतवारा चौराहे पर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि दवा बेचने की आड़ में ठगी करने वाला गिरोह कार से खेमऊपुर होते हुए इटौरा मार्ग से आजमगढ़ की ओर आ रहा है।
सूचना पर पुलिस ने खेमऊपुर रोड स्थित नहर पुलिया पर घेराबंदी कर वाहन को रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देखकर वाहन सवार भागने लगे। आरोप है कि इसी दौरान एक बदमाश ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। आत्मसमर्पण की चेतावनी के बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी।
घायल आरोपी की पहचान मुरादाबाद जिले के भोजपुर थाना क्षेत्र के वाकरपुर अटायन निवासी ध्यान सिंह के रूप में हुई। उसके साथ छत्रपाल (उधमसिंह नगर, उत्तराखंड), कुलदीप, राजा और सरिता सिंह को भी गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका एक गिरोह है, जो गांव और शहरों में दवा बेचने के बहाने लोगों से संपर्क करता था। वे यौन रोग और कमजोरी का डर दिखाकर लोगों को झांसे में लेते और नकली दवाएं देकर मोटी रकम वसूलते थे। आरोपियों ने दो अगस्त को पवई क्षेत्र की एक दुकान से करीब पांच हजार रुपये चोरी करने की बात भी स्वीकार की।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक तमंचा, कारतूस, तीन हजार रुपये नकद, एक आधार कार्ड, विभिन्न दवाखानों के 12 विजिटिंग कार्ड तथा एक कार बरामद की है। इस संबंध में सिधारी थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आर्म्स एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। सीओ सिटी शुभम तोदी ने बताया कि गैंग के सरगना ध्यान सिंह के खिलाफ पहले से लखनऊ, सिधारी और पवई थानों में ठगी, धोखाधड़ी और अन्य मामलों के तीन मुकदमे दर्ज हैं। अन्य गिरफ्तार आरोपियों का कोई आपराधिक इतिहास सामने नहीं आया है।