रिश्तों से रिसा खून: पिता और भाई की हत्या कर थाने पहुंचा, बोला- मैंने ही दोनों को मारा, परिवार में मचा कोहराम
इस घटना से परिवार में कोहराम मचा है। पुलिस जांच में जुटी है। एसओ संजय कुमार का कहना है कि आरोपी हिरासत में है, पूछताछ जारी है।
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आजमगढ़ में कप्तानगंज थाना क्षेत्र के धनधारी गांव में मंगलवार रात 8:30 बजे एक युवक ने अपने पिता व छोटे भाई को गोली मार दी। परिवार की एक महिला भी गोली लगने से घायल हो गई। तीनों को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद पिता-पुत्र को मृत घोषित कर दिया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी कप्तानगंज थाने पहुंच गया और खुद को पुलिस के हवाले कर दिया। घटना के पीछे पारिवारिक विवाद बताया जा रहा है।
धनधारी गांव निवासी मनोज कुमार सिंह की मंगलवार रात 8:30 बजे पिता शिव नारायण सिंह व छोटे भाई मनीष कुमार सिंह से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इस दौरान मनोज ने छोटे भाई मनीष को गोली मार देने की धमकी दी और असलहा निकाल लिया। बीच-बचाव में पिता शिवनारायण आगे आए तो मनोज द्वारा चलाई गई गोली का शिकार हो गए। इसके बाद मनीष बड़े भाई मनोज को पकड़ने के लिए झपटा तो मनोज ने मनीष पर गोली चला दी। मनीष के साथ परिवार की महिला अवधराजी को भी गोली लग गई।
घटना को अंजाम देने के बाद मनोज सीधे कप्तानगंज थाने पर पहुंचा और पुलिस को घटना की जानकारी देने के साथ ही खुद को उनके हवाले कर दिया। इधर, ग्रामीण तीनों घायलों को लेकर सीएससी रानीपुर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए पिता-पुत्र व महिला को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद पिता-पुत्र को मृत घोषित कर दिया। वहीं, महिला अवधराजी को इलाज के लिए भर्ती कर लिया गया। कप्तानगंज थाना पुलिस ने पिता पुत्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पिता से अलग घर बनवाने के लिए मांग रहा था जमीन
कप्तानगंज थाना क्षेत्र के धनधारी गांव में मंगलवार की रात 8:30 हुई घटना में जायदाद को लेकर घटना होने की बात कही जा रही है। पुलिस को दिए गए बयान में आरोपी मनोज सिंह ने बताया कि उसके छोटे भाई ने उसके साथ बदतमीजी की। जिसके कारण उसने गोली मारी।
एसपी अनुराग आर्य ने बताया कि धनधारी गांव निवासी मनोज कुुुमार सिंह सेना में था। सेना से रिटायर हो कर वह घर आया था। जबकि मनीष जो उसका चचेरा भाई था। मनोज के पिता और माता ने उसे गोद ले रखा था। मनोज के पिता शिव नारायण सिंह भी फौज से रिटायर थे। पूछताछ में मनोज ने बताया कि पिता की सारी पेंशन मनीष लेता था। खेत में हुई खेत में उत्पन्न होने वाले अनाज पर भी वह हक जताता था।
सरसों को लेकर कई दिन से विवाद चल रहा था। मंगलवार की शाम को बातचीत के दौरान मनीष ने मनोज के साथ बदतमीजी कर दी। फिर क्या था मनोज ने अपना लाइसेंसी निकालकर उसे गोली मार दी। इसके बाद उसने अपने पिता और चाची को भी गोली मारी। इसके बाद थाने आ गया। एसपी ने कहा कि अभी आरोपी से पूछताछ की जा रही है।